ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का हेडक्वार्टर दोबारा तैयार:दावा- बहलावलपुर में मरकज सुभानअल्लाह के गुम्बद की मरम्मत, नया संगमरमर, प्लास्टर और पेंट लगाया
पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मरकज सुभानअल्लाह हेडक्वार्टर फिर से बनकर तैयार हो गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के 15 महीने बाद यह बेस फिर से तैयार हो गया है। 7 और 8 मई की रात हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इस बेस को तबाह कर दिया था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कैंप पर नया संगमरमर, ताजा पेंट और प्लास्टर दिख रहा है। क्षतिग्रस्त गुंबदों को भी दोबारा बना दिया गया है। हॉल में हमलों से बने गड्ढों को भर दिया गया है और पूरी इमारत की मरम्मत कर दी गई है। दरअसल, 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। इसी दौरान जैश के बहावलपुर बेस को भी टारगेट किया गया था। नए बने बेस की तस्वीरें… मरम्मत पर 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए खर्च रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी ने जैश को मरम्मत के लिए किस्तों में 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए दिए। इनमें से करीब 11 करोड़ रुपए हॉल को दोबारा बनाने में खर्च किए गए। इसके अलावा मदरसा अल-सबीर और जैश कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले परिसर को भी शामिल हैं। इस जगह पर नया निर्माण भी किया जा रहा है। भर्ती और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होता था बेस मरकज सुभान अल्लाह भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर है। यह जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख ठिकाना था, जहां संगठन अपने सदस्यों की भर्ती, ट्रेनिंग और ब्रेनवॉश करता था। 18 एकड़ में फैले इस परिसर को उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। यहां एक मस्जिद और दूसरी सुविधाएं भी मौजूद थीं। बहावलपुर का यह कैंप लंबे समय से भारत के खिलाफ जैश की गतिविधियों से जुड़ा रहा है। संगठन का नाम 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले से जुड़ा है। माना जाता है कि पुलवामा हमले की साजिश भी सुभान अल्लाह कैंप में बनाई गई थी। खबर अपडेट हो रही है…
ऐसा हो तो रिश्ता तोड़ देना चाहिए:महाराष्ट्र पहाड़ी हादसे से एक दिन पहले ही मां ने पोस्ट किया था इमोशनल वीडियो
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को करीब 250 फुट गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 48 वर्षीय मुरलीधर चंदगुडे, 42 वर्षीय संगीता चंदगुडे और उनके 18 वर्षीय बेटे कुणाल के रूप में हुई है। इस हादसे से महज एक दिन पहले संगीता ने अपने YouTube चैनल पर रिश्तों और प्यार की अहमियत को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया था। पुलिस के मुताबिक, बेटे ने iPhone तो खरीद लिया था, लेकिन वह इसकी EMI नहीं चुका पा रहा था। EMI चुकाने के लिए वह परिवार से पैसे मांग रहा था। इसे लेकर उसकी अपने पिता के साथ कहासुनी हो गई। यहीं से इस दर्दनाक घटना की शुरुआत हुई। कहासुनी के बाद कुणाल गुस्से में घर से निकल गया। खवड्या पहाड़ पर चढ़ गया था। हादसे से ठीक एक दिन पहले यानी कि गुरुवार को संगीता ने यूट्यूब पर खुद रिकॉर्ड किया हुआ एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था- जो व्यक्ति प्यार को महत्व नहीं देता, उसके लिए कुछ भी करने का कोई मतलब नहीं है। अपना भाग्य उसी व्यक्ति को सौंपने के लिए तैयार रहें जो आपका सम्मान करता हो, जो आपके प्रेम का सम्मान करता हो। यदि कोई व्यक्ति आपका सम्मान नहीं करता, आपके प्रेम का सम्मान नहीं करता, या आपके द्वारा उनके लिए किए गए कार्यों का सम्मान नहीं करता, तो ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ भी करने का कोई अर्थ नहीं है," उन्होंने एक मिनट के वीडियो में मराठी में कहा। उन्होंने कहा- एक चपाती तभी स्वादिष्ट लगती है जब वह दोनों तरफ से पक जाए। रिश्तों के मामले में भी यही बात लागू होती है। अगर दोनों तरफ से अच्छा व्यवहार हो, दोनों ही रिश्ते को महत्व देते हों, तो ऐसे रिश्ते में बने रहें। अगर एक व्यक्ति रिश्ते को महत्व देता है और दूसरा नहीं, तो ऐसे रिश्ते का कोई मतलब नहीं है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकल जाना हमेशा बेहतर होता है। संगीता के यूट्यूब पर 29,000 से अधिक फॉलोअर्स थे, ने अपने चैनल पर कई मोटिवेशनल वीडियो पोस्ट किए थे। उन्होंने अपने बेटे के साथ छोटे व्लॉग भी पोस्ट किए थे। अब पूरे घटनाक्रम को 5 फोटोज में समझें पहाड़ी के किनारे 4 घंटे खड़ा रहा घटना के चश्मदीद और गांव के पूर्व सरपंच संजय ने बताया, ‘कुणाल सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पहाड़ की ऊंची चट्टान पर खड़ा था। बार-बार अपनी जगह बदल रहा था। उसकी मां लगातार रोते हुए बेटे से नीचे आने की गुहार कर रही थी, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था।' उन्होंने बताया ‘मैंने भी उसे समझाते हुए कहा कि तुम पढ़े-लिखे हो, ऐसा कदम मत उठाओ, लेकिन कुणाल पर कोई असर नहीं हुआ। चार साल पहले कुणाल के छोटे भाई की भी मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद पूरा परिवार खत्म हो गया।’ बेटे को बचाने की कोशिश पिता और बेटे नीचे गिर गए कुणाल के पिता पहाड़ी के उस हिस्से तक पहुंचे जहां वह खड़ा था। उन्होंने बेटे को पीछे खींचने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से दोनों गहरी खाई में गिर गए। मां भी पहाड़ी से कूद गई जाल बिछाया, लेकिन बचा नहीं सके दमकल कर्मियों ने युवक को बचाने के लिए पहाड़ की तलहटी में बड़ा सुरक्षा जाल बिछाया था, लेकिन पहाड़ की चोटी पर खड़ा कुणाल लगातार अपनी दिशा बदल रहा था। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें: दावा-सिया ने चेतन से 4 महीने पहले सीक्रेट मैरिज की:गवाह बनी दो सहेलियों से पूछताछ जारी, नवंबर में केतन से शादी होनी थी पुणे की वडगांव कोर्ट ने 3 जुलाई को सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया और चेतन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सिया गोयल ने केतन से सगाई के बाद अपने प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी। पढ़ें पूरी खबर…
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