लोकतांत्रिक तरीके से जर्मन चांसलर बना था हिटलर [How Hitler became the Chancellor of Germany]
हिटलर तानाशाह एक दिन में नहीं बना था. इसके लिए उसने बाकायदा लोकतांत्रिक तरीके अपनाए थे, जनता को भरोसा दिलाया था कि उसकी सरकार बनते ही जर्मनी का अच्छा वक्त शुरू हो जाएगा. जर्मनी में 1932 में हुए चुनावों में हिटलर की पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. नवंबर में दोबारा चुनाव करवाए गए लेकिन हिटलर की पार्टी के वोट और कम हो गए. तब जर्मनी के राष्ट्रपति पाउल फॉन हिंडनबुर्ग के पास चांसलर नियुक्त करने का संवैधानिक अधिकार था. हिंडनबुर्ग ने 1933 में हिटलर को जर्मनी का चांसलर बना दिया, जो उनके करियर की सबसे बड़ी गलती साबित हुई. Hitler did not become a dictator overnight. His rise to power was built on legal and democratic processes, combined with promises that Germany's fortunes would improve once he took office. He convinced millions of Germans that he could restore stability, prosperity, and national pride. Yet in the elections of 1932, Hitler's Nazi Party never won an outright majority. In fact, after becoming the largest party in the July 1932 election, it lost support in the repeat election held in November. Despite this setback, Germany's constitution gave President Paul von Hindenburg the authority to appoint the chancellor. On January 30, 1933, Hindenburg appointed Hitler to the post, a decision that would prove catastrophic for Germany and the world. Within a short time, Hitler and the Nazis dismantled Germany's democracy and turned the country into a dictatorship. #DWHindi #BaebaakIsha #DWHistory #Hitler
Bhadohi से अगवा किशोरी Jaunpur में मिली, पुलिस ने आरोपी अरमान को पकड़ा
भदोही जिले में तीन माह पहले कथित रूप से अगवा की गई 16 वर्षीय एक किशोरी को पुलिस ने जौनपुर से सकुशल बरामद कर आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी अरमान नोनी (20) को विधिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है और किशोरी की मेडिकल जांच कराई गई है।
भदोही शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) शैलेश कुमार राय ने बताया कि किशोरी 21 मई की शाम घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। राय के अनुसार तलाश के दौरान पता चला कि किशोरी को मोहल्ले के ही पप्पू के साले अरमान नोनी के साथ देखा गया था। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि इस पर किशोरी के पिता ने पप्पू और उसके पिता कैलाश से पूछताछ की तो उन्होंने उसे धमकी देकर भगा दिया।
राय ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर 26 मई को अरमान, कैलाश और कैलाश के बेटे पप्पू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अपहरण और जानबूझकर अपमान करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि रविवार को एक सूचना के आधार पर जौनपुर जिले के बख्शा थानाक्षेत्र में एक मकान से किशोरी को बरामद कर आरोपी अरमान नोनी को गिरफ्तार किया गया है। राय ने बताया कि किशोरी की मेडिकल जांच सोमवार को कराई गई है और अदालत में कलमबंद बयान के बाद अन्य सुसंगत धारा भी जोड़ी जायेंगी।
इस मामले में आरोपी का जीजा पप्पू और उसका पिता कैलाश फरार हैं।
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