फिजिकल हेल्थ- दिल्ली में 8 गुना बढ़े H1N1 के केस:इन 7 लक्षणों को इग्नोर न करें, डॉक्टर से जानें बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त तक इसके 1,777 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पिछले साल इस समय तक यह संख्या सिर्फ 229 थी। यानी एक साल में मामलों की संख्या करीब 8 गुना हो गई है। ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन’ (WHO) के अनुसार, H1N1 ‘इन्फ्लूएंजा A’ वायरस का एक प्रकार है, जो H3N2 समेत दूसरे फ्लू वायरस के साथ फैलता है। इसके लक्षण रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन जैसे हो सकते हैं। ऐसे में H1N1 के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में H1N1 इन्फ्लूएंजा के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- H1N1 इन्फ्लूएंजा क्या है? जवाब- यह एक इनफेक्शियस डिजीज है, जो इन्फ्लूएंजा A (H1N1) वायरस के कारण होता है। यह वायरस मुख्य रूप से नाक, गले और फेफड़ों को संक्रमित करता है। यह वायरस उन फ्लू वायरस से मिलता-जुलता है, जो सूअरों (Swine) में पाए जाते हैं। इसलिए इसे बोलचाल में ‘स्वाइन फ्लू’ भी कहा जाता है। सवाल- क्या यह कोई नई बीमारी है? जवाब- नहीं, इसका नया स्ट्रेन पहली बार अप्रैल 2009 में अमेरिका में मिला था। इसके बाद यह तेजी से दुनिया के कई देशों में फैला और WHO ने इसे महामारी घोषित कर दिया। उस समय लाखों लोग संक्रमित हुए थे और दुनिया भर में लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हुई थी। इनमें लगभग 80% लोगों की उम्र 65 वर्ष से कम थी। आज H1N1 मौसमी फ्लू (सीजनल फ्लू) का हिस्सा बन चुका है और समय-समय पर इसके मामले बढ़ते रहते हैं। सवाल- H1N1 के शुरुआती लक्षण क्या हैं? जवाब- इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। वायरस के संपर्क में आने के लगभग 3-5 दिनों के भीतर ये लक्षण विकसित हो सकते हैं। ग्राफिक में सभी लक्षण देखिए- सवाल- H1N1 फ्लू और सामान्य वायरल फ्लू में क्या अंतर है? जवाब- H1N1 भी फ्लू वायरस का ही एक प्रकार है, इसलिए इसके शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल फ्लू जैसे ही होते हैं। केवल लक्षण से दोनों में फर्क नहीं समझा जा सकता है। ग्राफिक में दोनों के बीच का अंतर देखिए- सवाल- H1N1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलता है? जवाब- इसका संक्रमण इन तरीकों से फैल सकता है- हैरानी की बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति को बीमारी के लक्षण दिखने से पहले भी दूसरों में संक्रमण फैल सकता है। सवाल- H1N1 से सबसे ज्यादा रिस्क किन लोगों को है? जवाब- इसका वायरस किसी को भी संक्रमित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का रिस्क ज्यादा होता है। किन्हें ज्यादा रिस्क है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- बारिश के मौसम में कौन-सी आदतें इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ाती हैं? जवाब- इसका सबसे बड़ा कारण वायरस का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से पहुंचना है। रोजमर्रा की कई आदतें इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ाती हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- H1N1 की जांच कैसे होती है? जवाब- इसके लिए लैब टेस्ट होता है। जांच के लिए आमतौर पर नाक या गले से सैंपल लिया जाता है। आमतौर पर ये टेस्ट किए जाते हैं- RT-PCR टेस्ट: H1N1 की पुष्टि के लिए सबसे विश्वसनीय टेस्ट माना जाता है। रैपिड इन्फ्लूएंजा डायग्नोस्टिक टेस्ट (RIDT): कम समय में रिजल्ट देता है, लेकिन इसकी सटीकता RT-PCR से कम हो सकती है। वायरल कल्चर: कुछ मामलों में वायरस की पहचान के लिए किया जाता है। सवाल- H1N1 का इलाज क्या है? जवाब- इसका इलाज मरीज के लक्षणों और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। इलाज में आमतौर पर ये चीजें शामिल हो सकती हैं- सवाल- H1N1 से बचाव के लिए क्या करें? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ख्याल रखें, जैेसेकि- ये सावधानियां H1N1 के साथ-साथ अन्य इन्फेक्शन के रिस्क को भी कम करने में मदद करती हैं। सवाल- H1N1 से संक्रमित होने पर क्या खाना चाहिए? जवाब- ऐसे में शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने और तेजी से रिकवरी के लिए पर्याप्त पोषण और फ्लूइड की जरूरत होती है। ऐसे में हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- बीमारी के दौरान किन चीजों से परहेज करना चाहिए? जवाब- कुछ चीजें H1N1 के संक्रमण को गंभीर बना सकती हैं या रिकवरी में देरी कर सकती हैं। इसलिए इनसे परहेज करना चाहिए, जैसेकि- …………………… फिजिकल हेल्थ की ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- बैठने, खड़े रहने पर भी फूलती है सांस: हो सकता है डिस्प्निया, डॉक्टर से जानें यह कब खतरनाक, बचाव के लिए 6 सावधानियां आपने देखा होगा कि कुछ लोग थोड़ी दूर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का-सा काम करने पर ही हांफने लगते हैं। ऐसा कभी-कभार हो तो सामान्य है। लेकिन बिना किसी मेहनत या मूवमेंट के अगर बैठे–बैठे भी सांस फूल रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
जरूरत की खबर- तीन स्कूली बच्चे नदी में बह गए:बारिश में बच्चों को स्कूल भेजने की सेफ्टी गाइडलाइंस, बरतें ये 8 जरूरी सावधानियां
