15 सितंबर से पहले फिर संसद सत्र? महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सरकार की बड़ी तैयारी
महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आता दिख रहा है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र सरकार अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर संसद का सत्र दोबारा बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है. चर्चा है कि 15 सितंबर के आसपास संसद की बैठक बुलाई जा सकती है. हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.
सरकार की रणनीति केवल संसद सत्र बुलाने तक सीमित नहीं बताई जा रही. सूत्रों के मुताबिक, सरकार पहले यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रस्तावित संविधान संशोधन को सदनों में पारित कराने के लिए पर्याप्त राजनीतिक समर्थन मौजूद है.
मानसून सत्र के बाद भी क्यों बचा है रास्ता?
संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बावजूद राष्ट्रपति की ओर से अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ है. ऐसे में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सरकार के लिए उसी सत्र का आगे का हिस्सा बुलाने का विकल्प खुला हुआ है.
पॉलिटिकल एक्सपर्ट रामनारायण श्रीवास्तव की मानें तो मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने और 11 दिन बीत जाने के बावजूद राष्ट्रपति ने अभी तक मानसून सत्र का सत्रावसान नही किया है. इसका मतबल है कि सरकार जब चाहे मानसून सत्र का एक्सटेंडेड सेशन बुला सकती हैं.
सरकार की नजर सिर्फ बिल पेश करने पर नहीं, बल्कि बिल पास कराने के लिए जरूरी नंबर जुटाने पर है. सबसे बड़ा सवाल 360 का आंकड़ा. महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव संविधान संशोधन के जरिए ही आएगा और पारित कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत विशेष बहुमत की जरूरत होगी.
महिला आरक्षण और परिसीमन साथ क्यों जुड़े हैं?
महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है. इसके प्रभावी क्रियान्वयन को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ा गया है.
परिसीमन का अर्थ है कि जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं और सीटों का पुनर्निर्धारण किया जाए. इसलिए महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया में परिसीमन एक महत्वपूर्ण कड़ी बन जाता है. इसी वजह से यदि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है तो दोनों मुद्दे राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
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कांग्रेस और सपा को छोड़कर बाकी दलों से बातचीत?
सूत्रों के मुताबिक, सरकार फिलहाल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को छोड़कर अन्य राजनीतिक दलों के साथ समर्थन को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
सरकार के लिए चुनौती यह है कि संविधान संशोधन पर केवल सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दलों का समर्थन पर्याप्त नहीं हो सकता. उसे सदन में व्यापक राजनीतिक सहमति बनानी होगी. यही कारण है कि छोटे और क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी अचानक महत्वपूर्ण हो गई है.
पहले भरोसा, फिर सदन में बिल?
सरकार की संभावित रणनीति को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आ रही है कि पहले संख्या बल सुनिश्चित किया जाएगा और उसके बाद ही संसद सत्र बुलाने का फैसला होगा.
यानी सरकार बिना पर्याप्त समर्थन के केवल राजनीतिक संदेश देने के लिए बिल सदन में लाने के बजाय पहले अलग-अलग दलों से बातचीत कर समर्थन का आकलन कर सकती है. अगर सरकार को यह भरोसा हो जाता है कि प्रस्तावित संविधान संशोधन पारित हो सकता है, तभी इसे संसद में लाने की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है.
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सीएम योगी ने रायबरेली को दिया 879 करोड़ का तोहफा, 346 विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के सभी जिलों को ताबड़तोड़ विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं. सीएम योगी ने सोमवार को रायबरेली में भी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. सीएम योगी ने रायबरेली दौरे के दौरान 879 करोड़ से अधिक लागत की 346 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इसके साथ ही सीएम योगी ने आवास विहीन परिवारों को आवासीय पट्टे के आवंटन-पत्र का भी वितरण किया. इसके बाद सीएम योगी ने जनसभा को भी संबोधित किया.
पहले बदहाल था रायबरेली- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि रायबरेली को पहले लोग वीआईपी जनपद बोलते थे, लेकिन वीआईपी के नाम पर यहां बदलहाली थी, अराजकता थी, अभाव था, गरीब को शासन की योजना नहीं मिलती थी. इससे बदहाल तस्वीर और क्या हो सकती थी जो राजीव गांधी ने कही थी. उन्होंने उस पीड़ा को कहा था कि एक रुपया भेजता हूं 15 पैसे पहुंचता है, बाकी 85 पैसे कौन खाता था.
वर्ष 2025-26 में रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री में रिकॉर्ड प्रोडक्शन हुआ है... pic.twitter.com/oGuHP2MtaH
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 24, 2026
'कांग्रेस और सपाई खा जाते थे 85 फीसदी पैसा'
सीएम योगी ने कहा कि ये 85 फीसदी खाने वाले लोग कोई और नहीं थे ये वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग थे जो गरीबों को पिछले नौ साल में आवास मिले हैं. हर गरीब के घर में शौचालय बना है. रेल और सड़कों का जाल बिछा है. आज यहां 900 करोड़ की परियोनजाओं का उपहार रायबरेली को मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि विकास आज की जरूरत है.
नौजवानों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा विकास- CM
नौजवान की आकांक्षा को यही विकास आगे बढ़ाएगा. अन्नदाता किसानों के चेहरे पर यही विकास खुशहाली लाएगा, हमारे कारीगर और हस्तशिल्पियों को यही सम्मान देगा. हमारे बुजुर्गों के वृद्धावस्था का सहारा यही बनेगा. और उस विकास के साथ जोड़ने के लिए आपने हमें विधायक दिए और विकास की इस प्रतिक्रिया को चलाया जा रहा है.
रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री में हुआ रिकॉर्ड उत्पादन
सीएम योगी ने कहा कि यहां की मॉडर्न कोच फैक्ट्री 2012 में बनी थी, 2014 तक कांग्रेस के विकास की तरह घिसती हुई जा रही थी और आज मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली की पहचान बन चुकी है. सीएम योगी ने कहा कि 2025-26 में इस मॉडर्न कोच फैक्ट्री में पिछले साल 2156 कोच का निर्माम किया. जो रिकॉर्ड प्रोडक्शन है. पहली बार मई 2026 में वंदेभारत ट्रेन का पूरा रोल आउट रायबरेली में बना है. सीएम योगी ने कहा कि रायबरेली का नाम यूपी में ही नहीं बल्कि पूरे देश में गर्व के साथ लिया जा रहा है.
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युवाओं को भड़काने का काम कर रहे राहुल गांधी- सीएम योगी
सीएम योगी ने आगे कहा कि आपके सांसद इस समय क्या-क्या गुल खिला रहे हैं. वे युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं, भारत की विरासत को अपमानिक करने का काम कर रहे हैं, और कांग्रेस के प्रदेश के अध्यक्ष ने तो सभी हदें पार कर दी हैं और कांग्रेस के वास्तविक संस्कार को भी उजागर कर दिया है. सीएम योगी ने कहा कि कल वो हनुमानगढ़ी गई थे, हम वहां बड़े सात्विक भाव के साथ जाते हैं, बजरंगबली के लिए तो मंगलवार के दिन हर हिंदू व्रत रखता है. लेकिन बाबरी के भक्तों का कारनामा आपने देखा होगा. अपनी पार्टी के एक दफ्तर में जाते हैं वहां वे मछली की दावत उड़ाते हुए दिखाई दिए. इसी को कहते हैं मुंह में राम बगल में छुरी.
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