अमेठीः अत्तानगर गांव में पैगा ड्रेन की सफाई न होने से किसानों की फसलें बर्बाद, जलजमाव से किसान परेशान
अमेठी जिले के गौरीगंज तहसील क्षेत्र का अत्तानगर, जहां पर पैगा ड्रेंन है. जिसमें साफ नजर आता है कि फसल किस तरीके से फसल पूरी तरीके से भारी जल जमाव की चपेट में है. किसान गुहार लगाते लगाते थक जाते हैं की समय से पहले इस ड्रेंन की सफाई हो लेकिन हालात जस के तस हैं. हर बार अधिकारी सिर्फ कागजों पर सफाई कर देते हैं. जिसका कारण होता है कि जब यह तूफान पर आती है तो फसलों को अपनी चपेट में ले लेती है और अच्छी खासी मेहनत और फसल सब बर्बाद हो जाती है.
साखू और सागवान की खेती में बड़ा फर्क, पेड़ लगाने से पहले जान लें जरूरी बात, पत्ते से लेकर लकड़ी तक उपयोगी, बाजार में खूब डिमांड कीमत
Sakhu-Teak Trees Farming: साखू एक महत्वपूर्ण पेड़ है, जिसका इस्तेमाल जंगल और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से होता रहा है. इसके पत्तों से दोना-पत्तल बनाए जाते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार और कमाई का अवसर मिलता है. इसकी लकड़ी भी इमारती कामों में इस्तेमाल की जाती है और इसकी बाजार में मांग रहती है. साखू की एक खासियत यह भी है कि इसे अलग-अलग तरह के क्षेत्रों में लगाया जा सकता है.
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