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Maharashtra Govt का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: irregular Deputation नियुक्तियां रद्द, 10 सितंबर तक वापसी का Order

महाराष्ट्र सरकार ने तय प्रक्रिया का पालन किए बिना, डेपुटेशन, लोन बेसिस या ज़ुबानी आदेशों के ज़रिए मंत्री कार्यालयों और राज्य विभागों में की गई नियुक्तियों को तुरंत रद्द करने का आदेश दिया है। मंगलवार को जारी एक सर्कुलर में, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 10 सितंबर तक उनके मूल कार्यालयों में वापस भेज दिया जाए। सर्कुलर में कहा गया है कि ये नियुक्तियां ज़रूरी मंज़ूरी के बिना की गई थीं और इनसे मंत्रालय के कामकाज और स्थापित प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ा है। इसमें भविष्य की नियुक्तियों के लिए सख़्त नियम भी तय किए गए और चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमित नियुक्ति पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

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सर्कुलर के अनुसार, इस तरह से बड़ी संख्या में टेक्निकल कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें डॉक्टर, स्टेनोग्राफर, शिक्षक और इंजीनियर शामिल थे। उनमें से कई के पास मिनिस्ट्रियल काम के लिए ज़रूरी ट्रेनिंग या अनुभव नहीं था। सर्कुलर में कहा गया है कि ये नियुक्तियां संबंधित मिनिस्ट्रियल विभाग, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (सामान्य प्रशासन/सेवाएं), चीफ सेक्रेटरी और मुख्यमंत्री की मंज़ूरी लिए बिना की गई थीं। सरकार ने कहा कि ऐसी नियुक्तियों की वजह से कर्मचारियों को लेने वाले ऑफिस और मूल ऑफिस, दोनों के लिए खाली पदों को भरना मुश्किल हो गया, जिससे मूल विभागों के कामकाज पर असर पड़ा और प्रशासनिक दिक्कतें पैदा हुईं। सरकार ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में जो ट्रेनिंग मिली थी, वह बेकार जा रही थी।

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सर्कुलर में एक और चिंता यह जताई गई थी कि डेपुटेशन पर या ज़ुबानी निर्देशों के ज़रिए की गई नियुक्तियों में ईमानदारी के सर्टिफ़िकेट, चरित्र सर्टिफ़िकेट, गोपनीय रिपोर्ट, विभागीय जांच और सेवा से जुड़े दूसरे मामलों की कोई जांच-पड़ताल नहीं की जाती थी, जबकि मिनिस्ट्रियल काम प्रशासनिक और बहुत संवेदनशील होता है। सर्कुलर में उन रिटायर हो चुके अधिकारियों और कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने को भी गलत बताया गया है जो ऐसे कैडर से जुड़े थे जिन्हें अब खत्म कर दिया गया है या जिन्हें "डाइंग कैडर" (खत्म हो रहे कैडर) घोषित किया गया है। ऑफिस के प्रमुखों और ड्रॉइंग एंड डिसबर्सिंग अधिकारियों से कहा गया है कि वे 15 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करें और कन्फर्म करें कि जिन अधिकारियों की नियुक्ति रद्द की गई थी, वे अपने मूल ऑफिस में वापस आ गए हैं। अगर कोई कर्मचारी मूल ऑफिस में रिपोर्ट नहीं करता है, तो संबंधित ऑफिस को उसकी सैलरी रोकने के लिए कहा गया है।

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India vs Sri Lanka Test: Prasidh Krishna और Manav Suthar की घातक गेंदबाजी से बैकफुट पर श्रीलंका, जीत के करीब Team India

भारत और श्रीलंका के बीच जारी दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए। बारिश के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई है।

भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 45 और रवींद्र जडेजा ने 43 रन का उपयोगी योगदान दिया। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार विकेट हासिल किए हैं।

विशाल लक्ष्य के दबाव में उतरी श्रीलंकाई टीम को तीसरे दिन की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिल मिशारा को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों के बीच 87 रन की साझेदारी हुई, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर कामिंदु मेंडिस को पवेलियन भेजकर अपनी तीसरी सफलता हासिल कर ली।

गौरतलब है कि प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से भारतीय टीम के गेंदबाजी प्रशिक्षक मोर्ने मोर्केल भी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कृष्णा की मेहनत, विपक्षी टीम के बारे में जानकारी जुटाने की आदत और खेल को समझने की क्षमता की तारीफ की। मोर्केल के मुताबिक कृष्णा लंबे समय तक भारत के लिए शानदार गेंदबाज साबित होने की क्षमता रखते हैं।

इसके बाद मानव सुथार ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को आउट कर मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरे टेस्ट में अपना केवल दूसरा मुकाबला खेल रहे पसिंदु सूरियाबंडारा ने 133 गेंदों पर 80 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन सुथार ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोहम्मद सिराज ने निरोशन डिकवेला को चलता कर श्रीलंका को सातवां झटका दिया।

सोनल दिनूषा और केशरा नुवानथा ने इसके बाद पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 137 गेंदों पर 57 रन की साझेदारी हुई। हालांकि मानव सुथार ने नुवानथा को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। दिनूषा और लाहिरु कुमारा इसके बाद क्रीज पर टिके रहे और दोनों ने नाबाद 35 रन जोड़ लिए।

बारिश के कारण तीसरे दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। दिन खत्म होने तक श्रीलंका 230 रन के स्कोर पर आठ विकेट गंवा चुका था और भारत से काफी पीछे था। अब मेजबान टीम के सामने चौथे दिन सबसे बड़ी चुनौती पारी को बचाने की होगी।

इस बीच ऋषभ पंत की चोट को लेकर भी भारतीय खेमे से जानकारी सामने आई है। मोर्ने मोर्केल ने बताया कि पंत के कंधे पर चोट लगी है और वह काफी दर्द में थे। इसी वजह से तीसरे दिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल ने संभाली। हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि पंत चौथे दिन फिर विकेट के पीछे नजर आएंगे।

बता दें कि यह मुकाबला आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है और भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चौथे दिन श्रीलंका को भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती का सामना करना है।
Tue, 25 Aug 2026 22:40:00 +0530

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