'तेल की एक भी बूंद नहीं की जाएगी एक्सपोर्ट अगर...', अमेरिका की 'आर्थिक जंग' के एलान से भड़का ईरान
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से भारी तनाव पैदा हो गया है. ईरान के खिलाफ अमेरिका के प्रस्तावित 'आर्थिक युद्ध' को लेकर तेहरान भड़क गया है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के खिलाफ अमेरिका की "आर्थिक जंग" जारी रहती है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के अन्य इलाकों से तेल का पूरा निर्यात रोक सकता है.
तेल की एक भी बूंद नहीं की जाएगी एक्सपोर्ट- ईरान
मोहसिन रेजाई ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक अभियान का समर्थन करने या उसमें शामिल होने वाले किसी भी देश के कदम को ईरान "युद्ध की कार्रवाई" मानेगा. रेजाई ने कहा, "अगर आर्थिक युद्ध जारी रहता है, तो तेल की एक बूंद भी एक्सपोर्ट नहीं की जाएगी- न तो होर्मुज जलडमरूमध्य से और न ही फारस की खाड़ी में कहीं से भी. ईरान, ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक युद्ध में किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध की कार्रवाई मानेगा."
If the economic war continues, not a single drop of oil will be exported٫ neither through the Strait of Hormuz nor from anywhere in the Persian Gulf. Iran will regard any country’s participation in or support for America’s economic war against the Iranian people as an act of war.
— محسن رضایی (@ir_rezaee) August 23, 2026
आर्थिक प्रतिबंधों का उल्टा भी हो सकता है असर- गालिबाफ
ईरान की ये चेतावनी तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है, जो ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक उपायों की अमेरिकी योजनाओं को लेकर है. इससे पहले रविवार को, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नए आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी के बाद अमेरिका का मजाक उड़ाया. उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए तर्क दिया कि कठोर आर्थिक प्रतिबंधों का अंततः उल्टा असर होता है.
गालिबाफ ने अमेरिका पर किया तंज
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मीट की कीमतें ठीक करने के लिए फ्रोजन मीट इम्पोर्ट करना. ठीक है, शायद यह काम कर जाए. बॉन्ड के लिए क्या प्लान है, क्या फ्रोजन यील्ड इम्पोर्ट करेंगे? हाउसिंग के लिए फ्रोजन होमबायर्स? वेजेज के लिए फ्रोजन पेचेक? फ्रोजन फॉरेन पॉलिसी से फ्रोजन इकॉनमी ही मिलती है. बस एक ही चीज है जो अभी भी चल रही है? ईरान बूमरैंग."
इस पोस्ट के साथ, गालिबाफ ने एक व्यंग्यात्मक चार-पैनल वाली कॉमिक स्ट्रिप शेयर की, जिसमें "ईरान बूमरैंग" के कॉन्सेप्ट को दिखाया गया था. मीम में एक कैरेक्टर को एक विशाल बूमरैंग फेंकते हुए दिखाया गया है जिस पर लिखा है "अब तक का सबसे जबरदस्त आर्थिक ऑपरेशन," लेकिन वह हथियार घूमकर सीधे फेंकने वाले के चेहरे पर ही लगता है; यह US के दबाव वाले प्रतिबंधों के उल्टे असर का मजाक उड़ाता है.
हम पहले से ही कर रहे ऐसे प्रतिबंधों का सामना- IRGC
इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने कहा कि वॉशिंगटन का आर्थिक युद्ध पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना असल में मिलिट्री फ्रंट पर US की "शर्मनाक हार" को बिना कहे स्वीकार करना है. IRIB के अनुसार, आक्रामक आर्थिक दबाव के बारे में ट्रंप के हालिया बयानों पर बात करते हुए मोहेबी ने कहा कि ऐसे उपाय कोई नई बात नहीं हैं; उन्होंने बताया कि तेहरान दशकों से अपने मुख्य सेक्टरों को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों का सामना कर रहा है.
सुनने की हिम्मत रखो... यशस्वी जायसवाल और अशीथा फर्नांडो के विवाद में कूदे अजय जडेजा, भारतीय ओपनर को जमकर सुनाया
Yashasvi Jaiswal-Asitha Fernando: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और अशीथा फर्नांडो के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. इस घटना के बाद भारतीय ओपनर यशस्वी की खूब आलोचना हो रही है. इस पूरे विवाद पर अब पूर्व अजय जडेजा ने यशस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि अगर आप बैंटर करते हो तो सामने से सुनने की भी हिम्मत रखो.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18






