Gujarat Hooch Tragedy: भावनगर में जहरीली शराब से दो और मौतें, मृतकों की संख्या 13 हुई
गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से बीमार पड़े दो और लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि तीन अन्य लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो दिन में पांच लोगों की जान गई है। जहरीली शराब से मारे गए इन दो लोगों की पहचान मुकेश डामोर (36) और भार्गव उपाध्याय (42) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने कहा कि इस कांड में मृतकों की संख्या का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है।
उपाध्याय का इलाज एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था, जबकि डामोर को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों ने बताया कि कुल 67 लोगों ने मेथनॉल मिली जहरीले शराब का सेवन किया था, जो अत्यधिक विषैला पदार्थ होता है। गुजरात में शराब बनाना, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों ने भारत में निर्मित लोकप्रिय विदेशी शराब (आईएमएफएल) ब्रांड के नाम वाली बोतलों में पैक की गई जहरीली शराब का सेवन किया था। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि 24 अन्य लोगों का भी पता लगाया गया है जिन्होंने शराब का सेवन किया था और चिकित्सीय जांच में उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई है। पुलिस ने कहा कि जहरीली शराब से जुड़ी घटना के संबंध में वरतेज थाने में दर्ज प्राथमिकी में नामजद 21 आरोपियों में से 13 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मद्य निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या, मिलावट और जहर देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय अदालत ने बृहस्पतिवार को आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) को सौंप दी गई है।
यह गुजरात पुलिस की विशेष इकाई है, जो पूरे राज्य में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों पर नजर रखती है। आरोप है कि मध्यप्रदेश के उज्जैन से हिरासत में लिए गए रईस की मदद से वरतेज निवासी गौतम सोलंकी के घर जहरीली शराब तैयार की गई थी। इस जहरीली शराब को एक आईएमएफएल ब्रांड के लेबल वाली बोतलों में पैक करके सील कर दिया गया था और वितरण के लिए ‘बूटलेगर्स’ को आपूर्ति की गई थी।
यह मामला 16 अगस्त की रात वरतेज में शराब के सेवन से तीन दोस्तों की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आया था। उनमें से एक की बाद में मौत हो गई थी। मृतक उपेंद्रसिंह गोहिल के खून के नमूने की जांच में मेथनॉल मिला।
इसके बाद मौत की अन्य सूचनाएं मिलीं तथा कई अन्य को गंभीर जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Rahul Gandhi के Pune संवाद पर वार-पलटवार, BJP के आरोपों पर कांग्रेस का जवाब
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम को ‘राजनीतिक हास्य कार्यक्रम’ करार देते हुए रविवार को आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बात करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी की। इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सचिन सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि शनिवार को पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिली प्रतिक्रिया से भाजपा घबरा गई है और युवाओं के बीच राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से सत्तारूढ़ दल की नींद उड़ गई है। उपाध्ये ने एक बयान में दावा किया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानों और उनकी पार्टी के पुराने रुख में विरोधाभास है।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि छात्रों को कॉलेज की बसों से कार्यक्रम में लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छात्रों के नाम पर आयोजित कार्यक्रम को राजनीतिक सभा में बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी का पुणे कार्यक्रम एक और राजनीतिक हास्य कार्यक्रम था।’’ उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता का भाषण ‘‘बड़े-बड़े बयानों और चिर-परिचित आरोपों’’ से भरा था, लेकिन उसमें कांग्रेस के अपने रिकॉर्ड का जिक्र नहीं था।
उपाध्ये ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी और तीन तलाक के खिलाफ कानून का विरोध किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मनुवाद खोजने से पहले कांग्रेस को खुद को आईने में देखना चाहिए।’’ भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस नरेन्द्र मोदी सरकार के विकास कार्यों का मुकाबला करने में असमर्थ है और इसलिए जाति तथा धर्म से जुड़े मुद्दे उठाने की कोशिश कर रही है। उपाध्ये ने आरोप लगाया, ‘‘सत्ता गंवाने की निराशा, चुनावी हार का गुस्सा और मोदी का डर मिलकर राहुल गांधी के इस कथित हास्य कार्यक्रम की वजह बने हैं।’’ सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से भाजपा असहज है और युवाओं के बीच राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता ने उसकी नींद उड़ा दी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रविवार को नागपुर में ‘जेन-जी’ के साथ प्रस्तावित संवाद पर सावंत ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी ‘‘उम्मीदों, आकांक्षाओं, सपनों और भविष्य को कुचल दिया है।’’ उन्होंने सवाल किया कि क्या इस संवाद में पितृसत्तात्मक मूल्यों का उपदेश भी दिया जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘शायद मुख्यमंत्री उन्हें मनुस्मृति के महत्व के बारे में बताएंगे, यह समझाएंगे कि पितृसत्तात्मक व्यवस्था अच्छी है और आरएसएस तथा विश्व हिंदू परिषद तय करेंगे कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, क्या बोलना चाहिए और कैसे व्यवहार करना चाहिए।’’ उन्होंने फडणवीस की ‘युवा आइकन’ वाली छवि पर भी तंज कसा और कहा कि केवल यह उपाधि अपने नाम के साथ जोड़ लेने से कोई युवा आदर्श नहीं बन जाता। सावंत ने दावा किया कि पुणे में छात्रों के साथ राहुल गांधी के संवाद को मिली ‘अभूतपूर्व प्रतिक्रिया’ से भाजपा घबरा गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेट्रो सेवा बंद करने, कई तरह के प्रतिबंध लगाने और गुंडागर्दी का सहारा लेने के बावजूद बड़ी संख्या में युवतियां कार्यक्रम में पहुंचीं।’’ सावंत ने कहा, ‘‘इससे भाजपा हिल गई है और ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और फडणवीस की नींद उड़ गई है। लेकिन यह डर अच्छा है।
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