Dhar Road Accident: बोलेरो और बाइक की भीषण टक्कर में 3 की मौत, बच्ची अस्पताल में भर्ती
मध्यप्रदेश के धार जिले में रविवार दोपहर सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक लड़की गंभीर रूप से घायल हुई है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर मागोद-अमझेरा-मनावर स्टेट हाईवे पर जीराबाद के पास डागरिया वन गांव में हुई।
अधिकारी के मुताबिक केशवी निवासी अंतर सिंह (32) बहन को रक्षाबंधन पर घर आने का निमंत्रण देने के लिए चार वर्षीय बेटे अशोक, 12 साल की बेटी रेशम और 50 वर्षीय चाचा भूरू सिंह के साथ मोटरसाइकिल से रोडदा गांव जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बहन के घर से लगभग पांच किलोमीटर पहले डागरिया वन गांव के पास एक बोलेरो कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल सड़क से दूर जा गिरी और अंतर सिंह, अशोक और भूरू सिंह ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
अधिकारी ने बताया कि हादसे में रेशम गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका गंधवानी के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। जीराबाद चौकी के प्रभारी रविंद्र चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि बोलेरो अमझेरा से जीराबाद की ओर जा रही थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए गंधवानी अस्पताल भेजे गए हैं।
हादसे के बाद मागोद-मनावर मार्ग पर कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा।
विदेशी-निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे महीने खरीदारी:अगस्त में FPIs ने बाजार में ₹23,544 करोड़ का निवेश किया; जानिए इसके 3 बड़े कारण
विदेश से आने वाले फंड्स में सुधार और घरेलू आर्थिक संकेतों की मजबूती के बीच फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) का भारतीय इक्विटी मार्केट पर भरोसा मजबूत हो रहा है। अगस्त 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में ₹23,544 करोड़ का नेट इनफ्लो यानी निवेश किया है। लगातार दूसरे महीने जारी है खरीदारी मार्केट डेटा के अनुसार, जुलाई 2026 में ₹20,200 करोड़ के निवेश के बाद अगस्त लगातार दूसरा महीना है, जब विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में खरीदारी बढ़ाई है। इससे पहले मार्च से जून 2026 तक लगातार 4 महीनों में FPIs ने भारतीय बाजारों से भारी निकासी की थी। निवेश लौटने के 3 बड़े कारण बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगस्त में विदेशी पूंजी के भारतीय बाजार में आने के पीछे तीन मुख्य फैक्टर काम कर रहे हैं… ऑटो, हेल्थकेयर और कंज्यूमर सेक्टर्स पहली पसंद FPIs की हालिया खरीदारी का बड़ा हिस्सा केवल IPOs के बजाय सेकेंडरी मार्केट (लिस्टेड शेयर बाजार) की ओर जा रहा है। सेक्टोरल रुझान की बात करें तो विदेशी निवेशक ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर जैसे बुनियादी मजबूत सेक्टर्स में अलॉटमेंट तेजी से बढ़ा रहे हैं। 2026 में कुल आंकड़े और आउटलुक जुलाई और अगस्त में पॉजिटिव ट्रेंड के बावजूद, वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशक कुल मिलाकर नेट सेलर बने हुए हैं। चालू वर्ष में FPIs अब तक भारतीय इक्विटी से लगभग ₹2.3 लाख करोड़ से अधिक निकाल चुके हैं। हालांकि, अमेरिका में ब्याज दर घटने की उम्मीद और कच्चे तेल की घटती कीमतों से आगे विदेशी फंड्स का इनफ्लो बने रहने की संभावना है। क्या होता है फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI)? जब विदेशी संस्थागत या व्यक्तिगत निवेशक किसी देश के शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या डेट मार्केट में फाइनेंशियल रिटर्न के लिए पैसा लगाते हैं, तो उसे FPI कहते हैं। FPI निवेशकों के पास संबंधित कंपनियों का प्रत्यक्ष मैनेजमेंट या ऑपरेशनल कंट्रोल नहीं होता। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹87,960 करोड़ घटा: एयरटेल टॉप लूजर, वैल्यू ₹28,052 करोड़ घटी; LIC की वैल्यू बढ़ी बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही। इस बीच देश की 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप कुल मिलाकर ₹87,960 करोड़ घटा है। इस दौरान टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यूएशन में सबसे बड़ी ₹28,052.96 करोड़ की गिरावट देखने को मिली। इसकी वैल्यूएशन घटकर ₹12.15 लाख करोड़ रह गई है। पूरी खबर पढ़ें…
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