Mirzapur में Brahmaputra Mail से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बिना वीजा सफर
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की सतर्कता से ब्रह्मपुत्र मेल से एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा गया है। जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा ने रविवार को बताया कि शनिवार की रात पकड़े गये युवक की पहचान बांग्लादेश के हाबीगंज निवासी 23 वर्षीय रियाज अहमद के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जांच में उसके पास भारत में प्रवेश एवं निवास से संबंधित कोई वैध पासपोर्ट, वीजा अथवा अन्य दस्तावेज नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि कश्मीर जा रहा अहमद ब्रह्मपुत्र मेल के एसी कोच में बिना टिकट लिये सफर कर रहा था। उन्होंने बताया कि उसे चिकित्सा जांच के लिए भेजा जा रहा है जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। वर्मा ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आतंकवाद रोधी दस्ते, खुफिया ब्यूरो और स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी इस बारे में अवगत कराया गया है।
उन्होंने बताया कि आवश्यक जांच के बाद आरोपी को मिर्जापुर जीआरपी थाने के सुपुर्द किया गया था जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पत्रकार Abhishek Upadhyay पर Ghaziabad में FIR दर्ज, रोड रेज का लगा आरोप
पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ गाजियाबाद में उनकी कार को टक्कर मारने वाले एक मोटरसाइकिल सवार से अभद्रता करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। टॉप सीक्रेट नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले उपाध्याय ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार से सम्बन्धित खबरों की एक शृंखला प्रसारित की थी। उपाध्याय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि 20 अगस्त की देर रात पुलिस की एक टीम उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बताया कि रोड रेज और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों में उनके खिलाफ गाजियाबाद के इंदिरापुरम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उपाध्याय के विवरण के अनुसार 18 अगस्त को गाजियाबाद के शिप्रा मॉल के पास एक मोटरसाइकिल चालक ने उनकी कार को टक्कर मार दी थी और उसने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया और बाद में उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस संभवतः उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनके आवास पर आई थी। उपाध्याय ने यह भी दावा किया कि उनकी कार छीन ली गई है।
उन्होंने कहा कि यह वाहन उन्हें एक चैनल द्वारा उपहार में दिया गया था, जिस पर उन्होंने यूक्रेन युद्ध की कवरेज की थी। उपाध्याय ने गाजियाबाद पुलिस द्वारा प्राथमिकी की प्रति नहीं दिये जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को कथित घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी करने की चुनौती दी है और यह भी आरोप लगाया कि यह घटना साजिशन अंजाम दी गयी थी। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर उनकी रिपोर्टिंग से जोड़ा है।
पत्रकार उपाध्याय ने राज्य में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर रिपोर्टिंग की थी और उत्तर प्रदेश में हो रही कथित गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए कई खबरें प्रसारित की थीं। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ अपनी 10 शीर्ष खबरें भी पोस्ट की, जिन्हें उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती और अन्य सहित राजनीतिक नेताओं ने उपाध्याय के समर्थन में एक्स पर पोस्ट किये।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
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