सिम्बायोटेक फार्मालैब आईपीओ: कंपनी के खिलाफ 150.79 करोड़ रुपए के कानूनी मामले लंबित, आरएचपी में हुआ खुलासा
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। सिम्बायोटेक फार्मालैब के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में खुलासा हुआ है कि कंपनी के पास टैक्स से जुड़े छह मामले और एक अहम सिविल केस लंबित है और इसमें 150.79 करोड़ रुपए की राशि शामिल है।
सिम्बायोटेक फार्मालैब का 1,757 करोड़ रुपए का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) सोमवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और यह 27 अगस्त तक खुला रहेगा। फार्मास्युटिकल और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी ने प्रति शेयर 938-988 रुपए का प्राइस बैंड तय किया है।
आरएचपी में कंपनी ने कहा कि उससे जुड़े कानूनी मामले अलग-अलग अदालतों और अधिकारियों के पास लंबित हैं। साथ ही, कहा कि ऐसे मामलों में कोई भी प्रतिकूल फैसला - चाहे अलग-अलग हो या कुल मिलाकर - उसकी प्रतिष्ठा, मैनेजमेंट के बने रहने, कारोबार, कामकाज के नतीजों, वित्तीय स्थिति और कैश फ्लो पर बुरा असर डाल सकता है।
आधिकारिक दस्तावजों में कंपनी के डायरेक्टर, सब्सिडियरी और प्रमोटर से जुड़े कानूनी मामलों की जानकारी भी दी गई है। प्रमोटरों को छोड़कर, डायरेक्टरों के खिलाफ दो आपराधिक और 11 टैक्स से जुड़े मामले चल रहे हैं, जिनमें कुल 41.2 लाख रुपए की रकम शामिल है।
कंपनी की सब्सिडियरी भी कानूनी मामलों में शामिल हैं। सब्सिडियरी के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है, जिसमें कुल 36.7 लाख रुपए की रकम शामिल है। आरएचपी में सब्सिडियरी से जुड़े एक अहम सिविल मुकदमे की जानकारी भी दी गई है।
प्रमोटरों के खिलाफ एक आपराधिक मामला, एक टैक्स से जुड़ा मामला और एक अहम सिविल केस की जानकारी दी गई है।
कंपनी की एक सब्सिडियरी, नोविया फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक अहम सिविल केस में शामिल है। इस सब्सिडियरी ने ड्राफ्ट पीतमपुरा मास्टर प्लान, 2035 और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर व मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए अधिग्रहित जमीन से जुड़े नोटिफिकेशन्स की वैधता को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी।
आरएचपी के अनुसार, हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल, 2023 और 22 अगस्त, 2023 के अपने आदेशों में संबंधित नोटिफिकेशन के अमल पर रोक लगा दी और नोटिस जारी किए; यह मामला अभी भी लंबित है।
कंपनी ने बताई गई कानूनी कार्यवाही को अपनी मटेरियलिटी पॉलिसी के अनुसार वर्गीकृत किया है और कहा है कि बताई गई रकम उतनी ही है जितनी पता लगाई जा सकती है और जिसकी गणना की जा सकती है।
--आईएएनएस
एबीएस
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कोलंबो टेस्ट में हुए विवाद पर ICC का बड़ा एक्शन, यशस्वी जायसवाल को सुनाई सजा, श्रीलंकाई गेंदबाज पर भी ठोका जुर्माना
Yashasvi Jaiswal and Asitha Fernando: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस मुकाबले के पहले ही दिन टीम इंडिया के स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच लड़ाई हो गई थी. आउट होने के बाद यशस्वी को गेंदबाज ने कुछ कहा था, जिसपर वह अपना आपा खो बैठे थे. उन्होंने गेंदबाज के पास जाकर उससे बहस की थी. हालांकि, मामला बढ़ता उससे पहले वहां मौजूद श्रीलंका के कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों ने दोनों को अलग करके यशस्वी को वापस भेज दिया था. इस मामले पर अब आईसीसी ने एक्शन लिया है और दोनों ही खिलाड़ियों को सजा सुनाई है.
ICC ने क्या सजा सुनाई?
कोलंबो में दूसरे ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मैच के पहले दिन हुई एक घटना के बाद, ICC ने भारत के बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर कार्रवाई की है. दोनों खिलाड़ियों को ICC के 'खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए आचार संहिता' (Code of Conduct) के आर्टिकल 2.12 का उल्लंघन करते हुए पाया गया. यह नियम "किसी खिलाड़ी, खिलाड़ी सहायता कर्मी, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति (जिसमें अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान दर्शक भी शामिल हैं) के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क" से संबंधित है.
The ICC have confirmed the sanctions for Yashasvi Jaiswal and Asitha Fernando following their incident during the second #WTC27 contest in Colombo.https://t.co/jYf9ImTHfA
— ICC (@ICC) August 24, 2026
इसके परिणामस्वरूप, जायसवाल और फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उन्हें एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया. हालांकि, पिछले 24 महीनों में इन दोनों खिलाड़ियों का कोई पिछला उल्लंघन रिकॉर्ड नहीं था. दोनों खिलाड़ियों ने अपनी गलती मान ली और एमिरेट्स ICC एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरीज के एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा बताई गई सजा को स्वीकार कर लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई की ज़रूरत नहीं पड़ी.
क्या है पूरा मामला?
यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच घटना भारतीय पारी के 17वें ओवर में हुई, जब फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया. असिथा फर्नांडो के ओवर में 3 बैक टू बैक चौके लगाने के बाद यशस्वी जायसवाल आखिरी गेंद पर आउट हो गए. जब यशस्वी पवेलियन की तरफ लौट रहे थे, तब गेंदबाज अपनी टीम के साथ विकेट का जश्न मना रहा था. पहले तो बोल्ड होने के बाद यशस्वी आराम से पवेलियन की तरफ जा रहे थे.
तभी उन्हें आउट करने वाले श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने उन्हें कुछ कह दिया, जिसे सुनकर यशस्वी भड़क गए और उन्होंने तुरंत पीछे मुड़कर जवाब दिया और असिथा की ओर बढ़े. दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि वो अपने हेड से हेड टकराने लगे.
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