सड़कों पर समंदर! लगा भारी जाम, कृषि भवन की पार्किंग डूबी, दफ्तरों में पानी घुसने से कर्मचारी बेहाल
Delhi Waterlogging: राजधानी दिल्ली में बारिश के कारण जलभराव और जाम की समस्या आम हो चुकी है. खराब जल निकासी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसके बाद भी अब तक लोगों की समस्या सुलझती हुई नजर नहीं आ रही है. बीते दिन दिल्ली में सुबह करीब 11 बजे से वर्षा शुरू हुई, जो कि दोपहर तक जारी रही. ऐसे में जब स्कूलों की छुट्टी हुई तो अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल लाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जाम के कारण स्कूल ट्रांसपोर्ट से आने वाले बच्चे जाम की वजह से देरी से घर पहुंचे .
दिल्ली के पॉश इलाकों में भी जलभराव
दिल्ली में आज बारिश के कारण संसद भवन के बाहर की सड़कों पर पानी भर गया, जिस कारण लोगों की बाइक और स्कूटी तक बंद हो गई. बस स्टैंड के पास जलभराव के कारण बसें रुक तक नहीं पा रही है. संसद भवन के बाहर सड़कों का ही नहीं, बल्कि कृषि भवन, उद्योग भवन, शास्त्री भवन और कर्तव्य भवन यहां की सड़कों का भी यही हाल है. सरकारी कर्मचारियों ने न्यूज नेशन से बात करते हुए कहा कि वह बड़ी मुश्किल से दफ्तर पहुंच पाए हैं. इतना ही नहीं सीआईएसएफ के जवान भी नंगे पैर पानी में खड़े होकर सुरक्षा करते हुए नजर आ रहे हैं. कृषि भवन के अंदर भी जबरदस्त जलभराव नजर आ रहा है. पूरी पार्किंग पानी में डूब चुकी है. वहीं, मंगलवार हुई जबरदस्त बारिश का असर इंसानों के साथ साथ जानवरों पर भी नजर आने लगा है. गीले पेड़ों और जलभराव वाली सड़कों के बीच शास्त्री भवन के गेट पर दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों बंदरों का आतंक नजर आ रहा है.
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#WATCH | Delhi: Several areas of the national capital face severe waterlogging following heavy rainfall; visuals from Karkola area pic.twitter.com/IOJeWhoqFI
— ANI (@ANI) August 25, 2026
CPWD ऑफिस के हालात
केंद्रीय दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बाद CPWD के दफ्तर में भी पानी भर गया है. हालात ऐसे हैं कि ऑफिस के अंदर रखी फाइलों से भरी अलमारियां और एयर कंडीशनिंग से जुड़े डेक तक पानी की चपेट में नजर आ रहे हैं. कर्मचारियों के लिए दफ्तर तक पहुंचना और वहां काम करना मुश्किल हो गया है. वहीं, लुटियन दिल्ली, जहां देश के कई बड़े नेता और अधिकारी रहते हैं, वहां भी भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है. कई बंगलों के अंदर तक पानी पहुंच गया है और चारों तरफ अस्त-व्यस्त हालात नजर आ रहे हैं. कुशक रोड से लेकर रफी मार्ग तक सड़कें पानी में डूबी नजर आ रही हैं. करीब एक फुट तक पानी जमा होने के कारण लोगों को पैदल निकलने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
#WATCH | Delhi: Several areas of the national capital face severe waterlogging following heavy rainfall.
