यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को पिछले महीने रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया गया था। 35 वर्षीय फेदोरोव को यूक्रेन की सेना में तकनीकी बदलाव और ड्रोन आधारित युद्ध क्षमता विकसित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय में भ्रष्टाचार के कुछ मामलों को खत्म करने का दावा भी किया है, लेकिन उनका कहना है कि भ्रष्टाचार अब भी युद्ध के मोर्चे पर यूक्रेन की क्षमता को प्रभावित कर रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यूक्रेन की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने हाल ही में 30 लाख डॉलर से अधिक की कथित हेराफेरी से जुड़े एक मामले का खुलासा किया था। आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल धनशोधन के आरोपी पूर्व ऊर्जा मंत्री की जमानत के लिए किया जाना था। इस मामले में जेलेंस्की के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी पद से हटाया गया है।
फेदोरोव ने कहा कि इस मामले में जेलेंस्की को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें अपने करीबी लोगों के बीच चल रही संभावित गड़बड़ियों की जानकारी थी या नहीं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके पास राष्ट्रपति के व्यक्तिगत रूप से भ्रष्ट होने का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की के साथ काम करते हुए उन्हें कभी ऐसा निर्देश नहीं मिला जो कानून या उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी के खिलाफ हो।
गौरतलब है कि फेदोरोव ने युद्धकाल में चुनाव कराने की चर्चा भी शुरू की है। यूक्रेन में 2022 में रूस के पूर्ण सैन्य अभियान के बाद से मार्शल लॉ लागू है और इसके कारण चुनाव स्थगित हैं। फेदोरोव का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव की बात करने से डरना नहीं चाहिए। उनके अनुसार, यदि लंबे समय तक चुनाव नहीं होते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि जेलेंस्की ने मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव कराने का विरोध किया है। उनका कहना है कि युद्ध के दौरान चुनाव देश को विभाजित करने वाला बड़ा जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञ भी सैनिकों, विदेशों में रह रहे लाखों यूक्रेनी नागरिकों और रूस के कब्जे वाले इलाकों में रहने वाली आबादी के मतदान को लेकर कई व्यावहारिक चुनौतियां गिनाते हैं।
फेदोरोव ने फिलहाल राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की इच्छा से इनकार किया है, लेकिन भविष्य की संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि चुनाव प्रक्रिया कब शुरू होती है, उनकी टीम और ऊर्जा कितनी बचती है और जनता उन्हें इस जिम्मेदारी के योग्य समझती है।
रक्षा मंत्री के तौर पर फेदोरोव ने ड्रोन आधारित युद्ध को बढ़ावा दिया था। उनका कहना है कि यूक्रेन को पुराने हथियारों की मरम्मत के बजाय सीधे आधुनिक ड्रोन निर्माण में निवेश की जरूरत है। उन्होंने पश्चिमी देशों, खासकर ब्रिटेन से मिलने वाली सैन्य सहायता में नौकरशाही के कारण होने वाली देरी पर भी चिंता जताई है। आने वाले हफ्तों में उनकी अमेरिका यात्रा प्रस्तावित है, जहां वह एलन मस्क से मिलने की कोशिश करेंगे। इस बीच यूक्रेन की राजनीति में भ्रष्टाचार, युद्ध और लोकतांत्रिक चुनाव को लेकर बहस लगातार जारी है।
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