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Raksha Bandhan 2026: इस रक्षाबंधन चॉकलेट नहीं, भाई-बहन को दें हेल्थ इंश्योरेंस का गिफ्ट; Gen-Z का बदल रहा अंदाज
Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन पर अब उपहारों के मायने तेजी से बदल रहे हैं। देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z अब पारंपरिक मिठाइयों और महंगे गैजेट्स से आगे निकलकर अपनों को 'वित्तीय सुरक्षा' (Financial Protection) का तोहफा देने पर जोर दे रही है। प्रोबोस इंश्योरेंस (Probus Insurance) के डायरेक्टर राकेश गोयल ने इस बदलते ट्रेंड पर रोशनी डालते हुए बताया है कि कैसे आज के युवा भाई-बहन को शॉर्ट-टर्म गिफ्ट देने के बजाय लॉन्ग-टर्म हेल्थ इंश्योरेंस कवर देना ज्यादा सार्थक मान रहे हैं।
चॉकलेट या हेल्थ कवर: क्या है बेहतर विकल्प?
राकेश गोयल ने त्योहारों पर होने वाले खर्चों की तुलना करते हुए एक दिलचस्प उदाहरण सामने रखा है:
- पारंपरिक तरीका (चॉकलेट और मिठाइयां): आमतौर पर लोग त्योहार पर प्रीमियम चॉकलेट हैम्पर या गिफ्टी आइटम्स पर करीब 7,000 रुपये खर्च कर देते हैं। कुछ ही दिनों में मिठाइयां खत्म हो जाती हैं और उस पैसे का कोई स्थाई या दीर्घकालिक लाभ नहीं बचता।
- मॉडर्न ट्रेंड (हेल्थ इंश्योरेंस): इसके विपरीत, अगर उसी 7,000 रुपये का उपयोग किसी भाई या बहन के लिए 5 लाख रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में किया जाए, तो यह भविष्य के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बन जाता है।
मामूली खर्च और बड़ा सुरक्षा चक्र
इस वित्तीय प्लानिंग के गणित को समझाते हुए उन्होंने बताया कि 7,000 रुपये सालाना का खर्च महीने के हिसाब से महज 600 रुपये से भी कम बैठता है। यानी दो कप कॉफी या कुछ ओटीटी सब्सक्रिप्शन के खर्च के बराबर।
आज के समय में मेडिकल इंफ्लेशन (चिकित्सा महंगाई) हर साल 14% से 15% की दर से बढ़ रही है। ऐसे में एक छोटी सी अनहोनी या अस्पताल का बिल युवा प्रोफेशनल की सालभर की बचत को पलभर में खत्म कर सकता है। यही वजह है कि Gen-Z इसे एक बोरिंग खर्च नहीं बल्कि 'अल्टीमेट फाइनेंशियल फ्लेक्स' मान रहा है, जो परंपरा के साथ आधुनिक रिस्क मैनेजमेंट का बेहतरीन मेल है।
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