Responsive Scrollable Menu

BREAKING: नोएडा की सोसाइटी में AC फटने से भीषण आग, चपेट में आए कई फ्लैट्स

नोएडा के सेक्टर-137 की पारस टीयरा (Paras Tierea) सोसाइटी में कई फ्लैट में आग लग गई है। 7वीं मंजिल पर एक AC में शॉट सर्किट हुआ और फटते ही पूरे फ्लैट में आग फैल गई और आस-पास के फ्लैट भी आग की चपेट में आते गए।  

Continue reading on the app

सज्जन कुमार का निधन: दशकों तक चला कानूनी संघर्ष, जानें 1984 दंगों से जुड़े हर मामले की पूरी टाइमलाइन

Sajjan Kumar death: पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को निधन हो गया। उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। वे 80 वर्ष के थे और तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। सज्जन कुमार ने अपने आखिरी वर्ष 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल में ही बिताए।

उनके निधन के साथ ही नवंबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़की हिंसा से जुड़े कई मामलों की एक दशकों लंबी कानूनी यात्रा का अंत हो गया। हालांकि सज्जन कुमार को कुछ मामलों में बरी कर दिया गया था, लेकिन अंततः अदालतों ने दो अलग-अलग मामलों में उन्हें दोषी ठहराया, जिसमें 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट और 2025 में रूज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आइए बताते हैं पूरी टाइमलाइन।

1984: दंगाई भीड़ का नेतृत्व करने के आरोप
सज्जन कुमार के खिलाफ मामले इस आरोप से जुड़े थे कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में भड़की सिख विरोधी हिंसा के दौरान वे दंगाई भीड़ में शामिल थे या उसे उकसा रहे थे।

दिल्ली कैंटोनमेंट मामले में अभियोजन पक्ष का आरोप था कि 1 और 2 नवंबर 1984 को पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-1 में एक भीड़ के हमले में एक ही परिवार के पांच सिख सदस्यों की हत्या हुई, जिसमें सज्जन कुमार शामिल थे। इस हिंसा में एक गुरुद्वारे को आग लगाने की घटना भी शामिल थी।

वर्षों तक गवाहों और पीड़ितों ने आरोप लगाया कि सज्जन कुमार ने भीड़ को भड़काने में भूमिका निभाई थी। दंगों की जांच करने वाले विभिन्न आयोगों ने भी सज्जन कुमार समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ आरोपों की जांच की थी।

2013: ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी
दशकों बाद अप्रैल 2013 में दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली कैंटोनमेंट मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया था, जबकि इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।

इस बरी किए जाने के फैसले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चुनौती दी, और तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने सज्जन कुमार के खिलाफ मौजूद सबूतों को खारिज करने में गलती की थी और यह कि उन्होंने दंगों के दौरान भीड़ को उकसाया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने उसी साल बाद में CBI की अपील स्वीकार कर ली थी।

दिसंबर 2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी
दिसंबर 2018 में एक बड़ा मोड़ आया, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी करने वाले फैसले को पलटते हुए उन्हें दिल्ली कैंटोनमेंट-पालम कॉलोनी मामले में दोषी करार दिया।

अदालत ने उन्हें पांच सिख लोगों की हत्या और गुरुद्वारे में आगजनी से जुड़ी आपराधिक साजिश और अन्य अपराधों का दोषी पाया। 17 दिसंबर 2018 को अदालत ने उन्हें उनके शेष प्राकृतिक जीवन तक के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई। यह फैसला 1984 दंगों के किसी मामले में एक वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती को मिली सबसे महत्वपूर्ण सजाओं में से एक बन गया।

इसके बाद सज्जन कुमार ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अपनी सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

2020-22: जमानत याचिकाएं और कैद
सज्जन कुमार ने 2020 में सुप्रीम कोर्ट में मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की, लेकिन याचिका खारिज कर दी गई। उनकी सजा के खिलाफ अपील जारी रहने के दौरान वे हिरासत में ही रहे।

अप्रैल 2022 में एक विशेष CBI कोर्ट ने उन्हें 1984 दंगों के एक अन्य मामले में जमानत दे दी थी। हालांकि इस आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी रिहाई पर रोक लगा दी, और दिल्ली कैंटोनमेंट मामले में सजा के चलते सज्जन कुमार जेल में ही बंद रहे।

