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Sun Images: क्या सूरज के रहस्य खुलने वाले हैं? पहली बार सामने आईं हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें, दिखे प्लाज्मा भंवर
Sun Surface Images: सूरज को इंसान सदियों से देखता आ रहा है, लेकिन उसकी सतह को इतनी बारीकी से पहले कभी नहीं देखा गया था। अब वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह की बेहद हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें रिकॉर्ड की हैं, जिनमें पहली बार छोटे-छोटे घूमते हुए प्लाज्मा भंवर (Plasma Vortices) दिखाई दिए हैं। यह खोज सूरज से जुड़े सबसे बड़े वैज्ञानिक रहस्यों में से एक को समझने में अहम साबित हो सकती है।
पहली बार इतने करीब से दिखी सूरज की सतह
सूरज पृथ्वी से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। इसका अत्यधिक तापमान और तेज रोशनी इसकी सतह का बारीकी से अध्ययन करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली डेनियल के. इनोए सोलर टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह की ऐसी तस्वीरें ली हैं, जिनमें बेहद छोटे-छोटे बदलाव भी साफ दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों में पहली बार प्लाज्मा के सूक्ष्म भंवर रिकॉर्ड किए गए हैं।
आखिर क्या है सूरज का सबसे बड़ा रहस्य?
आमतौर पर किसी भी गर्म चीज से दूर जाने पर उसका तापमान कम होता जाता है, लेकिन सूरज के साथ ऐसा नहीं होता। सूरज की दिखाई देने वाली सतह, जिसे फोटोस्फीयर कहा जाता है, उसका तापमान लगभग 5,500 डिग्री सेल्सियस है।
वहीं, उसकी सबसे बाहरी परत कोरोना का तापमान 10 लाख डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज्यादा होता है। यानी सतह से दूर जाने पर तापमान कम होने के बजाय कई गुना बढ़ जाता है। आखिर ऐसा क्यों होता है, यही सवाल पिछले कई दशकों से वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी पहेली बना हुआ है।
क्या हैं प्लाज्मा भंवर?
सूरज पर मौजूद पदार्थ सामान्य गैस नहीं, बल्कि बेहद गर्म और ऊर्जा से भरे कणों का मिश्रण होता है, जिसे प्लाज्मा कहा जाता है। जब इसकी तेज और धीमी धाराएं आपस में टकराती हैं, तो छोटे-छोटे घूमते हुए भंवर बनते हैं। वैज्ञानिक इन्हें केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ अस्थिरता (Kelvin-Helmholtz Instability) कहते हैं। ये भंवर सूरज की ऊर्जा को समझने की अहम कड़ी माने जा रहे हैं।
क्यों खास है यह खोज?
अब तक वैज्ञानिक इन भंवरों के बारे में सिर्फ कंप्यूटर मॉडल और गणितीय गणनाओं के आधार पर अनुमान लगाते थे। लेकिन पहली बार इन्हें वास्तविक तस्वीरों में देखा गया है।
इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि सूरज के अंदर ऊर्जा का प्रवाह कैसे होता है और उसका चुंबकीय क्षेत्र किस तरह काम करता है।
नई तस्वीरों में क्या दिखा?
नई हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में सूरज की सतह पर बेहद छोटे और घूमते हुए प्लाज्मा भंवर साफ दिखाई दे रहे हैं। ये संरचनाएं इतनी सूक्ष्म हैं कि पुराने टेलीस्कोप इन्हें रिकॉर्ड नहीं कर पाते थे। यही छोटी-छोटी संरचनाएं सूरज की ऊर्जा प्रणाली को समझने की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती हैं।
क्या अब सुलझेगा 70 साल पुराना रहस्य?
वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस खोज पर और रिसर्च की जरूरत है। लेकिन पहली बार मिले इन प्रत्यक्ष सबूतों से उम्मीद बढ़ी है कि प्लाज्मा के ये सूक्ष्म भंवर ही सूरज के कोरोना की असामान्य गर्मी का राज खोलने में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।
सूरज की सतह से मिली नई तस्वीरों ने अंतरिक्ष विज्ञान को एक नई दिशा दी है। यह खोज न सिर्फ वैज्ञानिकों को सूरज की प्रक्रिया समझने में मदद करेगी, बल्कि बेहतर भविष्यवाणी और पृथ्वी की तकनीकी प्रणालियों को सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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