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NIA Investigation या मौलिक अधिकार? म्यांमार केस में 180 दिन की Custody पर Delhi HC सुनाएगा फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को म्यांमार में कथित आतंकी ट्रेनिंग मामले में आरोपी यूक्रेनी नागरिकों की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। इस याचिका में जांच की अवधि को 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने को चुनौती दी गई थी। जस्टिस मधु जैन ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट 31 अगस्त को अपना आदेश सुनाएगी। यह याचिका यूक्रेनी नागरिकों ने दायर की है, जिनमें हर्बा पेट्रो भी शामिल हैं। ये उन आरोपियों में से हैं जिन्हें NIA ने अप्रैल 2026 में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया था। मामले की जानकारी के अनुसार, जांच के सिलसिले में छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक, मैथ्यू एरॉन वैनडाइक, हिरासत में हैं।

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एनआईए की ओर से पेश हुए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राहुल त्यागी ने वकील जतिन खत्री और अमित रोहिला के साथ मिलकर इस अर्ज़ी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने कानूनी पहलुओं पर ठीक से विचार करने और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की रिपोर्ट देखने के बाद ही जांच की अवधि बढ़ाने की मंज़ूरी दी थी। NIA ने दलील दी कि जांच अभी चल रही है और कोर्ट SPP की रिपोर्ट और अवधि बढ़ाने की अर्ज़ी पर विचार करने के बाद जांच का समय बढ़ा सकता है।

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एजेंसी ने यह भी कहा कि चल रही जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अर्ज़ी को जानबूझकर सामान्य रखा गया था। एनआईए ने कहा यह भी बताया गया कि जांच की प्रगति को गोपनीय रखने के लिए अर्ज़ी को जानबूझकर सामान्य रखा गया था। हम यह नहीं बता सकते कि हम कितनी दूर आ गए हैं और हमें और कितना आगे जाना है। एजेंसी ने आगे दलील दी कि आरोपियों ने असल में ज़मानत की अर्ज़ी नहीं दी थी, बल्कि वे इस आधार पर रिहाई की मांग कर रहे थे कि जांच पूरी नहीं हुई है।

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NIA ने कहा, उन्होंने ज़मानत की कोई अर्ज़ी नहीं दी। उन्होंने बस यह कहा कि वे रिहा होना चाहते हैं क्योंकि जांच पूरी नहीं हुई है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील नितिन सलूजा के साथ पेश हुईं सीनियर वकील नित्या रामकृष्णन ने NIA की दलीलों का विरोध किया। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि जांच की अवधि बढ़ाने से डिफ़ॉल्ट ज़मानत का उनका कानूनी अधिकार खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में ज़मानत का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने यह भी दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने एक ही बार में जांच की अवधि 90 दिन और बढ़ा दी थी।

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Kerala Police ने पत्नी का अश्लील वीडियो अपलोड करने वाले पति को किया गिरफ्तार

केरल के कोट्टियम में पत्नी का अंतरंग वीडियो अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने वाली (पॉर्नोग्राफिक) एक वेबसाइट पर साझा करने और अपनी चार साल की बेटी के सामने अश्लील हरकत करने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को 31 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मय्यनाड का रहने वाला आरोपी पिछले चार वर्षों से अपनी पत्नी और बेटी के साथ ब्रिटेन में रह रहा था। दंपति ने छह साल पहले प्रेम विवाह किया था।

यह घटना तब सामने आई जब ब्रिटेन में रहने के दौरान महिला के दोस्तों ने उसे सूचित किया कि उसके व्यक्तिगत और अंतरंग वीडियो इंटरनेट की अश्लील वेबसाइटों पर प्रसारित हो रहे हैं। पुलिस ने बताया कि महिला ने शुरुआत में अपने पति को चेतावनी दी, लेकिन बाद में जब उसने पति का मोबाइल फोन जांचा, तो उसमें एक वीडियो मिला जिसमें वह अपनी बेटी की मौजूदगी में अश्लील हरकत करता दिख रहा था। इसके बाद यह दंपति केरल लौट आया, जहां आरोपी को तीन दिन तक समझाया गया।

हालांकि, उसके बाद भी आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची के सामने दोबारा अश्लील हरकत करते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। जब महिला ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की जिसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर महिला का बयान दर्ज किया और मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस ने बताया कि वीडियो की जांच करने के बाद यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था जिसे पुलिस ने खोज कर गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के वकील प्रशांत वी. कुरुप ने आरोप लगाया कि आरोपी अपनी पत्नी पर इस बात का दबाव बना रहा था कि वह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए ताकि वह खुद उस व्यक्ति की पत्नी के साथ संबंध बना सके।

वकील कुरुप ने पीटीआई-को बताया, महिला इसके लिए कभी तैयार नहीं हुई। आरोपी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी और वह अपनी पत्नी के साथ ब्रिटेन गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि समझाने -बुझाने के बाद भी उसने अपनी हरकतों में सुधार नहीं किया।

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  Sports

टीम इंडिया के पूर्व कोच की दो भविष्यवाणी, WTC फाइनल में कैसे बनेगी जगह, वैभव सूर्यवंशी कब खेल सकते है टेस्ट मैच?

rahul dravid on team india : राहुल द्रविड़ ने 'जियोस्टार' से पूछा कि क्या भारत यहां से डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बना पाएगा, तो उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे. अगर भारत यहां से डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालीफाई कर पाता है तो यह एक शानदार दौड़ होगी. उन्होंने कहा, वे थोड़ा पीछे छूट गए हैं, लेकिन भारतीय टीम में जिस तरह की गुणवत्ता है, आप उन्हें किसी भी स्तर पर खारिज नहीं कर सकते. Tue, 25 Aug 2026 14:01:50 +0530

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