'काम को देखकर वोट दें, नेताओं के वादों पर नहीं, दनकौर की रैली में बोले BSP के नेशनल कोऑर्टिनेटर आकाश आनंद
BSP Rally: बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा का विगुल फूंक दिया. बसपा ने भी बीजेपी और समाजवादी पार्टी की तरह गौतमबुद्ध नगर से मिशन 2027 का आगाज किया. बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने ग्रेटर नोएडा के दनकौर में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे उत्तर प्रदेश में पिछले 10 साल से बीजेपी की सरकार है. इस सरकार ने सिर्फ विज्ञापनों से अपनी कमियों को छिपाने का काम किया है. आकाश आनंद ने कहा कि उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश, शिक्षित उत्तर प्रदेश, सुरक्षित उत्तर प्रदेश का विज्ञापन दिया.
मैं सरकार की कमियां गिनवाने नहीं आया- आकाश आनंद
बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा कि मैं सरकार की कमियां गिनवाने नहीं आया हूं मैं सिर्फ अपने लोगों की समस्याएं यहां रखना चाहता हूं. पिछले दस सालों में 7 हजार करोड़ से ज्यादा से सरकार ने अपनी नाकामिया छिपाई हैं. हमारी माताएं-बहनें, बुजुर्ग और युवा साथियों आप सबको समझना होगा कि पिछले दस साल में आपके टेक्स के पैसों से कमियां छिपाने का काम किया है.
'अपनी कमजोरियां छिपाने के लिए पैसे खर्च कर रही सरकार'
आकाश आनंद ने कहा कि अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए सरकार के पास पैसे हैं लेकिन झांसी के सरकारी अस्पताल में 10 से ज्यादा बच्चे जलकर मौत के घाट उतर गए उनके लिए अफसोस करने के अलावा कुछ नहीं. बीएसपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा कि 7000 करोड़ से अपनी कमियां छिपा सकते हैं लेकिन झांसी में 10 से ज्यादा बच्चे जो जलकर मर गए उनके लिए सिर्फ अफसोस कर सकते हैं.
10 साल में 10 से ज्यादा पेपर लीक हुए- आकाश आनंद
आकाश आनंद ने आगे कहा कि यूपी में चार लाख से ज्यादा सरकारी पद खाली पड़े हैं, उनको भरने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है? उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञापन में खर्च तो करती है लेकिन आपके बच्चों को नौकरी नहीं दे सकती. उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में 10 से ज्यादा पेपर लीक हुए, जो पैसे एडवरटाइजेंट पर खर्च किए उसमें से कुछ पैसे बच्चों के पेपर में लगा देते तो शायद आज काफी बच्चे परीक्षा पास कर सरकारी नौकरियों में लगे होते.
'दस साल में सुरक्षित नहीं हो पाईं हमारी माताएं-बहनें'
आकाश आनंद ने कहा कि पिछले 10 साल में सरकार न हमारी माताओं-बहनों को सुरक्षित रख पाई, ना ही हमारे युवाओं को नौकरी दे पाई और ना ही हमारे लोगों के बच्चों को शिक्षा दे पाई. बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा कि आपको सरकार और उसके नेताओं की हकीकत जानना जरूरी है क्योंकि विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और ये लोग फिर से आपके सामने झूठे वायदे लेकर आएंगे. फर्जी मैनेफेस्टो दिखाएंगे और आपसे वोट मांगेंगे, लेकिन इस बार आपको यूंही आंख बंदकर इनकी बातों पर विश्वास नहीं करना.
चुनाव में मांगेंगे सरकार ने दस साल का हिसाब- आकाश आनंद
आकाश आनंद ने कहा कि पिछले 10 साल का हिसाब अब हम विधानसभा चुनाव में सरकार से मांगने वाले हैं. उन्होंने कहा कि यूपी में पिछले दस साल देशभर में सबसे ज्यादा हत्याएं हुई हैं. महिलाओं के खिलाफ अपराध होते रहे. आकाश आनंद ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल 10 हजार से ज्यादा अपहरण, जबरन वसूली और छीना छपटी के मामले दर्ज किए गए हैं.
