Modi Cabinet Reshuffle: मोदी कैबिनेट में इसी महीने बड़े फेरबदल की तैयारी; दो दर्जन से ज्यादा मंत्रियों के बदल सकते हैं विभाग
राजनीतिक गलियारों में मोदी कैबिनेट के पुनर्गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिए केंद्र सरकार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार टीम में बड़ा बदलाव करने जा रही है।
इस फेरबदल में न केवल सहयोगी दलों की महत्वाकांक्षाओं को संतुलित करने का प्रयास होगा, बल्कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए कई अहम चेहरों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किया जाएगा।
पीयूष गोयल बने रह सकते हैं मंत्री, हरदीप पुरी के भविष्य पर नजर
भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए जाने के बावजूद संकेत हैं कि पीयूष गोयल वाणिज्य मंत्री बने रहेंगे। अमेरिका व अन्य देशों के साथ जारी महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों के बीच सरकार उनकी जिम्मेदारी बदलने के पक्ष में नहीं दिख रही है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
यदि उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाता है तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है, जिससे कैबिनेट में सिख प्रतिनिधित्व का सवाल खड़ा हो सकता है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के तहत राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर का नाम चर्चा में है।
सहयोगी दलों की बड़ी मांगें, तमिलनाडु से द्रमुक पर भी डोरे
एनडीए के घटक दलों की मांगें भी इस फेरबदल में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से बड़ा विभाग चाहते हैं, जबकि महाराष्ट्र से 13 सांसदों वाले एकनाथ शिंदे गुट ने एक और कैबिनेट पद की मांग रखी है।
इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच चर्चा हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली चर्चा तमिलनाडु से द्रमुक (DMK) को केंद्र सरकार में शामिल करने की संभावनाओं को लेकर है, जिसकी कमान खुद प्रधानमंत्री स्तर पर संभाले जाने की बात कही जा रही है।
उत्तर प्रदेश और हिमाचल से केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए समीकरण संभव
वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने में जुटी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों- केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक- में से किसी एक को दिल्ली लाकर केंद्र में अहम जिम्मेदारी दी जा रही है।
अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा की कमान मिलने के बाद केशव मौर्य के नाम की चर्चाएं अधिक हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अनुराग ठाकुर दोनों बड़े चेहरे हैं; चुनावी जरूरतों और सामाजिक संतुलन को देखते हुए इनके संदर्भ में भी अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
IMD Monsoon Alert: देहरादून में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; हिमाचल में ढही चूना पत्थर खान, कई राज्यों में बाढ़ का तांडव
देश भर में सक्रिय मानसून के चलते उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर पूर्वी राज्यों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन और नदियों के उफान ने कई प्रमुख संपर्क मार्गों को बाधित कर दिया है, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही ठप हो गई है।
वहीं मैदानी और तटीय राज्यों में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी कुछ दिनों तक कई राज्यों में अत्यधिक तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी करते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, केदारनाथ मार्ग बाधित
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार राजधानी देहरादून, बागेश्वर, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल जनपदों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां और बरसाती नाले खतरे के निशान के करीब बह रहे हैं।
उधर रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन ने यात्रियों को अत्यधिक सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
हिमाचल में चूना पत्थर की खान ढही, जम्मू-कश्मीर में भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के चलते हालात चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य के सिरमौर क्षेत्र में भारी बारिश के दबाव से एक चूना पत्थर की खान अचानक ढह गई, जिसमें तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव अभियान चला रही हैं। इस बीच श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र ने जम्मू संभाग के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और कश्मीर घाटी के लिए 19 से 21 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है।
असम, ओडिशा और झारखंड में बाढ़ से बिगड़े हालात
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश ने तबाही मचा रखी है। असम में प्रमुख नदियों के उफान पर होने से निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं।
वहीं झारखंड में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज गर्जना के साथ व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जिससे नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की आशंका बनी हुई है।
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