सितंबर 2023: सुल्तानपुरी मामले में बरी
सज्जन कुमार पर दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में 1984 की हिंसा के दौरान तीन सिखों की हत्या से जुड़े एक अलग मामले में भी मुकदमा चल रहा था।

सितंबर 2023 में रूज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में उन्हें यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। एक अहम अभियोजन गवाह ने आरोप लगाया था कि सज्जन कुमार वहां मौजूद थे और भीड़ को उकसा रहे थे, लेकिन अदालत को यह सबूत दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं लगा।

यह बरी किया जाना दंगों से जुड़े अनेक मामलों में सामने आए अलग-अलग नतीजों को दर्शाता है - जहां कुछ मामलों में अदालतों को पर्याप्त सबूत मिले, वहीं कुछ मामलों में अभियोजन पक्ष उनकी संलिप्तता साबित करने में नाकाम रहा।

फरवरी 2025: दूसरी बार मिली उम्रकैद
फरवरी 2025 में सज्जन कुमार को एक बार फिर दोषी ठहराया गया, इस बार सरस्वती विहार मामले में, जो सिख पिता-पुत्र जसवंत सिंह और तरुनदीप सिंह की हत्या से जुड़ा था।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 1 नवंबर 1984 को एक भीड़ ने इन दोनों पर हमला किया था। आरोप था कि सज्जन कुमार इस भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे, और उनके उकसावे व सहायता के चलते ही पीड़ितों को जिंदा जला दिया गया। इस मामले में यह भी आरोप था कि जब परिवार के अन्य सदस्यों ने पीड़ितों को बचाने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया।

रूज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को हत्या और अन्य अपराधों का दोषी ठहराते हुए 25 फरवरी 2025 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। यह सजा उनकी पहले से चल रही उम्रकैद के साथ समानांतर रूप से (कंकरंट) चलनी थी।

जनवरी 2026: जनकपुरी-विकासपुरी मामले में भी बरी
22 जनवरी 2026 को रूज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को 1984 दंगों के एक और मामले में बरी कर दिया, जो जनकपुरी-विकासपुरी इलाके में हुई हिंसा से जुड़ा था, जिसमें दो लोगों की जान गई थी।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष हिंसा में सज्जन कुमार की भूमिका साबित करने में नाकाम रहा। सज्जन कुमार ने अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए हमेशा यह दावा किया था कि इस घटना से उन्हें जोड़ने वाला कोई विश्वसनीय सबूत मौजूद नहीं है।

हालांकि इस बरी होने के बावजूद उन्हें रिहाई नहीं मिली, क्योंकि वे पहले से ही दो अलग-अलग मामलों में मिली उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

2026: सुप्रीम कोर्ट में लंबित रही अपील
सज्जन कुमार की कानूनी लड़ाई 2026 में भी जारी थी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2018 के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी अपील को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई थी। सज्जन कुमार के निधन के समय यह अपील अदालत में लंबित थी।

Continue reading on the app

  Sports

अब 'जेन-जी' क्रिकेटर्स सड़कों पर! स्टेडियम के बाहर 250 खिलाड़ी क्यों कर रहे आंदोलन

UP Gen Z Cricketers: उत्तर प्रदेश में तीन रणजी क्रिकेट टीमें बनाए जाने की मांग को लेकर ‘जेन जी’ खिलाड़ियों और उनके अभिभावक प्रदर्शन पर उतर आए हैं. यूपी क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन एवं क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल के तत्वावधान में पूर्वांचल एवं मध्य उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मांगों को लेकर अटल बिहारी बाजपेयी स्टेडियम के बाहर पहुंचे थे. Tue, 25 Aug 2026 08:48:09 +0530

  Videos
See all

China के साथ Ajit Doval की बड़ी बैठक #aajtak #shorts #sjaishankar #ajitdoval #latestnews #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-25T04:08:52+00:00

Russia में S Jaishankar, China में Ajit Doval! #aajtak #shorts #sjaishankar #ajitdoval #latestnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-25T04:06:26+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers