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IND vs SL पहले टेस्ट के दूसरे दिन बारिश के बीच भारत ने बनाए 460 रन, देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की पारी खेली

भारत-श्रीलंका पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल मौसम की वजह से काफी देर से शुरू हुआ। सुबह की बारिश के चलते शुरुआती करीब डेढ़ सेशन में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। इसके बाद जब मौसम साफ हुआ तो दोनों टीमों को मैदान पर उतरने का मौका मिला और कुल 43 ओवर का खेल हुआ। भारत ने इस दौरान 172 रन बनाए, लेकिन इस कोशिश में टीम ने सात विकेट भी गंवा दिए। दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 116 ओवर में 9 विकेट पर 460 रन बना लिए थे।

पहले दिन भारत ने 73 ओवर में 2 विकेट पर 288 रन बनाए थे। देवदत्त पडिक्कल 131 रन और ऋषभ पंत 27 रन पर नाबाद लौटे थे। दूसरे दिन भारत की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बारिश के लंबे ब्रेक के बाद बल्लेबाजी का सिलसिला लगातार विकेट गिरने से लड़खड़ाने लगा। इसके बावजूद भारत ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया है।

देवदत्त पडिक्कल ने तीसरे नंबर पर उतरकर खेली यादगार पारी

दूसरे दिन भारत की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा नाम देवदत्त पडिक्कल रहे। उन्होंने 230 गेंदों पर 167 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा। यह उनका टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक और करियर की सबसे बड़ी टेस्ट पारी है। पहले दिन से ही वह श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ काफी भरोसे के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे और दूसरे दिन भी उन्होंने उसी अंदाज को जारी रखा। पडिक्कल के आउट होने के बाद भारत की पारी तेजी से दबाव में आ गई। टीम ने थोड़े ही समय में कई विकेट गंवा दिए। हालांकि, उनकी 167 रन की पारी ने भारत को उस स्थिति में पहुंचा दिया, जहां से श्रीलंका पर पहली पारी में बड़ा दबाव बनाया जा सकता है। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए पडिक्कल का यह प्रदर्शन टीम मैनेजमेंट के लिए भी बड़ी राहत है, खासकर ऐसे समय में जब इस स्थान को लेकर टीम में मुकाबला बढ़ रहा है।

केएल राहुल और ध्रुव जुरेल ने भी संभाली भारत की पारी

पहले दिन 77 रन पर हाथ-पैर में खिंचाव के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने वापसी के बाद 82 रन बनाए, लेकिन शतक से पहले आउट हो गए। राहुल ने 175 गेंदों की पारी में 10 चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट श्रीलंका के लिए अहम रहा, क्योंकि उस समय भारत तेजी से बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में था। इसके बाद ध्रुव जुरेल ने निचले क्रम के साथ उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 68 गेंदों पर 51 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। रवींद्र जडेजा 13 रन बनाकर आउट हुए, जबकि मानव सुथार ने 24 रन जोड़े। मोहम्मद सिराज ने भी 11 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेली। आखिरी में कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने नाबाद रहते हुए भारत को 460 रन तक पहुंचाया। स्टंप्स के समय कुलदीप 12 और प्रसिद्ध 1 रन पर क्रीज पर थे।

श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या ने सबसे ज्यादा असर डाला और चार विकेट लिए। डेब्यू कर रहे केशरा नुवांथा ने तीन विकेट हासिल किए। दोनों ने बारिश के बाद पिच और परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।

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रीढ़ की हड्डी की चोट ने खत्म किया करियर, इंग्लैंड के ऑलराउंडर ने 30 की उम्र में क्रिकेट से लिया संन्यास

गर्दन की गंभीर चोट और रीढ़ की हड्डी में आई समस्या ने एक बेहतरीन क्रिकेट करियर पर समय से पहले रोक लगा दी है। इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर डैनी लैंब को महज 30 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा है। इस इंग्लिश खिलाड़ी के अचानक संन्यास लेने के फैसले से क्रिकेट जगत हैरान है। डैनी लैंब को यह मुश्किल फैसला डॉक्टरों की सलाह के बाद लेना पड़ा है।

