Responsive Scrollable Menu

हैदराबाद पर टॉक्सिक का कब्जा, 45 हजार से अधिक फैंस के साथ यश ने टीम के साथ रिलीज़ से पहले किया मेगा सेलिब्रेशन

26 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स का क्रेज अब हैदराबाद में भी सिर चढ़कर बोल रहा है. फिल्म की रिलीज से पहले 22 अगस्त को मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी ग्राउंड्स में आयोजित ग्रैंड प्री रिलीज इवेंट में 45,000 से ज्यादा फैंस का सैलाब उमड़ पड़ा. रॉकिंग स्टार यश और इस मोस्ट अवेटेड फिल्म को सेलिब्रेट करने पहुंचे फैंस के जोश ने पूरे माहौल को टॉक्सिकमय बना दिया.

इस मेगा शाम में रॉकिंग स्टार यश के साथ कियारा आडवाणी, रुक्मिणी वसंत, हुमा कुरैशी, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर ने सेंटर स्टेज संभाला. साल की सबसे चर्चित और मोस्ट अवेटेड थिएट्रिकल रिलीज में से एक टॉक्सिक को लेकर पूरी कास्ट और टीम का एक्साइटमेंट देखते ही बन रहा था. इस खास मौके पर फिल्म के प्रमुख सदस्यों में प्रोड्यूसर वेंकट के. नारायण और प्रोड्यूसर दिल राजू भी मौजूद रहे.

दुनियाभर के सिनेमाघरों में पहुंचने के लिए तैयार टॉक्सिक

हजारों फैंस यश और पूरी टीम की एक झलक पाने के लिए पहुंचे थे. चारों तरफ सिर्फ सेलिब्रेशन, एक्साइटमेंट और फिल्म की रिलीज का इंतजार नजर आ रहा था. अब जब टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स दुनियाभर के सिनेमाघरों में पहुंचने के लिए तैयार है, तो फैंस का यह जबरदस्त उत्साह फिल्म को लेकर बढ़ती बेसब्री को साफ दिखा रहा है.

इवेंट में बोलते हुए यश ने तेलुगु ऑडियंस का शुक्रिया अदा किया और केजीएफ के बाद से उन्हें मिले बेशुमार प्यार को याद किया. अलग अलग भाषाओं के ऑडियंस के बीच बने इस खास कनेक्शन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “कोई बाउंड्रीज नहीं हैं, कोई बैरियर्स नहीं हैं, कोई पॉलिटिक्स नहीं है. लैंग्वेज से परे, बॉर्डर्स से परे, ह्यूमैनिटी है, लव है और ऑनिस्टी है.”

अपनी जर्नी की रिस्पॉन्सिबिलिटी खुद उठाएं- यश

यश ने आगे इंडियन सिनेमा की बढ़ती स्ट्रेंथ पर बात करते हुए कहा, “हम सभी साथ हैं, तो अब हम इंडियन सिनेमा हैं. और बहुत जल्द हम सभी को मिलकर इंडियन सिनेमा को ग्लोबल मैप पर अपनी एक खास पहचान और मजबूत जगह दिलानी है.” इवेंट में मौजूद स्टूडेंट्स से भी यश ने बिग ड्रीम्स देखने, हार्ड वर्क करने और अपनी जर्नी की रिस्पॉन्सिबिलिटी खुद उठाने की बात कही.

कियारा आडवाणी, जिनका हैदराबाद से एक खास कनेक्शन रहा है, ने तेलुगु ऑडियंस से मिले प्यार को याद किया. अपनी पहली तेलुगु फिल्म भारत अने नेनु को याद करते हुए उन्होंने कहा, “तेलुगु ऑडियंस जैसा लव कहीं नहीं मिलता. इसलिए आपका बहुत बहुत थैंक यू! टॉक्सिक सिर्फ एक कन्नड़ फिल्म नहीं है. यह सिर्फ एक इंग्लिश फिल्म नहीं है. यह उतनी ही तेलुगु फिल्म है, उतनी ही तमिल, मलयालम और हिंदी फिल्म है, क्योंकि यह एक इंडियन फिल्म है.”

