BJP Chief Nitin Nabin ने सात राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों पर की बैठक
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक की। इसमें खास तौर पर उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित अगले साल सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारी, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि यहां भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में पार्टी की प्रदेश इकाइयों के प्रभारी भी मौजूद रहे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी उपस्थित थे। बैठक में जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच बढ़ाने और युवाओं से जुड़ने के उपायों पर चर्चा की गई, खासकर उन राज्यों में जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
हालांकि, भाजपा की ओर से इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अगले साल पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में से पंजाब और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बाकी पांच राज्यों में भाजपा सत्ता में है।
पंजाब में अभी आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सत्तारूढ़ है। इस संबंध में एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह संगठन से जुड़े कई मामलों पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक थी, जिसमें मुख्य रूप से अगले साल राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों और रणनीति पर ध्यान दिया गया।’’ यह घटनाक्रम नवीन की पार्टी के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक के एक दिन बाद हुआ है। इसमें भाजपा की राष्ट्रीय टीम के पूर्व पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
भाजपा अध्यक्ष की अध्यक्षता में शनिवार को हुई एक अन्य बैठक में पार्टी के प्रदेश इकाई अध्यक्ष और संगठन सचिव भी उपस्थित थे। शनिवार को दिन भर चली बैठक के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा मुख्यालय का दौरा किया और पार्टी के सभी 67 नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री की यह बैठक पांच घंटे से अधिक समय तक चली।
मोदी ने पार्टी नेताओं के साथ अपनी बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नजरिए के बारे में होती हैं, जिनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को प्रगाढ़ करना होता है। पार्टी के साथियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।’’ सूत्रों ने बताया कि मोदी ने सभी पदाधिकारियों की बात सुनी और ‘महत्वपूर्ण सुझाव’ दिए। संबंधित एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने सभी की बातें बहुत ध्यान से सुनीं और साथ ही अपने सुझावों के जरिए उन्हें मार्गदर्शन भी दिया।
मोदी ने नए पदाधिकारियों से लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और युवाओं से जुड़ने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने जमीन से जुड़े रहने और जमीनी स्तर पर अधिक सक्रियता दिखाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
भारत बनेगा पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र, Rajnath Singh ने बंगाल में 3,500 करोड़ की योजनाओं की रखी नींव
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कोलकाता से ऑनलाइन माध्यम से 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' और 'यंत्र इंडिया लिमिटेड' की पांच विस्तार योजनाओं की आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। इन परियोजनाओं में जीआरएसई की तीन और 'यंत्र इंडिया' की दो विस्तार योजनाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इन पांच परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा, "भारत में पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता है। वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग में एक शून्यता आ रही है और भारत इस मौके का पूरा फायदा उठा सकता है।"
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Defence Minister Rajnath Singh and CM Suvendu Adhikari attend 'Bhumi Pujan Samaroh' for GRSE (Garden Reach Shipbuilders & Engineers) Ltd and YIL (Yantra India Limited) facilities pic.twitter.com/bpLFx8bWlH
— ANI (@ANI) August 23, 2026
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विकास के नए दौर की शुरुआत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये नई परियोजनाएं राज्य में विकास के एक नए दौर की शुरुआत करेंगी। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में कारखानों के बंद होने और तालाबंदी की खबरों की जगह अब नई परियोजनाओं की शुरुआत ने ले ली है।" ये परियोजनाएं न सिर्फ रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देंगी, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी लाएंगी।
जीआरएसई की क्षमता में होगा बड़ा इजाफा
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि जीआरएसई ने युद्धपोत बनाने और उनकी मरम्मत करने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह कोलकाता के साथ लीज समझौता किया है। इस समझौते के तहत हुगली नदी के दोनों किनारों पर दो छोटे शिपयार्ड और रायचक में नदी के किनारे 32 एकड़ जमीन ली गई है।
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रोजगार और एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारी ने आगे बताया कि ये परियोजनाएं जीआरएसई की कार्य क्षमता को मजबूत करेंगी। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इन परियोजनाओं से राज्य के औद्योगिक माहौल को फिर से खड़ा करने में मदद मिलेगी और सहायक उद्योगों, खासकर एमएसएमई सेक्टर को काम के अधिक अवसर मिलेंगे।
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