महाराष्ट्र पहाड़ हादसा, परिवार बोला- मामला आईफोन का नहीं था:यह सिर्फ अफवाह; घर में पारिवारिक विवाद को लेकर टेंशन में थे सभी
महाराष्ट्र पहाड़ हादसे में पिता-बेटे और मां की मौत को लेकर नया खुलासा हुआ है। पहले सामने आया था कि बेटे ने आईफोन तो खरीद लिया था, लेकिन वह इसकी EMI नहीं चुका पा रहा था। EMI चुकाने के लिए वह परिवार से पैसे मांग रहा था। हालांकि बेटे की मौसी पल्लवी पाटील ने कहा कि यह घटना मोबाइल फोन से जुड़ी नहीं थी। आज हम सोशल मीडिया पर देख रहे हैं कि मोबाइल फोन नहीं खरीदा गया, इसलिए कुनाल ने ऐसा किया। लोगों को ऐसी अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। लोग कुछ नहीं जानते। दरअसल छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को करीब 250 फीट गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में मुरलीधर चांदगुडे (48 साल) संगीता चांदगुडे (42 साल) और इनका बेटा कुणाल चांदगुडे (18 साल) शामिल हैं। इस हादसे से महज एक दिन पहले संगीता ने अपने YouTube चैनल पर रिश्तों और प्यार की अहमियत को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था- जो व्यक्ति प्यार को महत्व नहीं देता, उसके लिए कुछ भी करने का कोई मतलब नहीं है। एक चपाती तभी स्वादिष्ट लगती है जब वह दोनों तरफ से पक जाए: संगीता मराठी भाषा में बनाए एक मिनट के वीडियो में संगीता ने कहा था- अपना भाग्य उसी व्यक्ति को सौंपने के लिए तैयार रहें, जो आपके प्रेम का सम्मान करता हो। यदि कोई व्यक्ति आपका सम्मान नहीं करता, आपके प्रेम का सम्मान नहीं करता, या आपके द्वारा उनके लिए किए गए कार्यों का सम्मान नहीं करता, तो ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ भी करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा- एक चपाती तभी स्वादिष्ट लगती है जब वह दोनों तरफ से पक जाए। रिश्तों के मामले में भी यही बात लागू होती है। अगर दोनों तरफ से अच्छा व्यवहार हो, दोनों ही रिश्ते को महत्व देते हों, तो ऐसे रिश्ते में बने रहें। अगर एक व्यक्ति रिश्ते को महत्व देता है और दूसरा नहीं, तो ऐसे रिश्ते का कोई मतलब नहीं है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकल जाना हमेशा बेहतर होता है। संगीता के यूट्यूब पर 29,000 से अधिक फॉलोअर्स थे, ने अपने चैनल पर कई मोटिवेशनल वीडियो पोस्ट किए थे। उन्होंने अपने बेटे के साथ कई छोटे ब्लॉग भी पोस्ट किए थे। अब पूरे घटनाक्रम को 4 फोटोज में समझें... पहाड़ी के किनारे 4 घंटे तक खड़ा रहा था कुणाल घटना के चश्मदीद और गांव के पूर्व सरपंच संजय ने बताया- कुणाल सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पहाड़ की ऊंची चट्टान पर खड़ा रहा। बार-बार अपनी जगह बदल रहा था। पिता मना रहे थे, उसकी मां भी लगातार रोते हुए बेटे से नीचे आने की गुहार कर रही थी, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। उन्होंने बताया- मैंने भी उसे समझाते हुए कहा कि तुम पढ़े-लिखे हो, ऐसा कदम मत उठाओ, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ। चार साल पहले कुणाल के छोटे भाई की भी मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद पूरा परिवार खत्म हो गया। कुणाल के पिता पहाड़ी के उस हिस्से तक पहुंचे जहां वह खड़ा था। उन्होंने बेटे को पीछे खींचने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से दोनों गहरी खाई में गिर गए। मां भी पहाड़ी से कूद गई ----------------------- ये खबर भी पढ़ें: दावा-सिया ने चेतन से 4 महीने पहले सीक्रेट मैरिज की:गवाह बनी दो सहेलियों से पूछताछ जारी, नवंबर में केतन से शादी होनी थी पुणे की वडगांव कोर्ट ने 3 जुलाई को सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया और चेतन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सिया गोयल ने केतन से सगाई के बाद अपने प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी। पढ़ें पूरी खबर…
