MPSC अभ्यर्थी ने Rahul Gandhi से कहा, Paper Leak से महिलाओं पर पड़ता है ज्यादा असर
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक अभ्यर्थी ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कहा कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से महिला उम्मीदवारों को अधिक परेशानी होती है, क्योंकि उनके सामने एक ‘‘समय सीमा’’ होती है और उन्हें शादी तथा परिवार की जिम्मेदारियों का दबाव झेलना पड़ता है। पुणे में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्रा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन का आग्रह किया। खुद को फार्मासिस्ट और एमपीएससी अभ्यर्थी बताने वाली शरयू चोपडे ने कहा कि परीक्षा 20 से 22 मार्च के बीच आयोजित की गई थी लेकिन बाद में छात्रों को पता चला कि प्रश्नपत्र लीक हो गया था।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने एमपीएससी अधिकारियों से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल मामले की जांच अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) कर रहा है। चोपडे ने कहा, ‘‘हम निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं, क्योंकि यहां सभी छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि पुणे एमपीएससी अभ्यर्थियों का प्रमुख केंद्र है, क्योंकि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से छात्र सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने यहां आते हैं।
चोपडे ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने का असर छात्राओं पर पुरुषों की तुलना में अलग और अधिक पड़ता है, क्योंकि महिलाओं को शादी और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर पहले से दबाव का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर छात्रों से चर्चा करेंगे। उन्होंने छात्रों से मामले को विस्तार से समझाने और इससे जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा।
चोपडे ने कहा कि वह कथित प्रश्नपत्र लीक से जुड़े स्क्रीनशॉट और अन्य सबूत राहुल गांधी को दिखाएंगी।
Assam के टैक्सी चालकों ने Meghalaya वाहनों की नाकेबंदी खत्म की, सुरक्षा का मिला भरोसा
असम के टैक्सी संचालकों ने शनिवार को मेघालय में पंजीकृत वाहनों के खिलाफ अपनी नाकेबंदी समाप्त कर दी। यह फैसला दोनों राज्यों के मंत्रियों के बीच बैठक के बाद सुरक्षा के आश्वासन पर लिया गया। इससे पहले, असम के सीमा सुरक्षा मंत्री अतुल बोरा और मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर के बीच बैठक हुई।
बोरा के साथ बैठक के बाद जोराबाट में नाकेबंदी वाली जगह पर एक टैक्सी संचालक ने कहा, ‘‘हमने फिलहाल नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। मेघालय सरकार ने 19 अगस्त को हुई हिंसा की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई है। हम इसकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मंत्री ने कहा है कि मेघालय सरकार हमारे चालकों और गाड़ियों को हुए नुकसान का मुआवजा देगी।’’ धर से मिलने के बाद बोरा प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को असम सरकार के प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी मांगें रखेगा। इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि मेघालय में फंसे असम के 246 लोगों में से 131 लोग रात 8:30 बजे तक सुरक्षित वापस आ चुके हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम मेघालय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि बाकी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित गुवाहाटी वापस लाया जा सके।’’ शर्मा ने दोनों सरकारों के बीच हुई बैठक के नतीजों का भी स्वागत किया और कहा कि इससे हालात सामान्य करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मेघालय सरकार द्वारा एक एसआईटी का गठन और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी सही दिशा में उठाए गए कदम हैं। शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की ओर से 19 अगस्त को आयोजित बाइक रैली के दौरान हिंसा भड़क गई थी। पुलिस के मुताबिक, असम में पंजीकृत वाहनों समेत कम से कम 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और 16 लोग घायल हो गए।
इस घटना के बाद, असम में टैक्सी संचालकों ने बृहस्पतिवार से पड़ोसी राज्य में जाने वाले मुख्य रास्तों -जोराबाट और खानापारा- पर मेघालय जाने वाले वाहनों के खिलाफ नाकेबंदी कर दी थी।
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