BPSC TRE-4 Exam: दिसंबर-जनवरी में हो सकती है शिक्षक भर्ती परीक्षा, दो चरणों में होगी आयोजित; जानें डिटेल्स
BPSC TRE-4 exam: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीआरई-4 (TRE-4) परीक्षा के पैटर्न को लेकर चल रही तमाम अफवाहों और भ्रम पर आखिरकार विराम लगा दिया है। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को स्पष्ट किया कि टीआरई-4 के परीक्षा पैटर्न में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे कई अन्य राज्य भी दो चरणों में परीक्षाएं आयोजित कराते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के सुझावों के आधार पर और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीआरई-4 परीक्षा अब दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी।
प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों होंगी बहुविकल्पीय
आयोग के अनुसार, यह परीक्षा दो चरणों यानी प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) में ली जाएगी। खास बात यह है कि पीटी और मेंस दोनों ही चरण वस्तुनिष्ठ यानी ऑब्जेक्टिव (Objective-based) प्रकार के होंगे।
पटना | BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में अंग्रेजी माध्यम के अंकों में भेदभाव के आरोप को भ्रामक बताया। उन्होंने GS- 2 की कॉपी को सामने रखते हुए कहा कि अगर किसी को अभी भी भ्रम है तो वे कोर्ट क्यूँ नहीं चले जाते हैं! @BPSCOffice |… pic.twitter.com/JUI45IwKGL
— DD News Bihar | डीडी न्यूज बिहार (@ddnewsBihar) August 24, 2026
इस बीच, बिहार में शिक्षक भर्ती (BPSC TRE 4) और 70वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन भी चल रहे हैं। वहीं, सहायक अभियंता (Assistant Engineer) मामले पर बोलते हुए राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जब तक अदालत का मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक आयोग स्तर पर संबंधित परीक्षा परिणाम जारी करना संभव नहीं है।
परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह द्वारा साझा किए गए प्रमुख अपडेट्स
- दो चरणों में परीक्षा: यूपीएससी, कई अन्य आयोग और बिहार सहित कई राज्य दो या तीन चरणों में परीक्षाएं आयोजित करते हैं। नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा के बाद राधाकृष्णन समिति ने भी दो चरणों की परीक्षा कराने की सिफारिश की थी।
- टीआरई-4 परीक्षा को लेकर भ्रांतियां: टीआरई-4 को लेकर कई तरह की गलतफहमी फैलाई जा रही है। यह दावा किया जाता है कि बिहार लोक सेवा आयोग पीटी-मेन्स कराने वाला पहला आयोग है, लेकिन हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि पीटी-मेन्स कराने का निर्णय आर्थिक अपराध इकाई और अन्य एजेंसियों के सुझावों के बाद लिया गया है।
- नेगेटिव मार्किंग: सभी परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग लागू होती है; यह नियम सभी के लिए समान है और इसमें कोई भेद नहीं है।
- हिंदी भाषी उम्मीदवारों के अंकों पर सफाई: सिंह ने सवाल किया, "यदि हमारे पास यह डेटा ही नहीं है, तो दूसरों के पास कहां से आता है?" उन्होंने कहा कि हम परीक्षा फॉर्म में यह पूछते ही नहीं हैं कि छात्र किस माध्यम से परीक्षा देंगे, इसलिए यह आंकड़े कहां से आते हैं? यह दावा भी पूरी तरह गलत है कि हिंदी भाषियों को कम अंक मिलते हैं।
- 60% से अधिक अंकों पर नियम: 60 प्रतिशत से अधिक मिलने वाले किसी भी अंक की हेड Examiner द्वारा दोबारा जांच की जाती है।
- TRE-4 परीक्षा की तिथियां: सिंह ने बताया कि फिलहाल TRE-4 परीक्षा की तारीख की घोषणा नहीं की जा सकती क्योंकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने उम्मीदवार फॉर्म भरेंगे। इस पर फैसला उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर लिया जाएगा, जबकि फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की गई है।
- ऑब्जेक्टिव सवाल: अब आयोग की हर परीक्षा में दो चरण होंगे और शिक्षक भर्ती के तहत पीटी तथा मेंस दोनों ही चरणों में वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पूछे जाएंगे।
फरीदाबाद में क्यों बढ़ रहा H1N1, OPD से ICU तक मरीज, क्या आप भी इसके शिकार? डॉ. खन्ना ने बताई वजह
Viral Fever Faridabad : तेज बुखार, खांसी और बदन दर्द को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें. H1N1 के गंभीर मामलों में सांस फूलना, ऑक्सीजन लेवल गिरना, लगातार तेज बुखार और बलगम में खून जैसे लक्षण दिख सकते हैं. ऐसे संकेत मिलें तो घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. लोकल 18 से फरीदाबाद के डॉक्टर अर्जुन खन्ना बताते हैं कि H1N1 भी एक वायरल इंफेक्शन है. इसके लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल जैसे ही दिखाई दे सकते हैं. शरीर में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है, सांस फूल रही है या ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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