अहमदाबाद में तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस : इसरो चीफ बोले-चंद्रयान-3 ने रचा था इतिहास
अहमदाबाद, 23 अगस्त (आईएएनएस)। इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद में शनिवार को तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गुजरात के मंत्री अर्जुन मोढवाडिया शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में इसरो चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने सभी का स्वागत किया। वीं. नारायणन ने कहा, जिन लोगों ने इस संगठन को बनाया है, इस देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को बनाया है, पूर्व निदेशक, वरिष्ठ सहयोगी जो यहां मौजूद हैं। भारत के अंतरिक्ष समुदाय की ओर से आप सभी का औपचारिक रूप से स्वागत करते हुए मुझे बहुत सम्मान और अपार खुशी हो रही है। अहमदाबाद शहर में पहली बार राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का जश्न मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, आज हम तीसरे अंतरिक्ष दिवस समारोह के लिए यहां हैं। हमने दो बार यह कार्यक्रम दिल्ली में किया था और भारत के माननीय प्रधानमंत्री की सलाह पर, उन्होंने हमें इसे पूरे देश में ले जाने की सलाह दी। ये सब इस देश के आम आदमी तक अंतरिक्ष के फायदे पहुंचाने के लिए है। पेलोड के बिना कोई सैटेलाइट नहीं है। सैटेलाइट के बिना लॉन्च व्हीकल की कोई जरूरत नहीं है। लॉन्च व्हीकल के बिना ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की कोई जरूरत नहीं है।
जल सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा, हमारे देश के लिए जल सुरक्षा बहुत-बहुत महत्वपूर्ण है। जब हम 140 करोड़ नागरिकों की बात कर रहे हैं, तो जल सुरक्षा बेहद जरूरी है। आज सबसे आगे रहकर दो महत्वपूर्ण मंत्रालय (पर्यटन मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय) हमारे साथ हैं। जहां तक संस्कृति मंत्रालय की बात है, आप में से कई लोग जानते होंगे कि भारत अपने नेतृत्व में बहुत सारा डेटा जारी करके इतिहास बनाने जा रहा है। आप सभी को पता चलेगा और भारत उस क्षेत्र में सबसे अच्छा देश बनेगा।
उन्होंने अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि वह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और गुजरात राज्य के लिए आपदा तैयारी के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इस महत्वपूर्ण समारोह के लिए आपको सम्मानित अतिथि के रूप में पाकर हम गौरवान्वित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए इसरो चीफ वी. नारायणन ने कहा, आप सभी जानते हैं कि 23 अगस्त 2023 मदर इंडिया के लिए एक ऐतिहासिक दिन था और हमने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट-लैंड कराया था और हम दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक सॉफ्ट-लैंड करने वाले एकमात्र और पहले देश बने। भारत के प्रधानमंत्री ने उस दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी और आज हम तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहे हैं और थीम बहुत-बहुत महत्वपूर्ण है, नवाचार, सहयोग और अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व बनने की आकांक्षा।
उन्होंने कहा, आज सरकार की नीति के आधार पर हमें देश में अंतरिक्ष इकोसिस्टम में सुधार करना है। और यह सिर्फ सरकार को ही काम नहीं करना है, ISRO हैंड-होल्ड करेगा, इन-स्पेस ऑथराइज करेगा, और हम स्टार्ट-अप्स, कंपनियों और निजी क्षेत्र को अंतरिक्ष गतिविधियों में बड़े पैमाने पर भाग लेने में सक्षम बना रहे हैं, जिससे अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कम से कम कई गुना बढ़ जाएगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, जब मुझे इस राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया, तो मेरे मन में पहला सवाल आया कि न तो मैंने विज्ञान पढ़ा है, न ही मैं विज्ञान के सार को जानता हूं। न तो मुझे किसी वैज्ञानिक संगठन में काम करने का अवसर मिला है, न ही मैं वैज्ञानिक संगठनों के दौरे और वैज्ञानिक लोगों के साथ बातचीत को अपनी उंगलियों पर गिन सकता हूं।
उन्होंने कहा, अहमदाबाद के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर की ओर से, मैं आप सभी के सामने यहां आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आज तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के इस अवसर पर, मैं आप सभी के बीच आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अहमदाबाद के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर ने मुझे यहां आमंत्रित किया है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और खुशी की बात है।
मीडिया से बातचीत में गजेंद्र शेखावत ने कहा, इसरो का काम का बोझ कम नहीं हुआ है। इसरो की काम करने की क्षमता कई, कई, कई गुना बढ़ गई है। अब किसी एप्लीकेशन को विकसित करने, सैटेलाइट बनाने, पेलोड विकसित करने या सैटेलाइट लॉन्च करने में लगने वाला समय कई गुना कम हो गया है और यह सब अब बहुत अधिक दक्षता के साथ हो रहा है।
उन्होंने कहा, चंद्रयान मिशन की सफलता के बाद, माननीय प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद, भारत उस दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाएगा जब भारत ने शिव शक्ति पॉइंट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखा था। मुझे बेहद खुशी है कि आज भारत अहमदाबाद के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के तत्वावधान में तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, अंतरिक्ष विज्ञान के निजीकरण के माध्यम से भारत के लिए अपार संभावनाएं खुल गई हैं।
गुजरात सरकार के मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, इसरो, अहमदाबाद और डॉ. विक्रम साराभाई हमारे अंतरिक्ष क्षेत्र की आधारशिला हैं। उन्होंने अंतरिक्ष मिशन की परिकल्पना की और स्थापना की। और अब हर कोई जानता है कि इसरो क्या है, इन-स्पेस क्या है और स्पेस एप्लीकेशन सेंटर क्या है। गुजरात भी भाग्यशाली है कि उसे राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जैसा नेता मिला था। उन्होंने 2006 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना की थी और अब विज्ञान और प्रौद्योगिकी के तहत हमारे पास छह वर्टिकल हैं। वर्टिकल में से एक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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