भारत में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइज़री जारी की है और निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य अधिकारी देश भर में फैल रहे वायरस पर नज़र रख रहे हैं। दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2,308 मामले सामने आए हैं; यह संख्या पिछले सालों के औसत से लगभग आठ गुना ज़्यादा बताई जा रही है। मामलों में इस बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों के लिए एक एडवाइज़री जारी की है, जिसमें उन्हें सावधानी बरतने, खासकर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर एहतियात रखने की सलाह दी गई है।
ICMR के डायरेक्टर राजीव बहल ने मंगलवार को बताया कि फ्लू के लगभग 650 मामले भी दर्ज किए गए हैं। दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नज़र रख रहा है और सरकार का कहना है कि वह इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। सरकार ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं, साथ ही लोगों से स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय करने की अपील की गई है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें। जनता के लिए जारी सलाह में लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और सांस से जुड़ी स्वच्छता के बुनियादी नियमों का पालन करने को कहा गया है। राजीव बहल ने बताया कि कोविड महामारी के बाद से भारत का सर्विलांस सिस्टम मज़बूत हुआ है, जिससे अधिकारी देश में फैल रहे वायरस की पहचान रियल-टाइम में कर पाते हैं।
बहल ने कहा कि सबसे पहली बात यह है कि हमें कैसे पता चले कि कौन सा वायरस फैल रहा है। कोविड के बाद हमने भारत में हो रही गतिविधियों का रियल-टाइम में पता लगाने की अपनी क्षमता को काफ़ी बेहतर किया है। उन्होंने बताया कि सर्विलांस कई स्तरों पर होता है, जिसमें राज्यों से बार-बार होने वाले संक्रमण और लैबोरेटरी की रिपोर्ट मिलती हैं। बहल के अनुसार, पूरे भारत में 73 लैबोरेटरी इस सर्विलांस सिस्टम का हिस्सा हैं।
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