अनूप जलोटा ने आधी उम्र की हसीना को किया डेट? बिग बॉस में आए साथ नजर, अब बताया चौथी शादी करेंगे या नहीं
Anup Jalota-Jalsleen Mathroo: फेमस भजन सम्राट अनूप जलोटा (Anup Jalota) अपने शानदार भजन को लेकर जाने जाते हैं. उनके भजन हर पीढ़ी के लोग सुनना पसंद करते हैं. वह सोशल मीडिया पर किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते हैं. इतना ही नहीं वह कई साल पहले अपने कथित अफेयर को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं. 73 साल के अनूप जलोटा का नाम 36 साल की जसलीन मथारू संग जुड़ा था. दोनों के अफेयर के चर्चे थे. अब उन्होंने जसलीन संग अपने रिश्ते का सच बताया है. उन्होंने हाल ही में एक बाच चीत में बताया कि कैसे उनकी और जसलीन की अफेयर की अफवाह उड़ी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया वह चौथी शादी करेंगे या नहीं. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा.
बिग बॉस 12 में जसलीन संग नजर आए थे अनूप जलोटा
दरअसल, अनूप जलोटा ने 'बिग बॉस 12' (Bigg Boss 12) में अपनी शिष्या जसलीन संग एंट्री की थी. उस दौरान जसलीन ने नेशनल टीवी पर ये दावा किया था कि वो और अनूप जलोटा रिश्ते में हैं. दोनों ने एक जोड़ी के तौर पर ही शो में एंट्री की थी. अपने से आधी उम्र की लड़की को डेट करने को लेकर उस समय काफी बवाल हुआ था. अनूप जलोटा और जसलीन को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी. अब भजन सम्राट अनुप जलोटा ने 'द निधि शो' में इस बारे में सब कुछ साफ किया है.
बिग बॉस में गए थे विचित्र जोड़ी बनकर
इंटरव्यू के दौरान अनुप जलोटा से जब बिग बॉस की जर्नी के बारे में पूछा गया कि वहां जाना आपके लिए सहज लम्हा था या असहज लंबा था, इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'मेरे लिए बिग बॉस में जाना बहुत ही नॉर्मल सी बात थी कि कुछ दिन वहां रह आऊं. मैंने बिग बॉस कभी देखा नहीं था और मैंने बाद में अपने एपिसोड भी नहीं देखे. मैं वहां सिर्फ डेढ़ महीना रहकर आया था. इसकी शुरुआत ऐसे हुई थी कि जसलीन मुझसे कभी-कभी गाना सीखने आती थी. उसने एक दिन आकर मुझसे कहा कि उसे बिग बॉस में बुलाया जा रहा है. मैंने उससे कहा था- अरे तुम्हारी तो लाइफ बन गई. बिल्कुल जाओ. जसलीन ने फिर मुझे बताया कि मेकर्स ने शर्त रखी है कि विचित्र जोड़ी बनकर आओ, तो आप मेरे साथ चलिए.
'जसलीन ने कहा था- हम दोनों का अफेयर चल रहा है'
'मैंने कहा था कि मुझे तो टाइम भी नहीं मिलता, फिर इसके पिता आए उन्होंने भी मुझसे कहा. फिर मैंने कहा कि चलो चलते हैं लेकिन गुरु-शिष्य बनकर जाएंगे. वो भी विचित्र जोड़ी है. मैंने बिग बॉस के मंच पर भजन गाया था और सलमान खान से कहा था कि मेरे साथ मेरी शिष्या ( स्टूडेंट) आई हैं. उसने अपना आइटम डांस दिखाया. उसके बाद वह बोली कि मेरा तो इनके साथ अफेयर चल रहा है. मैंने उससे कहा कि ये क्या कह दिया. ये तो कोई बात ही नहीं हुई. इसके बाद मैंने सोचा चलो अंदर चलते हैं. मुझे हाउस देखने था.
