Swine Flu in Delhi: दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, कब लगवाएं वैक्सीन? जानें डॉक्टर से सभी सवालों के जवाब
Swine Flu in Delhi: बदलते मौसम में उमस भी बढ़ जाती है. उमस से लोगो. को सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ खांसी भी होती है. इन दिनों देश की राजधानी दिल्ली में भी इस वायरस के चलते मरीजों की संख्या बढ़ गई है. दिल्ली-NCR में इस वर्ष अब तक H1N1 के 1700 से ज्यादा कन्फर्म्ड केस सामने आ चुके हैं. वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी अब इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है. स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है जिसमें मरीज को फेफड़ों में संक्रमण होता है. यह सूअरों से फैलने वाला वायरस है, जो पहली बार भारत में वर्ष 2009 में पाया गया था. उस वर्ष यह स्वाइन फ्लू महामारी घोषित की गई थी. बताया जा रहा है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 8 गुना स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े हैं. आइए जानते हैं स्वाइन फ्लू से बचने के लिए वैक्सीनेशन लगवाने का सही समय क्या है.
कैसे होता है स्वाइन फ्लू?
एच1एन1 वायरस हमारे शरीर के अंदर रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट जैसे नाक, गले, आंख या मुंह से इंसान के शरीर में प्रवेश करता है. इसकी वजह से निमोनिया होता है. ज्यादा फैलने पर यह फेफड़ों को अपनी चपेट में ले लेता है. ये ड्रॉपलेट इंफेक्शन होता है. अगर किसी संक्रमित इंसान के खांसने से, छींकने से जो ड्रॉपलेट्स गिरते हैं, वो जब हवा में जाते हैं तो उसके दायरे में जो लोग भी आते हैं, उनसे यह वायरस फैलता है.
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डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
मेदांता हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजिस्ट और एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के अनुसार, स्वाइन फ्लू यानी H1N1 एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र और फेफड़ों को प्रभावित करता है. 2009 में इसका बड़ा प्रकोप देखने को मिला था और मानसून के मौसम में हर साल इसके मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है. इस साल इसके मामले ज्यादा बढ़े हैं. इसलिए, सतर्कता रखना जरूरी है.
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू में ज्यादातर मामलों में यह सामान्य फ्लू की तरह होता है और मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाता है. इसके लक्षणों में थकान, कमजोरी, सर्दी-खांसी, गले में खराश, उल्टी और डायरिया भी हो सकता है. इसमें लोगों को शरीर में सबसे ज्यादा दर्द होता है.
बीमारी को कैसे ठीक करें?
आमतौर पर इसमें आपको दवा और पर्याप्त आराम करना होता है. क्योंकि ये एक सेल्फ इम्युटिंग डिजीज है, जो रिकवरी के लिए 5 से 7 दिन ले सकता है. डॉक्टर की सलाह पर बुखार की दवा, सर्दी-खांसी की दवा लेने के साथ-साथ आराम करें और नींद लेने से स्वाइन फ्लू ठीक हो सकता है.
कैसे करें बचाव?
डॉक्टर कहते हैं कि इस दौरान पर्याप्त पानी पीना, आराम करना, हाथों को नियमित रूप से सैनिटाइज करना और आंखों व मुंह को बार-बार छूने से बचना जरूरी है. बाहर जा रहे हैं तो मास्क का प्रयोग करें.
H1N1 के वॉर्निंग साइन्स
एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर किसी मरीज को सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी-दस्त, शरीर में पानी की कमी, बहुत ज्यादा कमजोरी या बच्चे में सुस्ती जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ये सभी स्वाइन फ्लू के खतरनाक संकेत माने जाते हैं.
कब लगवाएं H1N1 वैक्सीन?
H1N1 फ्लू का टीका हर साल सर्दियों या फ्लू के मौसम शुरू होने से पहले लगवाया जाता है. आमतौर पर सितंबर से अक्टूबर महीने के बीच इसका टीका लगवाना सबसे अच्छा होता है. इसे साल में एक बार लगवाया जाता है क्योंकि इसका स्ट्रेन बार-बार बदल जाता है. ऐसे में उस नए स्ट्रेन का असर हमारे शरीर पर अलग-अलग तरीकों से हो सकता है. इसलिए, हर साल फ्लू का नया शॉट लगवान चाहिए.
क्या वैक्सीन लगवाने के बाद भी हो सकता है फ्लू?
जी हां, फ्लू की वैक्सीन लगवाने के बाद भी इंसान को फ्लू हो सकता है. हालांकि, वैक्सीन लगवाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि आपको दोबारा फ्लू होता भी है, तो बीमारी की गंभीरता बहुत रह जाती है. अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम कम रहता है और आप जल्दी फ्लू से ठीक हो जाते हैं.
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