अगले दशक में भारत के अमीर ग्राहकों की संख्या चार गुना से ज़्यादा बढ़ने का अनुमान है। ज़्यादा खर्च करने की क्षमता वाले लाखों नए ग्राहकों के जुड़ने से, 2036 तक भारत इस मामले में चीन से आगे निकल सकता है। NielsenIQ (NIQ) और World Data Lab की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारत में लगभग 2.6 करोड़ अमीर ग्राहक होने का अनुमान है। 2036 तक यह संख्या बढ़कर 10.8 करोड़ होने की उम्मीद है, यानी इस दशक में लगभग 8.2 करोड़ नए अमीर ग्राहक जुड़ेंगे। वहीं, चीन में लगभग 6.2 करोड़ अमीर उपभोक्ता और जुड़ने का अनुमान है, जिससे 2036 तक वहां अमीर उपभोक्ताओं की संख्या 10.3 करोड़ हो जाएगी। इस तरह, रिपोर्ट में बताई गई अमीर श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या के मामले में भारत चीन से थोड़ा आगे निकल जाएगा।
'अमीर कंज्यूमर' का क्या मतलब है?
इस रिपोर्ट में अमीर कंज्यूमर की परिभाषा अहम है। इसका मतलब उन लोगों से है जो रोज़ाना $90 से ज़्यादा खर्च करते हैं। इसलिए, यह वर्गीकरण आय, संपत्ति या नेट वर्थ के बजाय रोज़ाना के खर्च पर आधारित है। इसका मतलब यह नहीं है कि 2036 तक भारत में 10.8 करोड़ "अमीर लोग" होंगे। यह बताता है कि रिपोर्ट में तय खर्च की सीमा को पार करने वाले लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ सकती है। अनुमान है कि 2026 में भारत में 64.9 करोड़ "कोर कंज्यूमर" (core consumers) होंगे, जिन्हें ऐसे लोगों के तौर पर परिभाषित किया गया है जो रोज़ाना $13 से $90 के बीच खर्च करते हैं। यह एक अलग कैटेगरी है और इसे अमीर कंज्यूमर की गिनती में शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्ट में अलग से बताए गए देशों में, भारत में 2026 और 2036 के बीच अमीर ग्राहकों की संख्या में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इस दौरान भारत में 8.2 करोड़ अमीर ग्राहक जुड़ने की उम्मीद है, जबकि चीन में 6.2 करोड़ अमीर ग्राहक जुड़ने का अनुमान है। उम्मीद है कि 2036 में भी अमेरिका में दुनिया की सबसे ज़्यादा अमीर ग्राहक आबादी होगी, जिसमें इस कैटेगरी के 23.1 करोड़ लोग शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुमानों के मुताबिक, 2036 में जर्मनी में अमीर ग्राहकों की संख्या 3.2 करोड़, जापान में 3 करोड़, यूके में 2.7 करोड़ और ब्राज़ील में 2.3 करोड़ होगी। दुनिया भर में अमीर ग्राहकों की आबादी 2026 में 65.7 करोड़ से बढ़कर 2036 में 102.5 करोड़ होने का अनुमान है।
भारत का कंज्यूमर मार्केट क्यों बदल सकता है?
रिपोर्ट में भारत को "वॉल्यूम ग्रोथ" वाला मार्केट बताया गया है, जिसकी वजह यहाँ की बढ़ती आबादी और मिडिल क्लास है। जैसे-जैसे ज़्यादा खर्च करने की क्षमता वाले कंज्यूमर्स की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे खपत का तरीका भी बदल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कैटेगरी में ग्रोथ ज़्यादा घरों की भागीदारी, किफायती दाम और डिस्ट्रीब्यूशन से आएगी। वहीं, दूसरी कैटेगरी में ग्रोथ प्रीमियम खरीदारी से बढ़ सकती है, क्योंकि नए-नए अमीर बने कंज्यूमर्स ऐसे प्रोडक्ट्स की तलाश में रहते हैं जो क्वालिटी, सुविधा या स्टेटस दें। इससे भारत के प्रीमियम और एस्पिरेशनल कंज्यूमर सेगमेंट को टारगेट करने वाली कंपनियों के लिए बड़े मौके बन सकते हैं। इस रिपोर्ट में कंज्यूमर कंपनियों के लिए एक ज़रूरी बात भी कही गई है: ज़्यादा खर्च करने की क्षमता का मतलब यह नहीं है कि कंज्यूमर हमेशा सबसे महंगा प्रोडक्ट ही चुनेंगे।
अमीर ग्राहक बहुत ज़्यादा खर्च करते हैं
अमीर ग्राहकों की बढ़ती अहमियत को दुनिया भर में खर्च के आंकड़ों में भी देखा जा सकता है। हालांकि, 2026 में दुनिया भर में अनुमानित 410 करोड़ मुख्य ग्राहकों की तुलना में अमीर ग्राहकों की संख्या बहुत कम है, लेकिन इस साल उनके द्वारा $35.9 ट्रिलियन खर्च किए जाने का अनुमान है। इसकी तुलना में, बहुत बड़े मुख्य-ग्राहक समूह का खर्च $31.6 ट्रिलियन है। यह रिपोर्ट बढ़ती कीमतों के माहौल में आई है। NIQ के अनुसार, 2021 और 2025 के बीच दुनिया भर में तेज़ी से बिकने वाले कंज्यूमर गुड्स (FMCG) की कीमतों में 26% की बढ़ोतरी हुई। इसलिए, भारत के लिए अमीर ग्राहकों की संख्या में अनुमानित बढ़ोतरी का मतलब न केवल एक बड़ा ग्राहक आधार है, बल्कि संभावित रूप से उपभोक्ता खर्च के स्रोत में एक बड़ा बदलाव भी है।
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टाटा समूह की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने शुक्रवार को कहा कि ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड का आईएचसीएल में विलय शेयर के लेनदेन के जरिये किया जाएगा। इस संबंध में ओरिएंटल होटल्स और आईएचसीएल के निदेशक मंडलों ने विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। विलय योजना के तहत 117 ओरिएंटल होटल्स के शेयर के बदले आईएचसीएल के 25 शेयर दिए जाएंगे।
लेनदेन को वित्त वर्ष 2027-28 की दूसरी छमाही में पूरा करने का लक्ष्य है। आईएचसीएल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पुनीत चटवाल ने कहा, ‘‘मूल्य सृजन, समूह की संरचना को सरल बनाने और ओरिएंटल होटल्स के खंड की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए हमारी ‘एक्सेलरेट 2030’ रणनीति के अनुरूप आईएचसीएल और ओएचएल के निदेशक मंडलों ने आज इस विलय को मंजूरी दी है।’’
ओरिएंटल होटल्स, आईएचसीएल की सहयोगी कंपनी है। कंपनी के पास 825 कमरों वाले सात होटल हैं।
विलय योजना के लिए वैधानिक मंजूरियां और नियामकीय स्वीकृतियां लेनी होंगी। ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ प्रमोद रंजन ने कहा कि ओएचएल का आईएचसीएल में विलय उसके शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण मूल्य सृजित करेगा और उन्हें आईएचसीएल की विकास यात्रा में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा।
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