रुक्मिणी वसंत ने टीम को मिले प्यार के लिए कहा थैंक-यू

कियारा ने ऑडियंस को 26 अगस्त को सिनेमाघरों में फिल्म देखने के लिए भी इनवाइट किया और कहा कि अब दर्शकों को “हमारी फिल्म की सोल” देखने को मिलेगी. रुक्मिणी वसंत ने भी मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को उनकी इनक्रेडिबल एनर्जी और टीम को मिले प्यार के लिए थैंक यू कहा. कास्ट और क्रू के साथ काम करने के अपने एक्सपीरियंस को याद करते हुए उन्होंने कहा, “रॉकिंग स्टार यश सर, आपके साथ काम करना सच में एक जॉय रहा है. यह मेरे लिए एक रियल बकेट लिस्ट मोमेंट था.”

हुमा कुरैशी ने हैदराबाद में मिले ओवरवेल्मिंग रिसेप्शन के लिए ग्रैटिट्यूड जताया और फिल्म के साथ अपनी जर्नी को याद किया. डायरेक्टर गीतू मोहनदास के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “जब उन्होंने पहली बार मुझे इस पार्ट के लिए अप्रोच किया था, तब मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि मैं हिस्ट्री का हिस्सा बनने जा रही हूं.”

हैदराबाद का यह प्री रिलीज इवेंट बड़ा माइलस्टोन

यश और फिल्म के लिए उनके विजन की तारीफ करते हुए हुमा ने कहा, “इस फिल्म को बनाने के लिए और सच में इतना बड़ा विजन और गट्स रखने के लिए आपका थैंक यू, जिससे आप सिनेमा को सभी के लिए चेंज कर रहे हैं.” हैदराबाद का यह प्री रिलीज इवेंट टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स के सफर में एक और बड़ा माइलस्टोन बन गया है. जबरदस्त एडवांस बुकिंग के बीच अब 26 अगस्त को होने वाली फिल्म की वर्ल्डवाइड थिएट्रिकल रिलीज को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है.

 

 

Continue reading on the app

LPG Pipeline Network: 6 राज्यों में बिछेगा 1800 किमी का नया पाइपलाइन जाल, अब बिना रुकावट सीधे पहुंचेगी रसोई गैस

LPG Pipeline Network: देशभर में रसोई गैस की बढ़ती मांग और इसकी सुरक्षित आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड यानी पीएनजीआरबी ने देश के छह प्रमुख राज्यों में लगभग 1800 किलोमीटर लंबी नई एलपीजी पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब सात हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इस बड़े विस्तार की जिम्मेदारी सरकारी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है. इस महत्वाकांक्षी योजना के जमीन पर उतरने के बाद देश में अधिकृत एलपीजी पाइपलाइन का कुल नेटवर्क लगभग पच्चीस प्रतिशत बढ़कर 9500 किलोमीटर के पार पहुंच जाएगा.

आयातित गैस की सप्लाई होगी आसान

भारत में घरेलू गैस सिलेंडरों की जरूरत को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर एलपीजी का आयात किया जाता है. समुद्र के रास्ते आने वाली गैस पहले तटीय आयात टर्मिनलों पर पहुंचती है और फिर वहां से देश के भीतरी हिस्सों में स्थित बॉटलिंग प्लांट्स और घरों तक भेजी जाती है. वर्तमान में लंबी दूरी तक गैस ले जाने के लिए भारी संख्या में सड़क टैंकरों का इस्तेमाल करना पड़ता है. नए पाइपलाइन नेटवर्क के बनने से तटीय टर्मिनलों से देश के अंदरूनी इलाकों तक भारी मात्रा में गैस की आवाजाही बेहद आसान, तेज और भरोसेमंद हो जाएगी.