सच्चे क्षत्रिय थे उमाशंकर- बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर
आकाश आनंद ने कहा कि हमारी पार्टी ने अपने शासन काल में सभी काम करके दिखाए. उन्होंने कहा कि बीएसपी ऐसे ही अपने आपको सर्वसमाज की पार्टी नहीं कहती हम इस पर अमल भी करते हैं. उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले उमाशंकर जी का निधन हो गया, वे बीएसपी के विधायक रहे और बहन मायावती के छोटे भाई भी थे और एक सच्चे क्षत्रिय भी थे. उन्होंने जीवन के आखिरी समय तक मायावती जी का साथ नहीं छोड़ा.
नेताओं के वादों पर वोट न दें- आकाश आनंद
उन्होंने कहा कि बहुत मुश्किलें आईं. सपा की सरकार में इस सरकार में भी उन्हें बहुत परेशान किया गया, झूठे मुकदमे लगाए गए. लेकिन वे चट्टान की तरह बहनजी (मायावती) के साथ खड़े रहे. असली ठाकुर थे वो. बाकी के मौकों पर कौन कितना पाला बदलता है ये हमारे यूपी के लोग ठीक से जानते हैं सतीश चंद्र मिश्रा जी भी हमेशा बहनजी के साथ खड़े रहे, फिर चाहे कितना भी बुरा समय रहा. उन्होंने कभी भी पार्टी को धोखा नहीं दिया. आकाश आनंद ने कहा कि इसलिए नेताओं का काम को देखकर वोट दें उनके वादों और मैनीफेस्टों को देखकर नहीं
पाकिस्तान: अस्पताल के शौचालय में नवजात का जन्म, स्वास्थ्य महकमे की बदहाली पर उठे सवाल
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। कराची के जाने-माने अस्पताल जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी) में एक महिला ने शौचालय में नवजात को जन्म दिया। इस घटना के बाद पाकिस्तान के लचर पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को लेकर सवाल आक्रामक और तीखे हो गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने इलाज में बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर दिया है।
द पाक ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और इसने लेबर (प्रसव) के दौरान महिला के साथ किए गए बर्ताव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खबरों के मुताबिक, जांच में इस केस को डील करने में कमियां पाई गईं। इनमें यह बात भी शामिल है कि प्रसव पीड़ा के बावजूद गर्भवती को चलने-फिरने के लिए कहा गया और आखिरकार उसने अस्पताल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया।
रिपोर्ट सवाल पूछती है कि क्या महिला की तुरंत जांच की गई थी? क्या प्रसव के दौरान देखभाल के बुनियादी नियमों का पालन किया गया था?
लेबर पेन तेजी से बढ़ता है और इसके लिए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा के लिए समय पर जांच और लगातार निगरानी बहुत जरूरी होती है।
इस घटना ने पाकिस्तान के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम की एक बड़ी समस्या की ओर भी ध्यान खींचा है। बड़े सरकारी अस्पतालों में बहुत ज्यादा मरीज आते हैं।
कई मरीज सरकारी सेवा पर आश्रित होते हैं; वे प्राइवेट इलाज का खर्च नहीं उठा सकते या उनके इलाके में अच्छी हेल्थकेयर सुविधाएं नहीं होतीं। डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ अक्सर बहुत ज्यादा दबाव में काम करते हैं, जबकि भीड़ और स्टाफ व संसाधनों की कमी चुनौतियों को और बढ़ा देती है।
हालांकि, हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स और जानकारों का लंबे समय से यह कहना रहा है कि सिर्फ काम की मुश्किल स्थितियों को मरीजों की बुनियादी देखभाल में नाकामी की वजह नहीं माना जा सकता।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मरीजों को समय पर और सही इलाज मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल का बेहतर मैनेजमेंट, सही देखरेख, स्पष्ट प्रक्रिया और जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी हैं।
ये चुनौतियां बड़े शहरों के बाहर ज्यादा गंभीर हैं, जहां प्रशिक्षित डॉक्टर, जांच की सुविधाएं और स्पेशलिस्ट सेवाएं आसानी से नहीं मिल पातीं। गंभीर बीमारियों या गर्भावस्था से जुड़े मामलों में मरीजो को बड़े अस्पतालों (टर्शियरी-केयर हॉस्पिटल) तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है; कई बार वे तब पहुंचते हैं जब उनकी हालत और ज्यादा बिगड़ चुकी होती है और उसका इलाज करना मुश्किल हो जाता है।
--आईएएनएस
केआर/
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