Eknath Shinde ने Pune मामले में फास्ट ट्रैक सुनवाई और फांसी की सजा का दिया आश्वासन
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे जिले में यौन उत्पीड़न के बाद नौ वर्षीय बच्ची की कथित रूप से हत्या किये जाने के मामले में उसके परिवार को आश्वासन दिया है कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में कराकर आरोपी को मृत्युदंड दिलाने का प्रयास किया जायेगा। पिछले सप्ताह जुन्नर तालुका में यह घटना सामने आने के बाद, शिवसेना के विधायकों नीलम गोर्हे और शरद सोनवणे ने शनिवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। एक विज्ञप्ति के अनुसार इस मुलाकात के दौरान शिंदे ने फोन पर पीड़िता के परिवार से बात की।
उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि सरकार आरोपी को मृत्युदंड दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी और मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में करायेगी। उन्होंने नसरापुर मामले में की गई कार्रवाई का भी उदाहरण दिया। नसरापुर का मामला एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा तीन वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या से जुड़ा है।
एक मई को हुई इस घटना के 60 दिनों के भीतर, 25 जून को अदालत ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई थी। इस बीच, शिंदे ने पुलिस उपाधीक्षक को पुणे क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया। विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने अधिकारियों को उपद्रवियों, गुंडों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
शिंदे ने कहा कि वह पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ समन्वय करेंगे, ताकि जांच तेजी से पूरी हो और आरोप-पत्र जल्द दाखिल किया जा सके।
Sajad Lone ने Rahul Gandhi से Kashmir में Pellet Gun पीड़ितों पर सवाल पूछा
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने रविवार को दिल्ली में पैलेट गन से घायल लोगों के प्रति चिंता जताने के दौरान कश्मीर में पैलेट गन के पीड़ितों के मुद्दे पर राहुल गांधी की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाया। लोन ने सवाल किया कि दिल्ली में पैलेट गन से लगी चोटों को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी की जिस चिंता की खूब चर्चा हुई, वह कश्मीर में वर्षों तक जारी भयावह पैलेट हिंसा के दौरान क्यों नहीं दिखाई दी, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों की आंखों की रोशनी चली गई और हजारों लोग स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। लोन ने कहा कि वह दिल्ली में पैलेट से लगी चोट के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने को लेकर गांधी की हालिया पहल को स्वीकार करते हैं, लेकिन उन्होंने जानना चाहा कि घाटी के लिए वही नैतिक तत्परता ‘कभी’ क्यों नहीं दिखाई गई।
हंदवाड़ा के विधायक ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं पूरी विनम्रता के साथ पूछना चाहता हूं कि कश्मीर में कई मौकों पर जब पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, तब यही प्रयास क्यों नहीं किया गया।” उन्होंने कहा कि कश्मीर में इस पीड़ा का पैमाना बहुत बड़ा है और इसके दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं। लोन ने कहा कि गांधी को कश्मीर आकर पैलेट गन के पीड़ितों के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश करनी चाहिए।
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