भारत के हर एक राज्य की अपनी एक खास और प्रसिद्ध मिठाई होती है। जोकि उस राज्य की संस्कृति और स्वाद का प्रतीक होती है। उत्तराखंड के कुमांऊ की एक ऐसी ही पारंपरिक मिठाई सिंगोड़ी है। जिसका स्वाद इतना टेस्टी और कमाल का होता है कि अगर आपने एक बार इसको चख लिया, तो बार-बार खाने का मन करेगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए कुमांऊ की फेमस मिठाई को बनाने की विधि के बारे में बताने जा रहे हैं।
सिंगोड़ी मिठाई बनाने की विधि
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की फेमस सिंगोड़ी मिठाई अपने अनोखे स्वाद और परोसने के तरीके के लिए जानी जाती है। इसको पारंपरिक रूप से मालू के पत्तों में लपेटा जाता है। इसको पारंपरिक रूप से मालू के पत्तों में लपेटा जाता है।
सामग्री
खोया या मावा- 400 से 500 ग्राम
चीनी के दाने या बूरा- ¾ कप (लगभग 150 ग्राम स्वादानुसार)
हरी इलायची पाउडर- 1 छोटा चम्मच
ताजा नारियल या नारियल का बुरादा- 1 कप
पानी- आधा कप
मालू या केले के पत्ते-5-7
गार्निशिंग के लिए- कटे हुए बादाम या पिस्ता (ऑप्शनल)
ऐसे बनाएं
उत्तराखंड की फेमस सिंगोड़ी मिठाई को बनाने के लिए सबसे पहले चाशनी तैयार करें। जब चीनी घुल जाए, तो इसमें कद्दूकस किया हुआ खोया या मावा डालकर मिलाएं। फिर 8-10 मिनट तक पकाने के लिए इसमें इलायची पाउडर और नारियल का बुरादा डालें। इसके बाद लो फ्लेम पर 2 से 3 मिनट तक पकाएं। इससे इलायची और नारियल का स्वाद इस मिश्रण में घुल जाएगा।
इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें। फिर मालू के पत्तों से शंकु बनाकर इसके कोनों पर टूथपिक लगाएं। ऐसा करने से यह खुलेंगे नहीं। अब इसमें तैयार किया हुआ मिश्रण भरें। ऊपर से पिस्ता या फिर बादाम डालकर सजाएं। इस आसान तरीके से सिंगोड़ी मिठाई बनकर तैयार है और इसको मेहमानों के सामने सर्व करें।
Continue reading on the app
चावल खाना हर किसी को काफी पसंद होता है। हर घर में इसको रोजाना बनाए जाता है। वैसे यह बिना किसी ज्यादा मेहनत के सबसे जल्दी बन जाता है। हम सभी डेली चावल घर में बनाते हैं, लेकिन फिर कुछ न कुछ गलती कर ही देते है। क्या आपके घर में बनने वाले चावल भी चिपचिपे हो जाते है? असल में चिपचिपे चावल खाने में स्वादिष्ट नहीं लगते है। हमेशा खिले-खिले चावल ही खाने में अच्छे लगते हैं। आइए आपको बताते हैं चावल बनाते समय किन चीजों का विशेष ध्यान रखना है।
चावल बिना धोए बनाना
अक्सर लोग चावल न धोने की भूल करते हैं। जिससे प्रोसेसिंग के समय चावल के दानों पर स्टार्च की एक परत जम जाती है। यदि आप इसको साफ नहीं करेंगे, तो बनने के दौरान चावल आपस में चिपक सकते हैं।
क्या करें
चावल को बनाने से पहले ठंडे पानी से दो से तीन बार अच्छे से धो लें। पानी को तब तक बदलते रहें जब तक यह पूरी तरह साफ दिखने लगे। इसका स्टार्च अच्छे से निकलना चाहिए।
बार-बार बर्तन का ढक्कन हटाना
जब चावल को पकाते हैं और आप बार-बार ढक्कन उठाकर देखते है, अंदर बनी भाप बाहर निकल जाती है। इससे बर्तन का तापमान गिरता है और चावल सही से नहीं पकते हैं।
क्या करें?
जब चावल उबलने लगे तो ढक्कन को बंद रहने दें। यदि आप अंदर देखना चाहते हैं, तो कांच के ढक्कन वाले बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पूरी तरह सूख जाए और आंच बंद कर दें, तभी बर्तन को करीब 10 मिनट तक ढका रहने दें। ऐसे भाप में चावल अपने आप सेट हो जाएगा।
नमक का इस्तेमाल न करें
चावल को आप सादे पानी में पकाते हैं, तो इससे स्वाद फीका लग सकता है, लेकिन चावल आपकी मुख्य डिश है। इसलिए सिंपल चावल उबलते समय चिपक जाते हैं।
क्या करें?
जब आप चावल चढ़ाएं तो पानी में थोड़ा नमक जरुर डालें। स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए पानी की जगह वेजिटेबल का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके साथ ही आप लौंग, छोटी इलायची या तेज पत्ता डालकर पका सकते हैं, इससे आपके चावल में खुशबू आएगी स्वाद भी अच्छा होगा।
पानी का गलत माप रखना
अक्सर लोग पानी की सही मात्रा चावल में नहीं डालते हैं। जिससे चावल सख्त हो जाते हैं या फिर बिल्कुल गल जाते हैं। ऐसे में इसकी सही मात्रा के बारे में पता होना बेहद जरुरी है।
क्या करें?
- अगर ब्राउन राइस बनाने हैं, तो 1 कप चावल के लिए 2.5 कप पानी चाहिए।
- व्हाइट लॉन्ग ग्रेन राइस के लिए आपको सिर्फ 1 कप चवाल के लिए 2 कप पानी चाहिए।
- बासमती या जैस्मिन राइस के लिए आप एक कप चावल के लिए 1.5 कप पानी डालें।
चावल को न भूनना
वैसे यह स्टेप सादे चावल के लिए जरुरी नहीं है, अगर आप पुलाव या फ्राइड राइस बनाना चाहती हैं, तो थोड़ा-सा भून लेने से इसका स्वाद काफी बढ़ जाता है और वह चिपचिपे भी नहीं बनें रहते हैं।
क्या करें?
उबालने से पहले पैन में थोड़ा-सा तेल या घी गरम कर लें। चावल को धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट भूनें। खुशबू आने लगे, तो तय मात्रा में पानी डालकर पकाएं।
Continue reading on the app