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SBI-ICICI Bank की बड़ी उपलब्धि, RBI Swap Facility के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार में भारी इज़ाफा

भारतीय बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष मुद्रा अदला-बदली सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा जुटाने में तेज बढ़त दर्ज की है। 21 अगस्त तक कुल 72.8 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई जा चुकी है। इसमें सबसे बड़ा योगदान विदेशों में रहने वाले भारतीयों से मिलने वाली विदेशी मुद्रा जमा का है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, एफसीएनआरबी जमा के जरिए 65.4 अरब डॉलर जुटाए गए हैं। इसके अलावा विदेशी मुद्रा में बाहरी उधारी से 4.9 अरब डॉलर और बाहरी वाणिज्यिक उधारी से 2.6 अरब डॉलर मिले हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, बैंकों की विदेशी मुद्रा जुटाने की रफ्तार पिछले कुछ सप्ताह में काफी तेज हुई है। 31 जुलाई तक कुल राशि 40.8 अरब डॉलर थी, जो 13 अगस्त को बढ़कर 56.9 अरब डॉलर और 21 अगस्त को 72.8 अरब डॉलर हो गई। यानी केवल तीन सप्ताह में बैंकों ने करीब 32 अरब डॉलर अतिरिक्त विदेशी मुद्रा जुटाई है। इस दौरान एफसीएनआरबी जमा भी 36.7 अरब डॉलर से बढ़कर 65.4 अरब डॉलर हो गई है।

इस अभियान में एचएसबीसी, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख भूमिका में रहे हैं। पहले के बैंकवार आंकड़ों में एचएसबीसी ने करीब 6 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि जुटाई थी। भारतीय स्टेट बैंक ने 4 अरब डॉलर और आईसीआईसीआई बैंक ने 3.7 अरब डॉलर जुटाए। एचडीएफसी बैंक ने 1.4 अरब डॉलर, कोटक महिंद्रा बैंक ने 1.7 अरब डॉलर और एक्सिस बैंक ने 1.6 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि जुटाई थी। कुछ बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है।

गौरतलब है कि इस सुविधा से बैंकों को विदेशी मुद्रा में धन जुटाने का अवसर मिलता है, जबकि मुद्रा विनिमय से जुड़े जोखिम के प्रबंधन में आरबीआई की भूमिका रहती है। तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली पात्र एफसीएनआरबी जमाओं को रियायती डॉलर-रुपया अदला-बदली सुविधा का लाभ मिलता है। इन जमाओं पर नकद आरक्षित अनुपात और वैधानिक तरलता अनुपात से जुड़ी नियामकीय राहत भी दी जाती है।

इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को भी फायदा हुआ है। 15 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 10 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। बैंकरों का अनुमान है कि अगस्त के अंत तक भंडार 728 अरब डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर को पार कर सकता है।

तेज प्रतिक्रिया को देखते हुए आरबीआई ने एफसीएनआरबी जमा जुटाने की समयसीमा पहले कर दी है। पहले बैंक 30 सितंबर तक पात्र जमा जुटा सकते थे, लेकिन अब केवल 31 अगस्त तक जुटाई गई जमाएं इस सुविधा के लिए मान्य होंगी। इन जमाओं से जुड़ी आरबीआई के साथ मुद्रा अदला-बदली 11 सितंबर तक की जा सकेगी। वहीं बाहरी वाणिज्यिक उधारी और विदेशी मुद्रा में बाहरी उधारी के लिए सुविधा 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। आरबीआई ने समयसीमा में बदलाव का कारण इस योजना को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया और बढ़े हुए विदेशी मुद्रा प्रवाह को बताया है।

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दिल्ली में विरोध, बेंगलुरु में चाय पर चर्चा... CM शिवकुमार-अदाणी के बीच हुई मुलाकात, बीजेपी ने पूछे तीखे सवाल

बेंगलुरु में उद्योगपति गौतम अदाणी और कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार की एक घंटे की मुलाकात ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है. इस शिष्टाचार मुलाकात को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. यह मुलाकात बेंगलुरु के अरबों रुपये के टनल रोड प्रोजेक्ट के बीच हुई है, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है. विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस दिल्ली में विरोध और राज्यों में अदाणी का स्वागत करती है.

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'इतना करीब नहीं जाना चाहिए था', यशस्वी-असिथा फर्नांडो 'हेडबट' कंट्रोवर्सी पर कोच की सफाई, क्या आईसीसी लगाएगी बैन

Sitanshu Kotak defended Yashasvi Jaiswal: यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच कोलंबो टेस्ट के पहले दिन हुई तीखी नोकझोंक और कथित 'हेडबट' विवाद पर भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इसे 'हीट ऑफ द मूमेंट' बताया है. कोटक ने माना कि युवा ओपनर का फर्नांडो के इतना करीब जाना गलत था. इस घटना के बाद अब आईसीसी की अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है, जिसके तहत यशस्वी पर लेवल-1 से लेकर गंभीर लेवल-4 के तहत जुर्माना या प्रतिबंध लग सकता है. Sun, 23 Aug 2026 19:54:45 +0530

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