धामी सरकार की बागेश्वर को बड़ी सौगात, पहाड़ की पहचान से सजेगा राज्य अतिथि गृह
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के विकास और निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी क्रम में सोमवार को सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण कार्य की समीक्षा की. सचिव की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में विभागीय व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक में राज्य अतिथि गृह निर्माण कार्य योजना के 1930.11 लाख रुपये के संस्तुत विस्तृत आगणन पर विस्तार से चर्चा की गई.
स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली में बनेगा भवन
बैठक में कार्यदायी संस्था प्रान्तीय खंड, लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर की ओर से प्रस्तावित कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया. प्रस्तुतीकरण के बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह का भवन आकर्षक स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली पर आधारित होना चाहिए, ताकि भवन अपनी उपयोगिता के साथ बागेश्वर की स्थानीय पहचान और वास्तुकला को भी प्रदर्शित करे. सचिव ने भवन के प्रवेश द्वार और मुख्य भवन पर राज्य अतिथि गृह का लोगो एवं साइनेज आकर्षक, स्पष्ट और प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए. उनका कहना था कि सरकारी भवनों के निर्माण में आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय परिवेश और वास्तुशैली का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.
डोरमेट्री में 20 लोगों की क्षमता
बैठक में अतिथि गृह में प्रस्तावित डोरमेट्री कक्ष की क्षमता को लेकर भी निर्देश दिए गए. सचिव ने डोरमेट्री कक्ष को 20 व्यक्तियों के अनुरूप विकसित करने को कहा. साथ ही उपलब्ध अतिरिक्त क्षेत्रफल का बेहतर उपयोग करते हुए उसमें एक स्टोर कक्ष प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए. इससे भवन की उपयोगिता और व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा सकेगा. सचिव ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि बैठक में दिए गए सभी सुझावों और आवश्यक संशोधनों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए. संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि निर्माण कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा सके. बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, संयुक्त सचिव राज्य संपत्ति विभाग सुरेंद्र सिंह रावत, नियोजन विभाग के प्रतिनिधि अयाज अहमद तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता ऋषिराज वर्मा उपस्थित रहे. अधिकारियों ने प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं उपयोगिता पक्षों पर चर्चा की.
गुणवत्ता के साथ स्थानीय पहचान को भी दर्शाएगा राज्य अतिथि डॉ. आर. राजेश कुमार
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जा रही है. बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह का भवन केवल एक सरकारी आवासीय सुविधा तक सीमित न रहे, बल्कि क्षेत्र की स्थानीय पहचान और पहाड़ी वास्तुशैली को भी प्रदर्शित करे, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि भवन में आने वाले अतिथियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध भूमि और क्षेत्रफल का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए. डोरमेट्री की क्षमता 20 व्यक्तियों के अनुरूप रखने और अतिरिक्त क्षेत्र में स्टोर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में दिए गए सभी सुझावों को कार्ययोजना में शामिल कर संशोधित रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं.
डुअल-चिपसेट तकनीक कैसे भारत में मोबाइल गेमिंग और कंटेंट देखने के अनुभव को दे रही नया रूप
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मोबाइल गेमिंग अब केवल समय बिताने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह एक बड़े डिजिटल मनोरंजन उद्योग का हिस्सा बन चुकी है। आज के स्मार्टफोन उपयोगकर्ता ऐसे अनुभव की अपेक्षा करते हैं जो पहले केवल विशेष गेमिंग उपकरणों में देखने को मिलता था। बेहतर ग्राफिक्स, उच्च रिफ्रेश रेट, तेज टच रिस्पॉन्स और जटिल गेमिंग वातावरण ने स्मार्टफोन के प्रदर्शन की मांग को काफी बढ़ा दिया है।
मॉर्डर इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का गेमिंग बाजार 2026 में लगभग 5 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 9.89 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस बाजार का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल गेमिंग से आने की उम्मीद है। यही कारण है कि भारत में स्मार्टफोन अब गेमिंग का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके हैं, जबकि कंसोल और पर्सनल कंप्यूटर की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है।
