रीढ़ को बनाना है लचीला और मन को शांत, 'हाफ कैमल पोज' है रामबाण उपाय
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना हमारी आदत का हिस्सा बन गया है। इसका असर हमारी रीढ़ की हड्डी, कंधों और गर्दन पर पड़ता है। ऐसे में अर्द्धउष्ट्रासन एक ऐसा उपाय है, जो शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ मन को भी शांत रखता है।
अर्द्धउष्ट्रासन के नाम से ही ज्ञात होता है कि यह उष्ट्रासन, यानी ऊंट के समान दिखने वाले आसन का आधा रूप है। इसे हाफ कैमल पोज के नाम से भी जाना जाता है, जो पूर्ण उष्ट्रासन का एक कम तीव्र रूप है। यह आसन रीढ़ को लचीला बनाने, तनाव को कम करने और शरीर को ऊर्जावान रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आयुष मंत्रालय ने इस आसन के प्रभावशाली फायदों पर रोशनी डाली है। उनके अनुसार, यह पीठ और गर्दन की ताकत को बढ़ाता है। ज्यादातर लोग लंबे समय तक बैठने या मोबाइल देखने की वजह से गर्दन और पीठ दर्द से परेशान रहते हैं। यह आसन उनके लिए राहत देने वाला योगासन है। साथ ही, यह आसन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर के सभी अंगों को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन मिलती है, जिससे शरीर तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करता है।
इसके अलावा, अर्ध उष्ट्रासन कब्ज और कमर दर्द से राहत देने में भी मददगार है। जब हम इस आसन को नियमित करते हैं, तो पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है। इससे कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं और पेट हल्का महसूस होता है।
इस योगासन से मानसिक तनाव भी कम होता है। जब शरीर ठीक रहता है तो हमारा मन भी खुश और शांत रहता है। आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर आपको कमर या घुटनों में कोई तकलीफ है तो बिना डॉक्टर से सलाह लिए इस आसन को न करें।
अर्द्धउष्ट्रासन एक ऐसा योगासन है, जो सरल होने के साथ-साथ अनेक लाभ प्रदान करता है। इसे योग प्रशिक्षक की देखरेख में शुरू करने से सही तकनीक और सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इस आसन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर स्वस्थ, लचीला और ऊर्जावान जीवन जिया जा सकता है।
--आईएएनएस
एनएस/पीएम
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नागपुर में आधी रात क्लोरीन गैस का बड़ा रिसाव, 5 की हालत गंभीर; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Nagpur Gas Leak: महाराष्ट्र के नागपुर जिले से आधी रात को एक बेहद डराने वाली घटना सामने आई है. गोधानी इलाके में बने एक पानी शुद्धिकरण प्लांट में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा. देखते ही देखते यह जहरीली गैस आसपास की बस्तियों में फैल गई और लोगों का दम घुटने लगा. उस वक्त ज्यादातर लोग अपने घरों में गहरी नींद में सो रहे थे. हवा में गैस की तेज गंध और गले में तेज जलन की वजह से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे. इस हादसे की चपेट में आने से करीब 40 लोगों की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई, जिन्हें फौरन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
आधी रात को हुआ हादसा और फैली दहशत
यह पूरी घटना देर रात करीब सवा बारह से एक बजे के बीच की बताई जा रही है. गोधानी नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में सामान्य दिनों की तरह काम चल रहा था. तभी अचानक वहां लगे एक बड़े गैस सिलेंडर या स्टोरेज से क्लोरीन गैस का तेज बहाव शुरू हो गया. क्लोरीन हवा से भारी होती है और बहुत तेजी से निचले इलाकों में फैलती है. प्लांट में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को जब तक कुछ समझ आता, तब तक गैस ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. वहां काम कर रहे आठ से दस कर्मचारी मौके पर ही अचेत होने लगे और बुरी तरह खांसने लगे. इसके बाद हवा के रुख के साथ गैस प्लांट के करीब बने रिहायशी इलाकों में पहुंच गई.
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: Rescue operations are underway after a chlorine gas leak was reported at a water purification plant belonging to the Maharashtra Jeevan Pradhikaran in the Godhni area pic.twitter.com/1QArLOZden
— ANI (@ANI) August 24, 2026
स्थानीय नागरिकों की बिगड़ी तबीयत और मची चीख-पुकार
प्लांट के ठीक पास स्थित नागमंदिर टेकरी और फागो पाटिल लेआउट जैसे रिहायशी इलाकों में गैस का असर सबसे ज्यादा देखा गया. लगभग बीस से पच्चीस स्थानीय नागरिक इसकी सीधी जद में आ गए. लोगों को अचानक सीने में भारीपन, आंखों में तेज जलन, उल्टी और सांस लेने में भारी तकलीफ महसूस होने लगी. कई छोटे बच्चे और बुजुर्ग हवा में फैले इस जहर के कारण बेहोश होने लगे. चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग अपने परिवारों को लेकर सुरक्षित स्थानों की तरफ दौड़ पड़े. तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग के कंट्रोल रूम को दी गई.
रेस्क्यू टीम का एक्शन और मरीजों को अस्पताल पहुंचाना
सूचना मिलते ही मानकपुर पुलिस स्टेशन की टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंच गईं. बचाव दल ने विशेष सुरक्षा उपकरण पहनकर सबसे पहले रिसाव वाले स्थान की घेराबंदी की. दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद गैस के मुख्य वाल्व को बंद करके रिसाव पर काबू पाया. साथ ही पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से बीमार पड़े लोगों को शहर के नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाना शुरू किया. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर लिया. चालीस प्रभावितों में से चार से पांच लोगों की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट किया गया है. बाकी लोगों का सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा है.
प्रशासन की पाबंदी और पुलिस की अपील
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कड़े सुरक्षा कदम उठाए हैं. मानकपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया गया है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से प्लांट के आसपास के दो सौ मीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह ग्यारह बजे तक इस प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचें. पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें. पर्यावरण और सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर इतने बड़े प्लांट में क्लोरीन का यह रिसाव किस तकनीकी खराबी या मानवीय लापरवाही के कारण हुआ.
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