बालिका गृह में दो बच्चियों ने सहेली को डुबोकर मारा:मथुरा में रो-रोकर नाटक करती रहीं, पकड़ाईं तो बोलीं- घर जाना था, इसलिए ऐसा किया
मथुरा के वृंदावन में राजकीय बालिका गृह में लड़कियों ने 14 साल की सहेली को बाथरूम में डुबोकर मार डाला। पुलिस के मुताबिक, दोनों बालिका गृह से बाहर निकलना चाहती थीं। उन्हें लगा कि किसी की मौत होने पर बालिका गृह बंद हो सकता है और सभी लड़कियों को घर भेज दिया जाएगा। वारदात के बाद पुलिस पहुंची तो आरोपी लड़कियां रोने का नाटक करने लगीं। हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दूसरी लड़कियों को भी अपने साथ कर लिया। मृत किशोरी को न्याय दिलाने के नाम पर नारेबाजी की। CCTV कैमरों को तोड़ने की भी कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली। शनिवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई। इसमें पानी में डूबने से किशोरी की मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने CCTV खंगाले तो पता चला कि बाथरूम में तीन किशोरियां गई थीं, लेकिन 45 मिनट बाद दो ही बाहर निकलीं। शक के आधार पर पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। दोनों ने वारदात कबूल कर ली। राजकीय बालिका गृह चैतन्य विहार इलाके में है। यहां 140 लड़कियां रहती हैं। दोनों आरोपी किशोरियों की उम्र 15-15 साल है। एक पीलीभीत और दूसरी अलीगढ़ की रहने वाली है। बालिका गृह की अधीक्षिका प्रगति खरे ने FIR दर्ज कराई है। इसमें दोनों आरोपी किशोरियों के अलावा साजिश में शामिल तीन किशोरियों को भी आरोपी बनाया गया है। लड़कियां बोलीं- संरक्षण गृह में मन नहीं लग रहा था, इसलिए वारदात की पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी किशोरियों ने बताया- हमारा संरक्षण गृह में मन नहीं लग रहा था। इसलिए हम यहां से निकलना चाहते थे। इसी दौरान किसी ने हमसे कहा कि अगर यहां किसी की मौत हो जाए तो संरक्षण गृह बंद हो सकता है। यहां रहने वाली लड़कियों को घर भेज दिया जाएगा। इसके बाद हम दोनों ने हत्या की साजिश रची। शनिवार को जैसे ही उनकी सहेली बाथरूम में गई, दोनों भी वहां पहुंच गईं। उन्होंने उसे पानी में डुबो दिया और बाहर निकल आईं। कुछ देर बाद दूसरी लड़की बाथरूम में गई तो वारदात का पता चला। इसके बाद बालिका गृह के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ शुरू की। इस दौरान लड़कियों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा- यहां की व्यवस्था ठीक नहीं है। बालिका गृह रहने लायक नहीं है। हमारी सहेली को न्याय नहीं मिला तो हम प्रदर्शन करेंगे। पुलिस ने उन्हें समझाया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। SSP बोले- CCTV दिखाकर पूछताछ की तो लड़कियों ने वारदात कबूली शनिवार को जिला अस्पताल में किशोरी का पोस्टमॉर्टम हुआ। SSP श्लोक कुमार ने बताया- वारदात के बाद CCTV फुटेज चेक की गई। जिस कमरे में किशोरी रह रही थी, उसमें अटैच्ड बाथरूम था। CCTV में तीन बालिकाएं बाथरूम में जाती दिखीं, लेकिन बाहर सिर्फ दो बालिकाएं आईं। CCTV दिखाकर उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने वारदात कबूल कर ली। बालिका गृह प्रशासन बोला- पढ़ाई में अच्छी थी किशोरी राजकीय बालिका गृह प्रशासन के मुताबिक, मृतक किशोरी के जन्म के कुछ समय बाद ही उसके पिता की मौत हो गई थी। उसकी मां मानसिक रूप से बीमार थीं। बाद में उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद किशोरी को राजकीय बालिका संरक्षण गृह लाया गया। किशोरी पढ़ाई में अच्छी थी और उसे पढ़ने में रुचि थी। उसका व्यवहार देखते हुए संरक्षण गृह प्रशासन ने उसे स्कूल भेजने की अनुमति दी थी। वह संदीपनी मुनि स्कूल में पढ़ रही थी। वह पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। -------------------------- यह खबर भी पढ़िए कांग्रेस सांसद के दामाद को अखिलेश ने सपा जॉइन कराई, इमरान मसूद ने कहा था- मेरे परिवार से कोई चुनाव नहीं लड़ेगा सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद काजी शायान मसूद गुरुवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। शायान अभी तक कांग्रेस में थे। यहां पढ़ें पूरी खबर
जालंधर में देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन तैनात:500 किलोमीटर से ज्यादा बॉर्डर, सरहद पर रखेगी नजर; एयर स्ट्राइक रोकने में सक्षम
जालंधर केंटोनमेंट में आर्मी की 11वीं वज्र कोर ने देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन की तैनाती की है। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में तैनात ये पहली ड्रोन यूनिट है। पंजाब के पाकिस्तान के साथ लगते 500 किलोमीटर से ज्यादा बॉर्डर पर ड्रोन यूनिट दूर के निगरानी रख पाएगा। इसके अलावा सामान की सप्लाई और जरूरत पड़ने पर दुश्मन की एयर स्ट्राइक को रोकने की कैपेसिटी रखती है।नई बटालियन की तैनाती को लेकर आर्मी ने एक्स पोस्ट कर जानकारी दी और इसकी तस्वीरें भी साझा की। बताया गया कि स्वदेशी भारत में ही बने घातक ड्रोन के साथ-साथ अमेरिकी और इजरायली तकनीक वाले हेरॉन और हर्मीस जैसे अत्याधुनिक ड्रोन्स को इसमें शामिल किया गया है। यूनिट में टेक्नीकल सैन्य विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है, जो रियल-टाइम में हाई-डेंसिटी डेटा प्रोसेसिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और आधुनिक ड्रोन वारफेयर को संभालने में सक्षम है। रणनीतिक दृष्टि से जालंधर को इस बटालियन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। यहां से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती इलाकों की दूरी बेहद संतुलित है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सकेगा। इसके अलावा, पास में आदमपुर वायुसेना स्टेशन और अन्य सैन्य हवाई अड्डे मौजूद होने के कारण एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े ड्रोन्स के संचालन, रनवे, हैंगर और तकनीकी रखरखाव की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। जालंधर है बॉर्डर का सेंट्रल और स्ट्रैटेजिक पॉइंट जालंधर से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों की दूरी संतुलित है। किसी भी सेक्टर में आपात स्थिति होने पर जालंधर से रिस्पॉन्स दिया जा सकता है। जालंधर के पास आदमपुर वायुसेना स्टेशन और पंजाब के अन्य सैन्य हवाई अड्डे मौजूद हैं। एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े व लंबी दूरी के ड्रोन चलाने के लिए रनवे, हैंगर और तकनीकी रखरखाव के लिए जालंधर सबसे मुफीद लोकेशन है। ड्रोन से घुसपैठ पर रहेगी नजर पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल बढ़ा है। जालंधर में तैनात यह सेंट्रलाइज्ड 'ड्रोन हब' तकनीकी सर्विलांस के जरिए वास्तविक समय में सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखने का काम करेगा। आपरेशन सिंदूर में भी जालंधर के कई इलाकों में ड्रोन गिराए थे ऑपरेशन सिंदूर में जालंधर के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन हवा में नष्ट किए गए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन की सफलता को देखते हुए सेना ने रणनीति बदली है। जालंधर में वज्र कोर का मुख्यालय होने की वजह से कमांड, कंट्रोल और टॉप-लेवल सैन्य लीडरशिप के साथ तालमेल बिठाना आसान रहता है।
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