हाल ही में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों बच्चों की मौत हो गई। वहीं दिल्ली के जसोला में 15 साल का एक लड़का खुले नाले में बह गया। इन दिनों देश के कई राज्यों में तेज बारिश हो रही है और आए दिन ऐसी घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर खास सावधानी बरतना जरूरी है। दरसअल, बारिश के मौसम में जलभराव, खुले नाले और फिसलन भरे रास्ते बच्चों के लिए हादसे का कारण बनते हैं। इतना ही नहीं, बारिश में भीगने और गंदे पानी के संपर्क से सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और पेट के संक्रमण जैसी समस्याओं का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बारिश में स्कूली बच्चों की सेफ्टी पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. भरत जैन, सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल, चंडीगढ़ सवाल- बारिश में बच्चों को स्कूल भेजते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इस दौरान उनकी स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- बारिश में बच्चों का स्कूल बैग कैसा होना चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- बारिश में बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़ी क्या तैयारी करनी चाहिए? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- बारिश में बच्चों के लिए कौन-से फुटवेयर बेहतर होते हैं? जवाब- जो फुटवेयर जल्दी फिसलन से बचाएं और जल्दी सूख जाएं वे बच्चों के लिए बेहतर होते हैं, जैसेकि- सवाल- क्या बच्चों को बारिश में भीगने देना ठीक है? जवाब- नहीं, इससे सर्दी, खांसी और संक्रमण का रिस्क बढ़ता है। अगर वे भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलकर शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। सवाल- बारिश में बच्चों में कौन-सी बीमारियों का रिस्क बढ़ता है? जवाब- बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हाती है, इसलिए उनमें बीमारियों का रिस्क ज्यादा होता है। नमी और दूषित पानी इस रिस्क को बढ़ा देते हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए- सवाल- बारिश में बच्चों काे टिफिन में क्या देना चाहिए और क्या नहीं? जवाब- बच्चों के टिफिन में ताजा, अच्छी तरह पका और आसानी से पचने वाला खाना दें, जैसेकि- क्या दें? क्या न दें? सवाल- क्या बारिश में बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है? जवाब- नहीं, बारिश का मौसम सीधे बच्चों की इम्यूनिटी को कमजोर नहीं करता। लेकिन इस मौसम में संक्रमण फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया ज्यादा एक्टिव होते हैं। इससे बच्चों के बीमारी का रिस्क बढ़ जाता है। सवाल- अगर बच्चा पैदल स्कूल जाता है तो उसे सड़क सुरक्षा से जुड़ी कौन सी बातें बतानी चाहिए? जवाब- बारिश में पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम अच्छी तरह समझाना जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- बारिश में आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए बच्चों को क्या जरूरी बातें बतानी चाहिए? जवाब- बारिश के दौरान आकाशीय बिजली का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को ग्राफिक में दी गई सेफ्टी टिप्स जरूर बताएं। सवाल- बारिश में बच्चों के लिए रेनकोट बेहतर है या छाता? जवाब- छोटे बच्चों के लिए रेनकोट ज्यादा सेफ और सुविधाजनक होता है, क्योंकि इसमें दोनों हाथ खुले रहते हैं। बड़े बच्चे छाता इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन तेज हवा या भारी बारिश में रेनकोट ज्यादा उपयोगी होता है। सवाल- बच्चों के स्कूल बैग में कौन-सी जरूरी चीजें रखनी चाहिए? जवाब- इसमें कुछ बुनियादी चीजें रखनी जरूरी हैं। पूरी चेकलिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या बारिश में रोज बच्चों के बाल धोना जरूरी है? जवाब- नहीं, रोज बाल धोना जरूरी नहीं है। बालों में पसीना, गंदगी या नमी ज्यादा हो तो धो सकते हैं। बारिश में बालों को ज्यादा देर गीला न रखें, उन्हें जल्द-से जल्द अच्छी तरह सुखाएं। सवाल- बारिश के मौसम में बच्चों की स्किन और पैरों की केयर कैसे करें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- अगर बच्चा बारिश में भीगकर घर आए तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं, ताकि सर्दी, संक्रमण या अन्य समस्याओं का रिस्क न हो। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- बारिश में बच्चों को हाइजीन की कौन-सी आदतें सिखानी चाहिए? जवाब- बारिश के मौसम में संक्रमण का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को अच्छी हाइजीन की आदतें सिखाना जरूरी है। ग्राफिक में हाइजीन हैबिट्स देखिए- सवाल- बारिश में स्कूल बंद होने की जानकारी या मौसम का अपडेट कहां से लें? जवाब- इसके लिए आधिकारिक सोर्सेज से जानकारी लें, जैसेकि- सवाल- किन स्थितियों में बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहिए? जवाब- कुछ स्थितियों में बच्चे को स्कूल भेजना परेशानी खड़ी कर सकता है, जैसेकि- …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- बारिश में कपड़ों से आती स्मेल: हो सकती है स्किन एलर्जी, एक्सपर्ट से जानें- बैड स्मेल कैसे भगाएं, कपड़े कैसे रखें फ्रेश बारिश के मौसम में कपड़े ठीक से नहीं सूखते हैं। धूप की कमी और हवा में ज्यादा नमी की वजह से कपड़ों से अजीब स्मेल आने लगती है। कई बार अलमारी में रखे कपड़ों से भी सीलन की स्मेल आती है। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 