ससेक्स के ऑलराउंडर डैनी लैंब इस सीजन की शुरुआत में गर्दन में डिस्क हर्नियेशन जैसी गंभीर समस्या का शिकार हो गए थे। इसकी वजह से उनकी रीढ़ की हड्डी में भी परेशानी हुई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पिछले महीने ही उन्हें रीढ़ की हड्डी और गर्दन की जटिल सर्जरी करानी पड़ी। ऑपरेशन के बाद भी लैंब इस चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हो सके। लगातार दर्द और शारीरिक परेशानी के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे क्रिकेट नहीं खेलने की सलाह दी। अपनी लंबी अवधि की सेहत को देखते हुए उन्होंने भारी मन से संन्यास की घोषणा कर दी। इसी के साथ उनके करीब एक दशक लंबे क्रिकेट करियर का अंत हो गया।

बीबीसी स्पोर्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, डैनी लैंब ने संन्यास पर निराशा जताते हुए कहा कि चोट के कारण इस तरह अचानक करियर खत्म होना बेहद मुश्किल और दुखद है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सलाह के बाद उन्हें समझ आया कि उनकी लंबी अवधि की सेहत के लिए यही सही फैसला है। अपने सफर को याद करते हुए लैंब ने कहा कि पेशेवर क्रिकेट में एक दशक से ज्यादा समय बिताना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। वह लंकाशायर और ससेक्स दोनों टीमों का प्रतिनिधित्व करने के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। लैंब ने खुद को एक साधारण खिलाड़ी बताते हुए कहा कि वह कभी भी जन्मजात प्रतिभा वाले असाधारण खिलाड़ी नहीं रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा टीम की जीत के लिए अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें क्रिकेट में कुछ शानदार पल देखने को मिले, जो हमेशा उनकी यादों में रहेंगे।

लंकाशायर से शुरू हुआ था सफर

ससेक्स की टीम में शामिल होने से पहले डैनी लैंब का लंकाशायर के साथ लंबा और सफल सफर रहा। साल 2023 में ससेक्स जाने से पहले उन्होंने लंकाशायर के लिए क्रिकेट के सभी प्रारूपों में कुल 93 मैच खेले थे। उनके फर्स्ट क्लास करियर के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने 33.13 के औसत से आठ विकेट चटकाए हैं और बल्लेबाजी में 134 रन का सर्वोच्च स्कोर बनाया है। एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में डैनी लैंब के आखिरी कुछ महीने चोट और दर्द से भरे रहे। वह जून की शुरुआत के बाद से ससेक्स के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। ससेक्स क्लब की हालिया सफलताओं में लैंब की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन वन में टीम के प्रमोशन और ब्लास्ट टूर्नामेंट के फाइनल्स डे तक पहुंचने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

ऐसा रहा डैनी लैंब का करियर

डैनी लैंब के पूरे करियर के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने कुल 38 फर्स्ट क्लास मैच, 34 लिस्ट ए मैच और 83 टी20 मुकाबले खेले। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लैंब ने कुल 1232 रन बनाए और 68 विकेट हासिल किए। लिस्ट ए क्रिकेट में उनके नाम 592 रन और 45 विकेट दर्ज हैं। वहीं टी20 क्रिकेट में उन्होंने 578 रन बनाने के साथ 61 विकेट भी लिए। गंभीर चोट और शारीरिक परेशानी के कारण महज 30 साल की उम्र में क्रिकेट से दूर होने का यह फैसला डैनी लैंब और उनके प्रशंसकों के लिए लंबे समय तक दुखद रहेगा।

डॉक्टरों की सलाह के बाद लिया फैसला

गर्दन और रीढ़ की गंभीर समस्या के बाद सर्जरी कराने के बावजूद लैंब पूरी तरह ठीक नहीं हो सके। डॉक्टरों ने उनकी लंबी अवधि की सेहत को ध्यान में रखते हुए आगे क्रिकेट न खेलने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।

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वैभव सूर्यवंशी का अगला मैच कब और किसके खिलाफ? कितने बजे खेला जाएगा मुकाबला

Vaibhav Sooryavanshi next match: दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में 30 अगस्त से ईस्ट जोन का मुकाबला सेंट्रल जोन से होगा. बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 1 में खेले जाने वाले इस मैच में सबकी नजरें ईस्ट जोन के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी पर होंगी. क्वार्टर फाइनल में बल्ले से महज 8 रन बनाने के बाद वैभव ने गेंदबाजी में 2 विकेट चटकाकर शानदार वापसी की थी. अब सेंट्रल जोन के खिलाफ वह बल्ले से बड़ी पारी खेलने की फिराक में हैं. Thu, 27 Aug 2026 07:01:03 +0530

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