ED ने West Bengal SSC भर्ती मामले में दाखिल किया नया आरोपपत्र, Partha Chatterjee भी नामजद
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल एसएससी समूह-सी और समूह-डी कर्मचारी भर्ती घोटाला मामले में नया आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी कथित सहयोगी अर्पिता मुखर्जी और तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता कुंतल घोष समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। कोलकाता में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में 20 अगस्त को अतिरिक्त अभियोजन शिकायत दायर की गई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में जनवरी 2025 में पहला आरोपपत्र दाखिल किया था।
पीएमएलए जांच सीबीआई की उस प्राथमिकी से शुरू हुई है, जिसमें पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (डब्ल्यूबीसीएसएससी) के जरिए ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ईडी ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ जून में पश्चिम बंगाल केंद्रीय एसएससी सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में भी आरोपपत्र दाखिल किया था।
Gurpreet Kaur को जवाब नहीं देंगे पूर्व जस्टिस Ranjit Singh, अदालत में रखेंगे तथ्य
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रंजीत सिंह ने सोमवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के उस कानूनी नोटिस का कोई जवाब नहीं देंगे, जो बलात्कार के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों को लेकर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इसके बजाय वह अदालत के समक्ष तथ्य रखेंगे। सिंह ने यहां कहा, मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अभी तक मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है।
अगर इसे जारी किया गया है तो मैं डरा हुआ नहीं हूं। मैं उस नोटिस का जवाब नहीं दूंगा। जो भी अदालत जाना चाहता है, जा सकता है।
हम अदालत के सामने तथ्य रखेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर ने रविवार को उन आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया कि उन्होंने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की थी। उन्होंने ऐसे आरोप लगाने वालों को चुनौती दी कि वे या तो आरोपों को साबित करें या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करें।
गैर-सरकारी संगठन ‘पंजाब मानवाधिकार संगठन’ के प्रमुख एवं उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। हमारा संगठन अपना काम करता रहेगा। हम सच के साथ हैं।
हमने बताया था कि दुष्कर्म की एक पीड़िता के साथ अत्याचार हो रहा है और उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। हमने इसे अपना कर्मतव्य समझा कि इस बात को सबके सामने लाएं ताकि उसे न्याय मिल सके।
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