UAE ने ईरान के साथ ट्रेड रोका:दावा- ईरान ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हमले रोकने के लिए जून में हुआ समझौता तोड़ा
UAE ने ईरान के साथ सभी तरह का व्यापार और वित्तीय लेनदेन अगले आदेश तक रोकने का ऐलान किया है। UAE ने मंगलवार को आरोप लगाया कि, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। UAE के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दोनों मिसाइलों का पता लगा लिया था। एक मिसाइल उसकी समुद्री सीमा के बाहर गिरी, जबकि दूसरी उसके समुद्री क्षेत्र में गिरी। इसके बाद ही UAE ने ट्रड रोकने का फैसला लिया। UAE और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए जून में एक समझौता हुआ था। इसके बाद कुछ समय तक मिसाइल और ड्रोन हमले रुक गए और उम्मीद जताई गई कि हालात सामान्य हो जाएंगे। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। कुछ ही हफ्तों बाद दोनों देशों ने फिर एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए और समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव दोबारा बढ़ गया। ईरान बोला- UAE की तरफ कोई मिसाइल नहीं दागी ईरान ने UAE के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ईरान ने UAE की तरफ कोई मिसाइल नहीं दागीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिशों को कमजोर करते हैं। UAE, ईरान का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर UAE, चीन के बाद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। दोनों देशों के बीच हर साल अरबों डॉलर का गैर-तेल व्यापार होता है। दुबई लंबे समय से ईरान के लिए व्यापार और बैंकिंग का बड़ा केंद्र रहा है। ईरान बड़ी मात्रा में सामान UAE के जरिए मंगाता है, जबकि दोनों देशों के बीच शिपिंग, ऊर्जा और वित्तीय लेनदेन भी बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में व्यापार रोकने का फैसला दोनों देशों के कारोबार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। भारत और दूसरे एशियाई देशों का बड़ा समुद्री व्यापार UAE के बंदरगाहों से होकर गुजरता है। अगर ईरान-UAE तनाव और बढ़ता है तो शिपिंग लागत, बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई महंगी हो सकती है। UAE के प्रमुख बंदरगाह होर्मुज स्ट्रेट के पास हैं। अगर ईरान और UAE के रिश्ते और बिगड़ते हैं तो इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। UAE का दावा- ईरान ने 3000 मिसाइल-ड्रोन दागीं UAE का कहना है कि 28 फरवरी को क्षेत्रीय संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने उसके खिलाफ करीब 3,000 मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। UAE का कहना है कि किसी भी दूसरे देश की तुलना में ईरान ने उस पर सबसे ज्यादा हमले किए। UAE का आरोप है कि इन हमलों का निशाना सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं, बल्कि तेल टैंकर, समुद्री जहाज और ऊर्जा ढांचा भी रहा। हालांकि ईरान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। होर्मुज स्ट्रेट बना सबसे बड़ा विवाद तनाव की सबसे बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और शांति समझौते में तय शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रह सकता है। दूसरी ओर अमेरिका और खाड़ी देश चाहते हैं कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही जल्द सामान्य हो, क्योंकि दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से होती है। ट्रम्प बोले- ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से बातचीत कर रही अपनी टीम को फिलहाल वार्ता रोकने का निर्देश दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा है कि जब तक तेहरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक आगे की बातचीत नहीं होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अब तक बातचीत सकारात्मक रही थी, लेकिन ट्रम्प ने अगले दौर की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…
इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM अस्पताल शिफ्ट किए जाएंगे
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मुलाकात हुई। नोरीन 9 महीने बाद इमरान से मिलीं। करीब 15 मिनट की मुलाकात में बहन ने इमरान की सेहत के बारे में पूछा। उन्होंने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी भी दी, जिसमें इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है। इमरान और पत्नी बुशरा बीबी की मुलाकात करीब 30 से 35 मिनट चली। मुलाकात के बाद नोरीन ने इमरान से मिलने की पुष्टि की, लेकिन कोर्ट के निर्देश के मुताबिक मीडिया से बात नहीं की। पुलिस ने तीन बहनों में सिर्फ नोरीन को मिलने दिया नोरीन अपनी बहनों अलीमा खान और उजमा खान के साथ अडियाला जेल के रास्ते में डहगल चेकपॉइंट पहुंची थीं। पुलिस ने तीनों को रोक लिया। बाद में सिर्फ नोरीन को इमरान से मिलने के लिए जेल जाने दिया। करीब 15 मिनट की मुलाकात के बाद नोरीन ने इमरान से मिलने की पुष्टि की। हालांकि, कोर्ट में दिए भरोसे के मुताबिक उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। कोर्ट ने कहा- परिवार से मिलना अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इमरान के परिवार से हर हफ्ते मुलाकात कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि परिवार से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। अदालत ने पिछले 3 साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों का रिकॉर्ड भी मांगा है। उनके बेटों से हुई बातचीत और फोन कॉल की जानकारी देने को भी कहा गया है। इमरान को अस्पताल भेजने का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा है, जिसमें उनके निजी डॉक्टर और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल किया जाएगा। अडियाला जेल की मेडिकल रिपोर्ट में इमरान के ब्लड प्रेशर और तनाव को लेकर चिंता जताई गई थी। पाकिस्तान सरकार ने आदेश को चुनौती दी शहबाज सरकार ने इमरान खान को अस्पताल भेजने के आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर की है। सरकार ने दलील दी है कि सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश इस मामले की सुनवाई के दायरे से बाहर है। सरकार ने कोर्ट से अपने आदेश पर दोबारा विचार करने की मांग की है। पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने CNN-न्यूज 18 से कहा कि सरकार ने कोर्ट के आदेश की समीक्षा की है। सरकार का मानना है कि आदेश के कुछ हिस्से मौजूदा कानून के मुताबिक नहीं हैं। तरार ने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में कई कैदी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। अगर इमरान को जेल से बाहर एक खास अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जाती है, तो सवाल है कि क्या यही नियम दूसरे कैदियों पर भी लागू होगा? सरकार का कहना है कि आम तौर पर कैदियों का इलाज सरकारी अस्पतालों और तय सरकारी व्यवस्था के तहत होता है। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान का विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की वर्तमान स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PAK सुप्रीम कोर्ट बोला-इमरान को 2 दिन में अस्पताल भेजें:कहा- बहनों से मिलना उनका अधिकार; 2023 से जेल में हैं पूर्व PM पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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