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दिनभर दूसरों के घर पहुंचाता था खाना, लेकिन अपने घर लाया एक सरप्राइज… मां-नानी के चेहरे पर दिखी अलग चमक

Swiggy Delivery Boy Story: दिनभर लोगों के घर खाना पहुंचाने वाले उदय ने अपनी कमाई में से थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाया और एक दिन चुपचाप घर के लिए टीवी ले आए. उन्हें अंदाजा था कि मां और नानी इसे देखकर खुश होंगी, लेकिन उनका रिएक्शन शायद इससे भी ज्यादा खास था.

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Jaipur News: कचरे के बीच पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, जयपुर के सरकारी स्कूल की बदहाली ने खोली व्यवस्था की पोल

Jaipur News: राजधानी जयपुर के भट्टा बस्ती इलाके से सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जो शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है. ये ऐसी डरावनी तस्वीरें है, जो भजनलाल सरकार को शर्मसार कर सकती है. यहां छोटे-छोटे बच्चे अपने बेहतर भविष्य का सपना लेकर स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाई के लिए जिस माहौल का सामना करना पड़ रहा है, वह बेहद चिंताजनक है. शास्त्री नगर स्थित भौमिया बस्ती में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल बिना अपनी इमारत के लोहे के एक पिंजरेनुमा शेड में चलने को मजबूर है. इस स्कूल परिसर के आसपास कचरे का ढेर लगा हुआ है. सरकारी कागजों में इस स्कूल का अपना कोई भवन नहीं है. जनसहयोग से बच्चों को धूप व वर्षा से बचाने के लिए सिर्फ लोहे का एक पिंजरा और शेड तैयार किया गया है, मगर सुविधाएं शून्य हैं.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कूल की स्थिति लंबे समय से खराब है. बच्चों के बैठने और पढ़ने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित जगह नहीं होने के बावजूद यहां कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. स्कूल का ढांचा सामान्य सरकारी स्कूलों की तरह व्यवस्थित नहीं हैं. लोहे के जंगले से घिरा यह स्थान दूर से किसी अस्थायी पिंजरेनुमा ढांचे जैसा दिखाई देता है, जहां बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी करने को मजबूर हैं.

कचरे के बीच पढ़ाई, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

पिंजरेनुमा स्कूल के आसपास गंदगी और कचरे के ढेर से बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है. छोटे बच्चे दिन का अधिकांश समय इसी वातावरण में बिताते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल के आसपास साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में लंबे समय से कोई सुधार नहीं हुआ है. बारिश के दिनों में स्थिति और ज्यादा परेशानी वाली हो सकती है. खुले और अस्थायी ढांचे में पढ़ने वाले बच्चों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ती है. ऐसे में अभिभावकों के मन में भी बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.

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शिकायतों के बावजूद नहीं बदली तस्वीर

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई है लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिल पाया. लोगों का कहना है कि हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है. इसके लिए स्कूल में पर्याप्त भवन, साफ परिसर, बैठने की उचित व्यवस्था और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना जरूरी है.

लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करे और जल्द से जल्द कोई समाधान निकाले. बच्चों के लिए सुरक्षित भवन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई मजबूरी के बिना बेहतर तरीके से पूरी हो सके.

खुलेआम नशे का चल रहा कारोबार

स्कूल के बाहर का माहौल बच्चों की पढ़ाई के बिल्कुल विपरीत और खौफनाक नजर आ रहा है. स्कूल के बाहर खुलेआम स्मैक और नशे के इंजेक्शन लगाने का काम चल रहा है. जमीन पर नशे के लिए इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन और सिरिंज बिखरे पड़े रहते हैं. पुलिस या मीडिया को देखते ही नशेड़ी वहां से भाग जाते हैं. ऐसे माहौल में 86 मासूम बच्चों का बचपन और भविष्य दोनों गंभीर संकट में हैं.

शिक्षा के दावों के बीच जमीनी हकीकत

राजस्थान सरकार लगातार सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात करती हैं. लेकिन भट्टा बस्ती की यह तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है. शिक्षा सिर्फ किताब और शिक्षक तक सीमित नहीं होती है. बच्चों के लिए सुरक्षित कक्षा, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं. अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और स्कूल की बदहाल तस्वीर कब बदलती है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग जल्द कदम उठाएगा, ताकि कचरे और अस्थायी ढांचे के बीच पढ़ने वाले इन बच्चों को एक सुरक्षित और बेहतर स्कूल मिल सके.

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  Sports

India vs Sri Lanka Test: Prasidh Krishna और Manav Suthar की घातक गेंदबाजी से बैकफुट पर श्रीलंका, जीत के करीब Team India

भारत और श्रीलंका के बीच जारी दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए। बारिश के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई है।

भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 45 और रवींद्र जडेजा ने 43 रन का उपयोगी योगदान दिया। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार विकेट हासिल किए हैं।

विशाल लक्ष्य के दबाव में उतरी श्रीलंकाई टीम को तीसरे दिन की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिल मिशारा को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों के बीच 87 रन की साझेदारी हुई, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर कामिंदु मेंडिस को पवेलियन भेजकर अपनी तीसरी सफलता हासिल कर ली।

गौरतलब है कि प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से भारतीय टीम के गेंदबाजी प्रशिक्षक मोर्ने मोर्केल भी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कृष्णा की मेहनत, विपक्षी टीम के बारे में जानकारी जुटाने की आदत और खेल को समझने की क्षमता की तारीफ की। मोर्केल के मुताबिक कृष्णा लंबे समय तक भारत के लिए शानदार गेंदबाज साबित होने की क्षमता रखते हैं।

इसके बाद मानव सुथार ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को आउट कर मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरे टेस्ट में अपना केवल दूसरा मुकाबला खेल रहे पसिंदु सूरियाबंडारा ने 133 गेंदों पर 80 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन सुथार ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोहम्मद सिराज ने निरोशन डिकवेला को चलता कर श्रीलंका को सातवां झटका दिया।

सोनल दिनूषा और केशरा नुवानथा ने इसके बाद पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 137 गेंदों पर 57 रन की साझेदारी हुई। हालांकि मानव सुथार ने नुवानथा को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। दिनूषा और लाहिरु कुमारा इसके बाद क्रीज पर टिके रहे और दोनों ने नाबाद 35 रन जोड़ लिए।

बारिश के कारण तीसरे दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। दिन खत्म होने तक श्रीलंका 230 रन के स्कोर पर आठ विकेट गंवा चुका था और भारत से काफी पीछे था। अब मेजबान टीम के सामने चौथे दिन सबसे बड़ी चुनौती पारी को बचाने की होगी।

इस बीच ऋषभ पंत की चोट को लेकर भी भारतीय खेमे से जानकारी सामने आई है। मोर्ने मोर्केल ने बताया कि पंत के कंधे पर चोट लगी है और वह काफी दर्द में थे। इसी वजह से तीसरे दिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल ने संभाली। हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि पंत चौथे दिन फिर विकेट के पीछे नजर आएंगे।

बता दें कि यह मुकाबला आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है और भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चौथे दिन श्रीलंका को भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती का सामना करना है।
Tue, 25 Aug 2026 22:40:00 +0530

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