क्या जलोटा को अफेयर की बात से फर्क पड़ा?
इसके आगे अनूप जलोटा से पूछा गया कि आपको अफेयर की बात से फर्क नहीं पड़ा था क्या? इसपर उन्होंने कहा- नहीं, हमने सोचा था कि बाद में सभी को बता देंगे. ट्रोल होने से क्या ही फर्क पड़ता है.' अनूप जलोटा से आगे सवाल किया किया कि क्या उन्होंने जसलीन से पूछा था कि उन्होंने अफेयर की बात क्यों बोली? इसपर अनूप जलोटा बोले- 'मैंने कहा था कि ये क्या किया तुमने. वह बोली था कि इसी से ही कंट्रोवर्सी होती है. इसके बाद उन्होंने जलसीन से कहा था कि हो गया आपका, चलो अब अंदर रहकर आते हैं.'
कैसे खत्म हुई कॉन्ट्रोवर्सी
अनूप जलोटा आगे बोले, 'जब मैं डेढ़ महीने बाद बाहर आया, उस दिन मैं अपने घर सबुह चार बजे पहुंचा. उसके बाद मेरी मां ने पूछा था कि जसलीन कौन है? मेरे घर वाले उसे जानते ही नहीं थे. उसी दिन मैंने अपनी मां से कहा कि आज सब कुछ ठीक कर देता हूं. शाम के छह बजे मीडिया को बुलाया. इसके बाद जसलीन के पिता और मैंने मीडिया संग बातचीत में ये कहा था कि हम दोनों मिलकर जसलीन का कन्यादान करेंगे. तब ये कंट्रोवर्सी वही खत्म हो गई थी.' उन्होंने कहा , 'किसी ने हमको रेस्टोरेंट में बैठे नहीं देखा और ना ही किसी पार्टी में देखा. ना ही कभी फिल्म देखते हुए देखा है. जब हमें किसी ने देखा ही नहीं है तो लोगों को समझ आया कि बात तो सही है. वरना कही तो दिखते.'
अनूप जलोटा ने की थी तीन शादियां
इसके आगे अनूप जलोटा ने अपनी मैरिड लाइफ पर भी बात की. उनसे पूछा गया कि क्या आपकी पहली शादी दर्दभरी रही थी? इस पर उन्होंने कहा, 'मेरी पहली शादी बहुत अच्छी थी, लेकिन चार-पांच साल बाद दर्दभरी रही. इसके बाद मेरे पिता ने कहा कि मेरी एक स्टूडेंट हैं. उससे शादी कर लो तो मैं राजी हो गया. दूसरी शादी से भी बहुत तकलीफ मिली. एक साल बाद ही तलाक हो गया था. तीसरी शादी बहुत अच्छी रही, 21 साल हम साथ रहे.' उन्होंने बताया कि बाद में उनकी पत्नी को दिल की बीमारी हो गई थी. उन्होंने उनका हार्ट ट्रांसप्लांट कराया था. जिसके बाद वह 13 साल तक जीवित रहीं. अभी हमारा एक बेटा है जो अमेरिका में रहता है. उन्होंने कहा कि तीन शादियां करना बुरा नहीं है.लेकिन एक साथ तीन पत्नियां रखना हमारे यहां गलत है.
अब बताया चौथी करेंगे या नहीं
इसके साथ ही जब उनसे चौथी शादी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस सवाल का खुलकर जवाब दिया. उनका कहना है कि हिंदू धर्म ऐसा नहीं होता है. एक साथ चार शादी नहीं कर सकते हैं. इतना ही जब उनसे जोर देकर पूछा गया कि अगर आपको फिर से प्यार हो जाए. क्या चौथी शादी तब भी नहीं करेंगे. इस पर उनका साफ कहा है कि अब उन्हें प्यार नहीं होगा. ऐसे में उनके जवाब से समझ सकते हैं कि अब उनका चौथी करने शादी करने का कोई प्लान नहीं है.