— ANI (@ANI) August 25, 2026
Visuals from near Ram Manohar Lohia Hospital pic.twitter.com/XqDntE8YTB
#WATCH | Delhi: Severe waterlogging witnessed in parts of the national capital after heavy rainfall; visuals from near AIIMS pic.twitter.com/ahNoiyWx8x
— ANI (@ANI) August 25, 2026
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केंद्रीय सचिवालय के आसपास बाढ़ जैसे हालात
केंद्रीय सचिवालय के आसपास भी भारी जलभराव के चलते बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं. दफ्तर जाने वाले केंद्रीय कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कर्मचारियों को अपने दफ्तर तक पहुंचने में परेशानी हो रही है. केंद्रीय दिल्ली के पॉश डिप्लोमेटिक एन्क्लेव चाणक्यपुरी में भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति है. शांतिपथ के आसपास सड़कों पर पानी जमा है. तुर्की दूतावास के बाहर भी जलभराव देखने को मिल रहा है, जहां पानी के बीच से दूतावास और लग्जरी गाड़ियां गुजरती नजर आ रही हैं. भारी बारिश और जलभराव के बावजूद कुछ लोग सुबह के वक्त मौसम का आनंद लेते हुए नजर आए।.देशी-विदेशी लोग बारिश के बीच मॉर्निंग जॉगिंग करते दिखाई दिए. केंद्रीय दिल्ली के कई इलाकों में करीब एक फुट तक पानी जमा हो गया है. सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित है और पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
#WATCH | Delhi: Severe waterlogging witnessed near AIIMS after heavy rainfall. pic.twitter.com/Er9Jg61wYJ
— ANI (@ANI) August 25, 2026
दिल्ली के इन इलाकों में भीषण जलभराव
दिल्ली के कई मुख्य सड़कों पर भी आज बारिश के कारण भीषण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पास की सड़कें जलमग्न दिखाई दी. वहीं एम्स के पास भी बारिश के कराण सड़कों पर भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिस कारण बाइक सावरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस दौरान कई बाइक सवार अपनी वाहनों को धक्का मरते हुए दिखाई दिए. इसके साथ ही मोती बाग, एम्स, बाबा खड़क सिंह मार्ग, कनॉट प्लेस, बाबा खड़क सिंह मार्ग, बीकाजी कामा प्लेस समेत कई इलाकों में भीषण जलभराव नजर आ रहा है.
#WATCH | Delhi: Several areas of the national capital face severe waterlogging following heavy rainfall.
— ANI (@ANI) August 25, 2026
Visuals from Baba Kharak Singh Marg pic.twitter.com/fXQHMT8ws1
#WATCH | Delhi: Several areas of the national capital face severe waterlogging following heavy rainfall; traffic snarl also witnessed here.
— ANI (@ANI) August 25, 2026
Visuals from Baba Kharak Singh Marg pic.twitter.com/yU1p6ftVNl
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नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। योग भारतीय संस्कृति की प्राचीन देन है और इसको अपनाने से तन और मन दोनों ही स्वस्थ्य रहता है। योग के विभिन्न आसनों में पद्मासन विशेष स्थान रखता है। यह शरीर को स्थिरता, मन को एकाग्रता और आत्मा को शांति प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली योग-अभ्यास है।
पद्मासन संस्कृत के दो शब्दों पद्म (कमल) और आसन (बैठने की मुद्रा) के मेल से बना है। अंग्रेजी में इस आसन को लोटस पोज भी कहा जाता है। यह आसन शरीर को मुख्य रूप से ध्यान और प्राणायाम के लिए आधार तैयार करता है।
केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, पद्मासन एक स्थिर और सुखदायक ध्यानात्मक मुद्रा है, जो मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने में अत्यंत प्रभावी है। यह योग अनुशासन का मूल आधार माना जाता है।
यह आसन आधुनिक जीवन की मानसिक थकान को दूर कर एकाग्रता की नई ऊर्जा भरने का एक दिव्य माध्यम है। बिना किसी उपकरण के केवल सही तकनीक और निरंतर अभ्यास से पद्मासन हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव लाता है।
पद्मासन की मुद्रा में बैठने से पेट की मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है, खून का संचार तेज होता है और पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। यह गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। साथ ही, इसका रोज अभ्यास करने से जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है और वे मजबूत होते हैं। जो लोग ज्यादा देर खड़े रहते हैं या चलते हैं, उनके पैरों के दर्द में यह काफी मदद करता है।
पद्मासन में पीठ सीधी रहती है, जिससे रीढ़ की हड्डी सीधी और मजबूत होती है। यह कमर दर्द और झुककर बैठने की आदत को सुधारता है। साथ ही, श्रोणि क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है, जिससे महिलाओं में मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं में भी आराम मिलता है।
इस आसन को करने के दौरान दोनों पैरों को मोड़कर रखा जाता है, जिससे कई लोगों को समस्या होने लगती है। यदि किसी साधक दोनों पैरों को एक साथ रखकर पद्मासन में बैठने में समस्या होती है, तो वह एक पैर को विपरीत जांघ पर रखकर अर्ध-पद्मासन में भी बैठ सकता है। ऐसा तब तक करते रहें जब तक पद्मासन तक पहुंचने के लिए पर्याप्त लचीले महसूस न हो।
हालांकि, जिन लोगों को घुटनों या टखनों में गंभीर दर्द या चोट हो, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। कमर दर्द की समस्या में इसे विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।
--आईएएनएस
एनएस/पीएम
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