मुंबई के कोस्टल रोड टनल में धमाके के बाद कार में लगी आग, मची अफरातफरी; रास्ता बंद
मुंबई की कोस्टल रोड टनल में एक कार में धमाके के बाद आग लगने की खबर आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टनल में आग की लपटे दिखाई दीं जिसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने अपनी-अपनी कार वापस मोड़ ली।
Sugar Stock Limit 2026: त्योहारों से पहले चीनी जमाखोरी पर सरकार की सख्ती; 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे बड़े डीलर
भारत में आगामी त्योहारों के दौरान मिठास और कन्फेक्शनरी उत्पादों की मांग में भारी उछाल आता है। गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली के दौरान बिस्कुट, मिठाई और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग बड़े पैमाने पर चीनी की खरीद करते हैं।
हालांकि, अनियमित बारिश और सूखे मौसम के कारण गन्ने की फसल प्रभावित होने और थोक बाजारों में सट्टेबाजी और कमी के चलते चीनी की घरेलू कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आम उपभोक्ताओं को राहत देने और कालाबाजारी रोकने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सख्त कदम उठाए हैं।
10 मीट्रिक टन से अधिक उपयोग वाले डीलरों पर 15 दिन की स्टॉक सीमा
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, जिन डीलरों और थोक उपभोक्ताओं का मासिक चीनी उपयोग 10 मीट्रिक टन से अधिक है, वे अब 15 दिनों से अधिक की जरूरत का स्टॉक नहीं रख पाएंगे। यह आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक पूरे देश में प्रभावी रहेगा।
पिछले महीने सरकार ने 30 दिनों की स्टॉक सीमा तय की थी, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद नियमों को और अधिक कड़ा करते हुए स्टॉक की समयसीमा घटाकर आधा कर दिया गया है।
घरेलू कीमतों में उछाल और सट्टेबाजी पर नकेल की कोशिश
घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं। सरकार का मानना है कि मिलों से वास्तविक डिलीवरी के बिना कागजी सौदों और जमाखोरी के कारण बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनाया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार स्थिति पर काबू पाने के लिए सीमित शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने जैसे अन्य विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि त्योहारी मांग के दौरान बाजार में आपूर्ति बनी रहे।
निर्यात पर पहले ही लगी है पूर्ण रोक, पोर्टल पर देना होगा स्टॉक का ब्योरा
घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने कच्ची, सफेद और परिष्कृत (रिफाइंड) चीनी के निर्यात को पहले ही 30 सितंबर 2026 तक निषिद्ध श्रेणी में डाल रखा है।
इसके साथ ही, पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी डीलरों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर साप्ताहिक आधार पर अपने वास्तविक स्टॉक की घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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