तीन नए रूटों से जुड़ेगा बड़ा इलाका

नियामक की ओर से मंजूर की गई इस योजना में मुख्य रूप से तीन बड़े रूट शामिल किए गए हैं. पहला रूट 556 किलोमीटर लंबा है जो तेलंगाना के चेरलापल्ली से शुरू होकर महाराष्ट्र के नागपुर तक जाएगा. दूसरा बड़ा रूट 611 किलोमीटर का है, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश के झांसी को उत्तराखंड के सितारगंज से सीधे जोड़ा जाएगा. तीसरा रूट 633 किलोमीटर लंबा होगा, जो महाराष्ट्र के शिक्रापुर से निकलकर कर्नाटक के हुबली और गोवा तक पहुंचेगा. इन तीनों रूटों के तैयार होने से उत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के एक बड़े हिस्से में गैस सप्लाई का एक मजबूत चक्र तैयार हो जाएगा.

सड़क हादसों पर लगेगी लगाम

एलपीजी गैस का सड़क मार्ग से परिवहन हमेशा जोखिम भरा माना जाता है. हाईवे पर चलने वाले बड़े गैस टैंकर अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने का डर बना रहता है. सुरक्षा के लिहाज से पाइपलाइन को सबसे सुरक्षित और टिकाऊ माध्यम माना जाता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही हाईवे पर दौड़ने वाले हजारों टैंकरों की संख्या में भारी कमी आएगी. इससे न केवल सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा बल्कि खतरनाक हादसों की संभावना भी न के बराबर रह जाएगी.

पर्यावरण को लाभ और कम होगा खर्च

सड़क मार्ग से हजारों ट्रकों और टैंकरों के चलने से भारी मात्रा में डीजल की खपत होती है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है. भूमिगत पाइपलाइन से गैस भेजने पर किसी भी तरह का कार्बन उत्सर्जन नहीं होता है. इसके साथ ही लंबी दूरी के लिए पाइपलाइन से ईंधन भेजना सड़क परिवहन की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है. परिवहन लागत कम होने से तेल और गैस कंपनियों का लॉजिस्टिक्स खर्च घटेगा, जिसका सकारात्मक असर पूरे ऊर्जा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों की तैयारी

देश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और शहरीकरण के विस्तार के बाद एलपीजी का उपयोग करने वाले परिवारों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. बढ़ती आबादी के साथ आने वाले वर्षों में ईंधन की यह मांग और तेजी से बढ़ेगी. ऐसे में पुराना ढांचा भविष्य की मांग को संभालने के लिए नाकाफी साबित हो सकता था. सात हजार करोड़ रुपये की यह नई परियोजना आने वाले कई दशकों तक देश के ऊर्जा ढांचे को मजबूती देने का काम करेगी. छह राज्यों में फैले इस नए नेटवर्क से बॉटलिंग प्लांट्स को चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के गैस मिलती रहेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिलने में कभी कोई परेशानी नहीं होगी.

यह भी पढ़ें: LPG ग्राहकों को मिली बड़ी राहत, e-KYC की बढ़ी डेडलाइन; जानें कब तक कर सकेंगे

Continue reading on the app

  Sports

SL vs IND 2nd Test Day-2 Live: कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन विशाल स्कोर की तरफ भारत, मुश्किल में श्रीलंकाई टीम

Sri Lanka vs India, 2nd Test Day-2 Live: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में दूसरे टेस्ट मैच का रोमांच शुरू हो चुका है. मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. पहले बैटिंग करते हुए खेल के शुरुआती दिन टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 300 रन बना लिए. टीम इंडिया के लिए बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने शतकीय पारी खेली. Mon, 24 Aug 2026 07:14:00 +0530

  Videos
See all

Uttarakhand News: उत्तराखंड से सुबह की बड़ी खबर | Nanital High Court | CM Dhami | Weather News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-24T02:42:41+00:00

Amit Shah ने बढ़ाया Divyang Cricket टीम का हौसला | Team India | Delhi News #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-24T02:46:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers