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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार; 7 पर्वतीय सुरंगों में से 3 का निर्माण पूरा, 74 किलोमीटर क्षेत्र में पियर तैयार: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब तेजी से आकार ले रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की एक झलक साझा करते हुए बताया कि देश की महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर तेज गति से कार्य जारी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो संदेश के माध्यम से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह निर्माण कार्य ठाणे जिले के शिलफाटा से लेकर महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित जरोली गांव तक फैले 135.45 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा है।

यह सेक्शन बुलेट ट्रेन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विविध भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक क्षेत्रों को जोड़ते हुए भारत के पहले हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगा। परियोजना के तहत कुल 124.027 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट और पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रेन का संचालन निर्बाध और उच्च गति से संभव हो सकेगा।

परियोजना के तहत महाराष्ट्र में ठाणे, विरार और बोइसर में तीन आधुनिक एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें ठाणे स्टेशन को विशेष पर्यावरणीय दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किया गया है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, ठाणे स्टेशन का कॉनकोर्स स्तर प्राकृतिक भूमि स्तर से लगभग 12 मीटर ऊपर बनाया जा रहा है ताकि क्षेत्र के संवेदनशील मैंग्रोव वन सुरक्षित रह सकें और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि परियोजना के निर्माण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 100 किलोमीटर से अधिक लंबाई में पियर (पिलर) निर्माण का काम जारी है और लगभग 74 किलोमीटर क्षेत्र में पियर तैयार हो चुके हैं, जहां अब वायाडक्ट गर्डर स्थापित किए जा रहे हैं।

निर्माण कार्य को गति देने के लिए महाराष्ट्र में 9 कास्टिंग यार्ड, 7 फुल-स्पैन लॉन्चिंग गैंट्री और 8 स्पैन-बाय-स्पैन लॉन्चिंग गैंट्री सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के उपयोग से परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

बुलेट ट्रेन मार्ग में कुल 7 पर्वतीय सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से 3 सुरंगों में ब्रेकथ्रू (दोनों सिरों को जोड़ने का कार्य) पूरा हो चुका है।

इन सुरंगों में अब ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और टनल लाइनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

सरकार के अनुसार, यह परियोजना भारतीय रेलवे इतिहास की सबसे जटिल और उन्नत इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है।

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण नदी पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिनमें उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 2.32 किलोमीटर और जगानी नदी पर 510 मीटर लंबा पुल शामिल है।

इसके अलावा, परियोजना में कुल 36 पुल और क्रॉसिंग बनाई जा रही हैं, जिनमें 12 स्टील ब्रिज भी शामिल हैं, जो प्रमुख रेलवे लाइनों, उल्हास नदी, मुंबई-नासिक हाईवे और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को पार करेंगे।

रेल मंत्रालय के अनुसार, ठाणे और पालघर में चल रहा निर्माण कार्य भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की विशालता और इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आधुनिक भारत के विजन तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में देश में अगली पीढ़ी के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरा होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल होगा, जहां अत्याधुनिक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क उपलब्ध होगा। यह परियोजना न केवल यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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यूपी की 60 प्लस महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा, रोडवेज बसों में अब आजीवन मुफ्त सफर

उत्तर प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. सरकार के इस फैसले से प्रदेश की लाखों वरिष्ठ महिलाओं को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है.

‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ के तहत मिलेगा लाभ

इस सुविधा को ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ के तहत लागू किया जाएगा. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक, 60 साल से अधिक उम्र की महिलाएं परिवहन निगम की सभी बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. इसके लिए राज्य के 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में भी प्रावधान किया गया है.

सरकार ने इस योजना के लिए रोडवेज को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को मुफ्त यात्रा का लाभ मिले और परिवहन निगम पर इसका पूरा आर्थिक बोझ न पड़े.

लाखों बुजुर्ग महिलाओं को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का मानना है कि यह सुविधा वरिष्ठ महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित होगी. खासकर ऐसी महिलाएं, जिन्हें परिवार, स्वास्थ्य, सामाजिक कार्यक्रमों या धार्मिक यात्राओं के लिए अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान जाना पड़ता है, उन्हें अब किराए की चिंता नहीं करनी होगी.

मुफ्त बस यात्रा से ग्रामीण और छोटे शहरों में रहने वाली महिलाओं को भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की वरिष्ठ महिलाओं के लिए यह सुविधा अतिरिक्त राहत दे सकती है.

यात्रा के लिए दिखाना होगा पहचान पत्र

मुफ्त यात्रा का लाभ लेने के लिए उम्र की पुष्टि जरूरी होगी. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, महिला यात्रियों को आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज दिखाने होंगे. इन दस्तावेजों के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्री निर्धारित आयु सीमा यानी 60 वर्ष या उससे अधिक की है. इस व्यवस्था का उद्देश्य योजना का लाभ सही पात्र महिलाओं तक पहुंचाना है.

सभी रोडवेज बसों में लागू होगी सुविधा

इस योजना की खास बात यह है कि मुफ्त यात्रा को किसी एक सीमित रूट या बस श्रेणी तक रखने की बात नहीं कही गई है. सरकार के अनुसार, पात्र महिलाएं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सभी बसों में इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगी. इससे राज्य के भीतर लंबी दूरी की यात्रा करने वाली वरिष्ठ महिलाओं को भी काफी राहत मिलने की संभावना है.

रक्षाबंधन पर सभी महिलाओं को भी मुफ्त सफर

60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए स्थायी सुविधा के अलावा रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की महिलाओं को अलग से मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जा रही है. परिवहन निगम की बसों में 27 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने की जानकारी सामने आई है.

यानी इस बार त्योहार के दौरान महिलाओं के लिए विशेष यात्रा सुविधा और वरिष्ठ महिलाओं के लिए स्थायी योजना, दोनों का लाभ देखने को मिलेगा.

पुराना वादा अब जमीन पर उतरा

60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कराने का वादा पहले भी किया गया था. वर्ष 2022 में इस संबंध में घोषणा की गई थी. अब 2026 में इसे लागू करने की दिशा में औपचारिक कदम उठाया गया है. सरकार इसे महिलाओं के सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देख रही है.

क्यों अहम है यह फैसला?

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सार्वजनिक परिवहन वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. खासकर उन महिलाओं के लिए जिनके पास निजी वाहन या वैकल्पिक परिवहन की सुविधा नहीं है, मुफ्त रोडवेज यात्रा सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर मददगार हो सकती है.

अब योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र महिलाओं तक इसकी जानकारी पहुंचाना अहम होगा. अगर व्यवस्था सुचारू रहती है, तो यह सुविधा प्रदेश की वरिष्ठ महिलाओं के लिए लंबे समय तक आर्थिक राहत और आसान आवागमन का बड़ा माध्यम बन सकती है.

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ICC की कार्रवाई: Prabhat Jayasuriya ने भारत के खिलाफ खोया आपा, मैदान पर तोड़फोड़ के बाद मिली सख्त सजा

श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या के लिए भारत के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान हुई एक घटना भारी पड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है। जयसूर्या पर मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण के अनुचित इस्तेमाल से जुड़े नियम का उल्लंघन करने के लिए आधिकारिक फटकार लगाई गई है और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक नकारात्मक अंक भी जोड़ा गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार 24 अगस्त को दिन के खेल की आखिरी गेंद के बाद हुई। जयसूर्या दिन की अंतिम गेंद पर आउट हुए थे। पवेलियन लौटते समय उन्होंने बल्ले से सीमा रेखा के पास लगे सुरक्षा अवरोधकों पर प्रहार किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इसे क्रिकेट उपकरण या मैदान से जुड़े सामान के अनुचित इस्तेमाल के नियम के दायरे में माना है।

जयसूर्या पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की आचार संहिता की धारा 2.2 के तहत कार्रवाई की गई है। यह प्रावधान अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़ों या मैदान से जुड़े सामान और सुविधाओं के दुरुपयोग से संबंधित है। जयसूर्या ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।

यह जयसूर्या का पिछले 24 महीनों में पहला ऐसा अपराध है। इसी वजह से उन्हें केवल आधिकारिक फटकार और एक नकारात्मक अंक की सजा दी गई है। मैदान पर मौजूद अंपायर एहसान रजा, शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर रॉड टकर और चौथे अंपायर प्रगीथ रम्बुकवेला ने जयसूर्या के खिलाफ आरोप लगाए थे।

गौरतलब है कि कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की कार्रवाई का सामना करने वाले जयसूर्या तीसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारत के यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के असिथा फर्नांडो पर भी पहले दिन की घटना के बाद कार्रवाई की जा चुकी है। दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक नकारात्मक अंक जोड़ा गया था।

पहले दिन भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में असिथा फर्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को आउट किया था। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ कहासुनी हुई। यशस्वी फर्नांडो की ओर बढ़े और दोनों के बीच बातचीत हुई। इसी दौरान फर्नांडो ने अपना सिर यशस्वी की ओर बढ़ाया। जवाब में यशस्वी भी आगे झुके और दोनों के सिर आपस में टकरा गए थे।

बता दें कि भारत और श्रीलंका के बीच यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र का हिस्सा है। मैच में पहले ही अनुशासन से जुड़े कई मामले सामने आने के कारण खिलाड़ियों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की निगरानी बढ़ी हुई है। जयसूर्या पर हुई कार्रवाई के बाद कोलंबो टेस्ट में अब तक तीन खिलाड़ी आचार संहिता के उल्लंघन के लिए दंडित किए जा चुके हैं।
Tue, 25 Aug 2026 21:48:00 +0530

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