बढ़ती गेमिंग मांग के साथ अब केवल शक्तिशाली प्रोसेसर होना पर्याप्त नहीं माना जाता। लंबे समय तक स्थिर फ्रेम रेट, कम विलंबता, प्रभावी ताप प्रबंधन और बेहतर बैटरी प्रदर्शन भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। यही वजह है कि स्मार्टफोन उद्योग गेमिंग प्रदर्शन को केवल बेंचमार्क स्कोर के बजाय समग्र अनुभव के रूप में देखने लगा है।
इस बदलाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पहले जहां एआई का उपयोग मुख्य रूप से कैमरा, उत्पादकता और निजीकरण सुविधाओं तक सीमित था, वहीं अब यह गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एआई-आधारित प्रोसेसिंग अतिरिक्त फ्रेम तैयार कर सकती है, दृश्य गुणवत्ता को बेहतर बना सकती है और रियल टाइम में गेम के अनुसार प्रदर्शन को अनुकूलित कर सकती है, जिससे गेमिंग अनुभव अधिक स्मूद और स्थिर बनता है।
भारतीय उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में भी यह बदलाव स्पष्ट दिखाई देता है। फ्लिपकार्ट और काउंटरपॉइंट की स्मार्टफोन इनसाइट्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत में 89 प्रतिशत स्मार्टफोन खरीदारों ने कहा कि एआई सुविधाएं उनके खरीद निर्णय को प्रभावित करती हैं। इससे स्पष्ट है कि एआई अब अतिरिक्त सुविधा नहीं बल्कि स्मार्टफोन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
आधुनिक गेमिंग स्मार्टफोन की वास्तविक क्षमता प्रोसेसर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, डिस्प्ले, कूलिंग सिस्टम, बैटरी और सॉफ्टवेयर के सामंजस्यपूर्ण काम करने पर निर्भर करती है। इसी सोच के तहत अब कई कंपनियां डुअल-चिपसेट आर्किटेक्चर को अपनाने लगी हैं।
डुअल-चिपसेट तकनीक में मुख्य प्रोसेसर के साथ एक अतिरिक्त विशेष चिप दी जाती है, जो दृश्य प्रसंस्करण और एआई आधारित कार्यों को संभालती है। इससे मुख्य प्रोसेसर पर दबाव कम होता है और प्रणाली अधिक कुशल तरीके से काम करती है। यह तकनीक विशेष रूप से लंबे गेमिंग सत्रों के दौरान स्थिर प्रदर्शन बनाए रखने में मदद करती है।
इसी दिशा में रियलमी की नई पी4एस 5जी सीरीज भी एक उदाहरण के रूप में सामने आई है, जिसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्ट्रा प्रोसेसर के साथ हाइपर विजन+ एआई चिप दी गई है। डाइमेंसिटी प्रोसेसर जहां मुख्य कंप्यूटिंग कार्य संभालता है, वहीं एआई चिप दृश्य गुणवत्ता और ग्राफिक्स प्रदर्शन को बेहतर बनाने का काम करती है।
यह तकनीक केवल गेमिंग तक सीमित नहीं है। वीडियो स्ट्रीमिंग, खेल प्रतियोगितियों के प्रसारण और एक्शन आधारित सामग्री देखने के दौरान भी यह स्पष्टता, गति और रंग गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करती है। तेज गति वाले दृश्यों में अधिक स्मूद अनुभव और बेहतर कंट्रास्ट उपयोगकर्ताओं को अधिक आकर्षक दृश्य अनुभव प्रदान करते हैं।
स्मार्टफोन में 144 हर्ट्ज़ सैमसंग 1.5के एमोलेड डिस्प्ले और 3000 हर्ट्ज़ तक की त्वरित टच सैंपलिंग सुविधा दी गई है, जो गेमिंग प्रतिक्रिया को और बेहतर बनाती है। इसके साथ एआई हाइपर मोशन, एआई हाइपर क्लैरिटी और एआई ऑलवेज-ऑन एचडीआर जैसी सुविधाएं प्रदर्शन और दृश्य गुणवत्ता को और मजबूत करती हैं।
रियलमी ने गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एआई गेमिंग पार्टनर भी शामिल किया है, जिसमें जीटी मोड, क्लीनअप एक्सेलेरेशन, डू नॉट डिस्टर्ब और नेटवर्क अनुकूलन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। ये फीचर गेमिंग के दौरान संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हैं और अनावश्यक व्यवधानों को कम करते हैं।
लंबे समय तक उपयोग के दौरान स्थिर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए फोन में 7000 वर्ग मिलीमीटर एयरफ्लो वीसी कूलिंग सिस्टम दिया गया है। इसके साथ 8000 एमएएच की टाइटन बैटरी, 80 वॉट फास्ट चार्जिंग और ऑल-सीनारियो बायपास चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
ये सभी फीचर्स मिलकर रियलमी पी4एस 5 जी को लगभग 30,000 रुपए की कीमत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन में से एक बनाती हैं, जहां विशेष एआई प्रोसेसिंग केवल गेमिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सहज और अधिक आकर्षक कंटेंट देखने के अनुभव में भी योगदान देती है।
ऐसे में, मोबाइल गेमिंग का भविष्य अब केवल अधिक शक्तिशाली प्रोसेसर पर निर्भर नहीं रहने वाला है। उद्योग तेजी से उस दिशा में बढ़ रहा है जहां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के विभिन्न घटक मिलकर उपयोगकर्ता को एक बेहतर और लगातार स्थिर अनुभव प्रदान करेंगे। डुअल-चिपसेट और एआई-आधारित तकनीकें इसी बदलाव की अगली कड़ी हैं, जो न केवल गेमिंग बल्कि वीडियो देखने और अन्य डिजिटल अनुभवों को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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