Rahul Gandhi से Pune में छात्राओं ने की बात, महिला सुरक्षा और शिक्षा की बाधाएं उठाईं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ शनिवार को संवाद के दौरान छात्राओं ने बताया कि यौन उत्पीड़न, व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर चिंता, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी और आर्थिक परेशानियां अब भी महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता में बाधा बनी हुई हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पालघर के वसई की अर्थशास्त्र की छात्रा सुचित्रा पागी ने 13 साल की उम्र में स्कूल से घर लौटते समय और बाद में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा के दौरान छेड़खानी की घटनाओं को याद किया। पागी ने कहा कि इन अनुभवों से उनके मन में पुरुषों को लेकर डर पैदा हो गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पुरुष एक जैसे नहीं होते।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जब वे किसी महिला को परेशान होते देखें तो उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। पुणे में मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रहीं मैत्री ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंताएं शिक्षा में बाधा बन सकती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए। उन्होंने कहा कि गांवों में माता-पिता अक्सर सुरक्षा कारणों से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में हिचकिचाते हैं और इसके बजाय बेटों को पढ़ाना पसंद कर सकते हैं।
साइबर और डिजिटल साइंस की बीएससी की दूसरे वर्ष की छात्रा प्रज्ञा गावंडे ने साइबर सुरक्षा जैसे विशेष पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को रेखांकित किया।
Malda में महिला ने की खुदकुशी, Trinamool ने Annapurna Yojana में देरी को बताया वजह
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में शनिवार को 32 वर्ष की एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि उसने अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलने में देरी के कारण आत्महत्या की। पुलिस ने बताया कि गाजोल के बछाहर क्षेत्र में सुबह करीब 10 बजे अनीता खातून का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में महिला और उसके पति के बीच योजना का फॉर्म भरने को लेकर विवाद सामने आया है। इसके अलावा घरेलू हिंसा की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
तृणमूल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि कल्याणकारी वादों का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब लोगों को उन चीजों को पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिनका उनसे वादा किया गया था। पार्टी ने दावा किया, भाजपा की बंगाल सरकार पूरे राज्य में महिलाओं की मदद करने में नाकाम रही है। मालदा में, अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलने में देरी के कारण एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
उसके परिवार का कहना है कि प्रखंड कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
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