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एआई के बहाने अमेरिकी स्कूलों में टेक कंपनियों का दखल:माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ओपनएआई जैसी कंपनियां ट्रेनिंग और उपकरण दे रहीं; कई जगहों पर विरोध
अमेरिका के स्कूलों में बड़ी टेक कंपनियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल और ओपनएआई जैसी कंपनियां शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रशिक्षण, वर्कशॉप और तकनीकी उपकरण उपलब्ध करा रही हैं। हालांकि, इनके बढ़ते दखल का अब विरोध भी शुरू हो गया है। अमेरिकन फेडरेशन ऑफ टीचर्स (एएफटी) ने माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई के साथ मिलकर 220 करोड़ रुपए से ज्यादा का एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। आलोचकों का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था पर कॉर्पोरेट हितों का प्रभाव बढ़ेगा और शिक्षक की भूमिका कमजोर हो सकती है। टेक कंपनियां स्कूलों को लैपटॉप, टैबलेट, ऑपरेटिंग सिस्टम और एप उपलब्ध कराने के साथ अपने अनुकूल विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की पैरवी भी करती हैं। माइक्रोसॉफ्ट अपने माइनक्राफ्ट गेम के साथ कंप्यूटर साइंस की शिक्षा भी उपलब्ध कराता है। लॉस एंजेलिस यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट जैसे बड़े स्कूल सिस्टम ने विरोध के बीच छोटे बच्चों के लिए आईपैड और क्रोम बुक का इस्तेमाल बंद करने का फैसला किया है। करीब एक दशक पहले टेक कंपनियां सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की कमी दूर करने के लिए स्कूलों में कोडिंग सिखाने को बढ़ावा देती थीं। अब एआई के खुद कोड लिखने और टेक कंपनियों में छंटनी के बीच उनका जोर एआई शिक्षा पर है। कुछ शिक्षकों और प्रोफेसरों ने चेतावनी दी है कि एआई चैटबॉट छात्रों को फीडबैक देने जैसे शिक्षकों के जरूरी काम को स्वचालित कर सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने बताया कि यह सिलसिला इसलिए शुरू हुआ क्योंकि सरकारी स्कूल अकसर महत्वपूर्ण आधुनिक विषयों को पढ़ाने और बाजार की लगातार बदलती मांगों के लिए छात्रों को तैयार करने में असमर्थ प्रतीत होते थे। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट जैसे कॉर्पोरेट के समर्थन के बिना स्कूल आज कहां होते। गूगल का दबदबा गूगल ने स्कूलों में सस्ते क्रोमबुक और मुफ्त एप्स के माध्यम से दबदबा बनाया है। उसकी हिस्सेदारी 59% तक पहुंच चुकी है। गूगल का लक्ष्य बच्चों को कम उम्र से ही जीमेल और क्रोम जैसी सेवाओं का आदी बनाना है, ताकि बाद में डेटा और विज्ञापनों से मुनाफा कमाया जा सके। कुछ माता-पिता और स्कूल अब स्क्रीन के बहुत ज्यादा उपयोग से निराश हो चुके हैं। फार्मा कंपनियों का तरीका अपना रहीं वर्षों पहले फार्मा कंपनियां डॉक्टरों को नए ब्रांड-नाम वाली दवाएं लिखने को प्रेरित करने के लिए उनके सेमिनार आयोजित करती थीं। जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. एड्रिएनफुघ-बर्मन कहती हैं, इंडस्ट्री उस चीज में पैसा लगाती है, जहां मदद मिलती है। सर्वेक्षण और रिसर्च के लिए भी धन देती हैं टेक कंपनियां एआई चैटबॉट्स जैसेउत्पादों और कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्सको जरूरी प्राथमिकताएं बनाने में मददकरने के लिए सर्वेक्षण और रिसर्चरिपोर्ट बनाने के लिए धन देती हैं।
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