PR Sreejesh India hockey team: भारत हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में क्यों नहीं पहुंचा? पूर्व कप्तान श्रीजेश ने बताई असली वजह
भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न पहुंच पाने पर पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने चिंता जताई है. उन्होंने सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि टीम की तैयारी, मैनेजमेंट और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए हैं.
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Chhatarpur में Cyber Fraud गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार, 28 लाख की ठगी
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में टेलीग्राम ऐप पर रेटिंग बढ़ाने का काम दिलाने और पैसा दोगुना करने का झांसा देकर कथित तौर पर 28 लाख रुपये की साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक खजुराहो थाना पुलिस की टीम ने आरोपियों के कब्जे से कुछ एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि मोहित चौबे नाम के एक शख्स ने खजुराहो थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि टेलीग्राम ऐप के जरिए ऑनलाइन रेटिंग बढ़ाने का काम दिलाने और रकम दोगुनी करने का लालच देकर उनसे करीब 28 लाख रुपये की ठगी की गई। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन और घटना में इस्तेमाल संचार माध्यमों का विश्लेषण किया। सकलेचा ने बताया कि जांच में नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव क्षेत्र में सक्रिय एक गिरोह के कथित रूप से इस ठगी में शामिल होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम उर्फ शिवम पटेल, नीरज पटेल, कैलाश उर्फ केवल रजक और हीरालाल उर्फ संदीप रजक के रूप में हुई है और सभी नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के माध्यम से लोगों से बैंक खाते किराये पर लेते थे और इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कर उसे तत्काल दूसरे खातों में हस्तांतरित कर लेते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में इस रकम को आगे क्रिप्टोकरेंसी में बदलने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि अब तक संदिग्ध बैंक खातों में साइबर अपराधों से संबंधित करीब 80 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है। पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में इन लेन-देन से जुड़ी करीब 50 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच में आरोपियों के नेटवर्क के पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और महाराष्ट्र से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं।
पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में डेढ़ लाख रुपये की राशि ‘फ्रीज’ कराई है और आरोपियों के कब्जे से कई एटीएम कार्ड, बैंक खाते खोलने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक सकलेचा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की विवेचना जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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