अस्पताल के बाहर दिखे गोविंदा:दूसरी शादी के दावे पर मैनेजर ने दिया रिएक्शन; झूठी खबरों को लेकर एक्टर ने जारी किया नोटिस
एक्टर गोविंदा को शनिवार को मुंबई के जुहू में अस्पताल के बाहर स्पॉट किया गया। हालांकि, गोविंदा अस्पताल क्यों गए थे, इसकी वजह सामने नहीं आई। दूसरी ओर, पर्सनल लाइफ को लेकर फैली अफवाहों पर एक्टर की ओर से पब्लिक नोटिस जारी किया गया। न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, नोटिस में मीडिया ऑर्गनाइजेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर्स को गोविंदा या उनके परिवार से जुड़ा झूठा, बदनाम करने वाला, गलत इरादे वाला, मनगढ़ंत या बिना वेरिफाई किया हुआ कंटेंट बनाने और फैलाने से चेतावनी दी गई है। गोविंदा ने ऐसे लोगों के खिलाफ 100 करोड़ रुपए तक के सिविल दावे की चेतावनी दी है। कोर्ट मैरिज और तलाक की अफवाहों पर नोटिस नोटिस तब जारी किया गया, जब ऑनलाइन दावा किया गया कि गोविंदा ने रानी स्वर्णकार से गुपचुप कोर्ट मैरिज की है। इससे पहले गोविंदा के कथित तलाक को लेकर भी सोशल मीडिया पर खबरें फैली थीं। AI और डिजिटल कंटेंट के इस्तेमाल पर चेतावनी नोटिस में डिजिटल रूप से बदले गए कंटेंट का भी जिक्र है। इसमें फोटो, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, मॉर्फ्ड इमेज, डीपफेक और AI से बना कंटेंट शामिल है। मानहानि और साइबर क्राइम के तहत कार्रवाई नोटिस में मानहानि, प्राइवेसी वायलेशन, पहचान के गलत इस्तेमाल और साइबर क्राइम से जुड़े लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 का हवाला दिया गया है। इन कार्रवाइयों में बैंक अकाउंट फ्रीज करना, प्रॉपर्टी की बिक्री या खरीद पर रोक लगाना और पासपोर्ट जब्त करना शामिल हो सकता है। गोविंदा बोले- ऐसी गतिविधियों से नुकसान हो सकता है गोविंदा ने चिंता जताई कि उनकी पब्लिक इमेज खराब करने के लिए जानबूझकर कैंपेन चलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी एक्टिविटीज से उन्हें मानसिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है। गोविंदा अस्पताल के बाहर स्पॉट हुए वहीं गोविंदा को शनिवार को मुंबई के जुहू इलाके में एक अस्पताल के बाहर स्पॉट किया गया। वह सफेद शर्ट, नीली जींस और चेहरे पर मास्क लगाए नजर आए। पैपराजी ने जब उनसे उनकी सेहत के बारे में पूछा, तो गोविंदा ने सिर्फ ‘ठीक हूं’ कहा। हालांकि, गोविंदा अस्पताल क्यों गए थे, इसकी वजह सामने नहीं आई है। बता दें कि गोविंदा से अनबन के बीच पत्नी सुनीता आहूजा ने 19 अगस्त को बांद्रा फैमिली कोर्ट से तलाक का केस वापस ले लिया। वहीं 20 अगस्त को सुनीता ने दावा किया था कि गोविंदा कथित गर्लफ्रेंड रानी स्वर्णकार से दूसरी शादी की तैयारी में थे। इसी वजह से उन्होंने तलाक की अर्जी वापस ली। यह बात सुनीता ने राखी सावंत के साथ फोन पर बातचीत में कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें.... गोविंदा की मैनेजर ने सुनीता के दावे को बताया गलत वहीं, गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने सुनीता आहूजा के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक्टर अपनी को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार से शादी करने वाले थे। शशि ने इस दावे को गलत बताया। इंडिया टुडे से बातचीत में शशि ने कहा कि सुनीता की बात सुनकर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने साफ कहा कि गोविंदा की दूसरी शादी का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, मैं यह बात आपसे सुन रहा हूं। ऐसा कुछ नहीं है और न ही ऐसा होगा। दूसरी शादी नहीं हो रही है। वह उनकी पत्नी हैं और शायद उनके मन में कुछ चल रहा होगा, इसलिए उन्होंने ऐसा कहा। शशि ने कहा कि अगर गोविंदा सच में शादी खत्म करके दूसरी शादी करना चाहते, तो वह खुद तलाक की अर्जी देते। उनके मुताबिक, तलाक की प्रक्रिया सुनीता ने शुरू की थी और बाद में उन्होंने ही याचिका वापस ले ली। उन्होंने कहा कि दोनों समझदार लोग हैं। गोविंदा ने कभी सार्वजनिक रूप से सुनीता के खिलाफ कुछ नहीं कहा। शशि के मुताबिक, सुनीता ही निजी बातें सार्वजनिक करती रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों के बीच चीजें ठीक होंगी, क्योंकि उनके बच्चों पर भी इन विवादों का असर पड़ता है। …………… गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गोविंदा-सुनीता के रिश्ते पर भांजी आरती सिंह बोलीं:परिवार से बात करूंगी, दुनिया को बताने की जरूरत नहीं; फुटेज लेने वालों पर कसा तंज गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनकी भांजी और एक्ट्रेस आरती सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में एक कार्यक्रम में पैपराजी ने उनसे मामा गोविंदा और मामी सुनीता के रिश्ते को लेकर सवाल किया। आरती ने कहा कि वह अपने से बड़ों के मामले में नहीं बोलतीं और यह परिवार का निजी मामला है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Allahabad High Court Land Acquisition Order: जमीन मालिकों को बड़ी राहत, सड़क विस्तार के नाम पर प्रशासन की मनमानी पर भड़का हाईकोर्ट, जबरन रजिस्ट्री मामले में दिया ये बड़ा निर्देश
Allahabad High Court Land Acquisition Order: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि प्रशासन जबरन बिक्री विलेख नहीं करा सकता।
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