रिजिजू बोले- राहुल के निशाने पर सिर्फ हिंदू क्यों:अल्पसंख्यक महिलाओं की बात क्यों नहीं करते; समाज बांटने के लिए बेटियों को कम न आंकें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता तोड़ो’ बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस पार्टी हिंदू परंपराओं को ही निशाना क्यों बनाती है और अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति पर चुप क्यों रहती है। रिजिजू ने सोशल मीडिया एक्स पर कांग्रेस के सामाजिक सुधार के तरीके को चुनिंदा बताया। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी महिलाओं के साथ खड़ी है, तो उसे हर समुदाय की हर महिला के साथ खड़ा होना चाहिए। 22 अगस्त: राहुल बोले थे- मनुस्मृति में महिलाएं परिवार की संपत्ति राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर एक घंटा 16 मिनट बात की थी। उन्होंने कहा, 'महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं होती, बल्कि उसकी अपनी पहचान होती है।' मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। राहुल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा होती है। पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, नौकरी, संपत्ति और अपने फैसले लेने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। राहुल ने छात्राओं से कहा कि वे डरें नहीं, अपनी आवाज बुलंद करें और अपने लिए लड़ें। इस दौरान राहुल ने 5 लड़कियों से बातचीत की। राहुल ने कहा था- लड़कियों की शादी के कारण पढ़ाई छूट जाती है, 5 बड़ी बातें: 1. महिलाओं की पहचान पिता, पति या बेटे से नहींः राहुल ने कहा कि महिलाओं का पिता, पति और बेटे से रिश्ता जरूर है, लेकिन उनकी पहचान उनसे नहीं है। महिलाएं किसी पर आश्रित नहीं हैं और उन्हें स्वतंत्र पहचान के साथ जीना चाहिए। 2. महिलाओं पर हिंसा, अपमान, समय और नियंत्रणः राहुल ने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने के चार तरीके हैं- हिंसा, अपमान/अनादर, समय और कंट्रोल। उन्होंने कहा कि महिलाओं को देर तक बाहर रहने, काम करने और अपनी पसंद से जीवन जीने पर रोक का सामना करना पड़ता है। 3. शिक्षा और रोजगार में भेदभावः राहुल ने सवाल उठाया कि वह सोच कहां से आती है जिसमें लड़के को पढ़ाने और लड़की को पढ़ाई या नौकरी से रोकने की मानसिकता होती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी और घरेलू काम के कारण पढ़ाई छूट जाती है। 4. लड़कियों से ‘बी लाउड, बी प्राउड’ की अपीलः राहुल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें डरकर या दबकर नहीं रहना चाहिए। उनका संदेश था-“अपनी बात जोरदार ढंग से कहें, गर्व महसूस करें और अपने लिए लड़ें।” उन्होंने कहा कि पितृसत्ता से मिलकर लड़ना होगा। 5. ‘पिंजरा तोड़ो’ और अपने लिए आवाज उठाओः राहुल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें उस “पिंजरे” को तोड़ना होगा जिसमें समाज उन्हें बंद करता है। उनका संदेश था कि लड़कियां डरें नहीं, अपनी बात जोर से रखें और अपने लिए लड़ें। उन्होंने शिक्षा, नौकरी, घर से बाहर निकलने और अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी को इससे जोड़ा। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… राहुल की CM फडणवीस से अपील-आदिवासी छात्रों से मिलें: लेटर लिखा- वे 10 दिन से भूख हड़ताल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक लेटर लिखा। जिसमें उन्होंने राज्य के आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। राहुल ने बताया कि ये छात्र सरकारी हॉस्टल में रहने की एज लिमिट और अपमानजनक नियमों के खिलाफ 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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