उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देगी। नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.30 लाख से ज़्यादा सरकारी नौकरियाँ दी हैं और किसी भी नियुक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा है।
उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही हमने 2017 से पहले के उस पैटर्न को तोड़ने का संकल्प लिया, जिसमें भर्ती के विज्ञापन तो निकलते थे, लेकिन 'चाचा-भतीजे की जोड़ी' और पूरा 'महाभारत-शैली का कुनबा' वसूली के लिए पूरे राज्य में फैल जाता था। युवा बिना किसी मकसद के भटकते रहते थे; नतीजे कभी घोषित नहीं होते थे, और आखिरकार अदालतों को दखल देकर रोक लगाने के आदेश जारी करने पड़ते थे।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि मैं राज्य के युवाओं को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि अगले छह महीनों के भीतर—कृपया ध्यान दें, अगले छह महीनों में—हम 1,00,000 युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र जारी करेंगे, जिन्हें हर हफ़्ते बैच में बाँटा जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को अधर में छोड़ दिया जाता था और उन्हें नौकरी के लायक नहीं माना जाता था, जबकि असल गलती भर्ती आयोगों के भ्रष्ट लोगों और सरकारी तंत्र में शामिल राजनेताओं की होती थी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमें यह याद रखना चाहिए कि जब हम बिना किसी भेदभाव के सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन करते हैं, तो पूरे राज्य को इसका फ़ायदा मिलता है। राज्य उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ उठाता है—यह पिछले नौ से साढ़े नौ वर्षों में 'डबल-इंजन' वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 9.30 लाख से ज़्यादा युवाओं को सफलतापूर्वक सरकारी नौकरियां दी हैं और एक भी नियुक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा है। इसमें युवाओं की कोई गलती नहीं थी; दोष उन भ्रष्ट नेताओं और बेईमान व अनैतिक लोगों का था जिन्हें उस दौर में आयोगों, बोर्डों और सरकारी तंत्र में बिठाया गया था।
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शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव किया और पितृसत्ता और महिलाओं के अधिकारों पर गांधी के बयानों को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की आलोचना की। राउत ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को कभी किसी खास धर्म, खासकर हिंदू धर्म के खिलाफ बोलते हुए नहीं देखा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कांग्रेस नेता से डरने का आरोप लगाया।
संजय राउत ने कहा कि मैंने राहुल गांधी को कभी किसी एक धर्म, खासकर हिंदू धर्म के खिलाफ बोलते हुए नहीं देखा। वे राहुल गांधी से डरते हैं, इतना डरते हैं कि उन्हें यह भी नहीं पता कि हम क्या कह रहे हैं। किरेन रिजिजू बेशक संसदीय कार्य मंत्री हैं, लेकिन वे इतने बड़े नेता नहीं हैं कि राहुल गांधी के बारे में ऐसी बातें कहें। मैं किरेन रिजिजू से कहूंगा कि राहुल गांधी अब बहुत आगे निकल चुके हैं; वे आपके नियंत्रण से बाहर हैं।
राउत का यह बयान रिजिजू के उस X पोस्ट के बाद आया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पार्टी के पितृसत्ता को खत्म करने (smash patriarchy) के आह्वान की आलोचना की थी और सवाल उठाया था कि पार्टी कथित तौर पर सिर्फ़ हिंदुओं को ही क्यों निशाना बनाती है। रिजिजू ने लिखा, कांग्रेस कहती है, 'पितृसत्ता को खत्म करो।' हमेशा सिर्फ़ हिंदुओं को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? अल्पसंख्यक महिलाओं का क्या? तीन तलाक़ का क्या? क्या मुस्लिम लड़कियाँ हमारी बहनें और बेटियाँ नहीं हैं? अगर आप सच में महिलाओं के साथ खड़े हैं, तो हर महिला, हर समुदाय और हर समय उनके साथ खड़े रहें। हमारी भारतीय बेटियाँ ISRO में आगे हैं, फाइटर जेट उड़ा रही हैं और ओलंपिक में मेडल जीत रही हैं। 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' के रूप में नारी शक्ति दिख रही है। भारतीय समाज को बांटने के लिए भारतीय बेटियों को कमतर न आंकें।
राउत ने राहुल गांधी के उस हालिया पत्र पर भी टिप्पणी की, जो उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राज्य में आदिवासी छात्रों की समस्याओं के बारे में लिखा था। उन्होंने बताया कि पुणे में आदिवासी छात्र लगभग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और आरोप लगाया कि उनकी चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
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