Skoda SUV: काइलाक स्पोर्टलाइन भारत में लॉन्च, जानें कीमत और नए फीचर्स
Skoda SUV: स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपनी पॉपुलर सब-कॉम्पैक्ट SUV काइलाक के लाइन-अप में नया स्पोर्टलाइन वेरिएंट लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.32 लाख रुपये रखी गई है। नया वेरिएंट मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों गियरबॉक्स विकल्पों के साथ उपलब्ध है। स्पोर्टलाइन ट्रिम में SUV को रेगुलर मॉडल की तुलना में ज्यादा स्पोर्टी और डार्क लुक दिया गया है। इसके साथ ही एंट्री-लेवल काइलाक वेरिएंट्स में नए फीचर्स जोड़े गए हैं।
स्कोडा काइलाक स्पोर्टलाइन की कीमत
काइलाक स्पोर्टलाइन के 1.0 TSI मैनुअल वेरिएंट की कीमत 11.32 लाख रुपये और ऑटोमैटिक वर्जन की कीमत 12.32 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इस नए ट्रिम के शामिल होने के बाद काइलाक रेंज में अब कुल सात वेरिएंट हो गए हैं। इनमें Classic, Classic+, Signature, Signature+, Sportline, Prestige और Prestige+ शामिल हैं।
एक्सटीरियर में क्या हुआ बदलाव?
स्पोर्टलाइन वेरिएंट को रेगुलर काइलाक से अलग पहचान देने के लिए कई कॉस्मेटिक अपडेट किए गए हैं। SUV के ORVM, फ्रंट और रियर डिफ्यूजर समेत कई हिस्सों पर ब्लैक फिनिश दी गई है। इसके अलावा इसमें 17-इंच ब्लैक अलॉय व्हील और ब्लैक डुअल-टोन रूफ मिलती है।
रियर प्रोफाइल में फिनलेट्स वाला स्पॉइलर दिया गया है। वहीं स्पोर्टलाइन बैज और C-पिलर स्टिकर इसे दूसरे वेरिएंट्स से अलग पहचान देते हैं।
जो ग्राहक अपनी SUV को और ज्यादा स्पोर्टी बनाना चाहते हैं, उनके लिए कंपनी Sportline Accessories Pack भी पेश कर रही है। इसमें फ्रंट बंपर कॉर्नर गार्निश, डार्क-क्रोम ग्रिल गार्निश, स्कोडा लोगो वाला फेंडर गार्निश और ग्लॉसी-ब्लैक बॉडी-साइड मोल्डिंग शामिल हैं।
इंटीरियर और फीचर्स
काइलाक स्पोर्टलाइन के केबिन में भी ब्लैक थीम देखने को मिलती है। रूफ, डैशबोर्ड और डोर ट्रिम्स को डार्क शेड में रखा गया है। इसमें लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री, हेडरेस्ट पर स्पोर्टलाइन ब्रांडिंग और कॉन्ट्रास्ट स्टिचिंग दी गई है। इसके अलावा एल्युमीनियम पैडल भी मिलते हैं।
फीचर्स की बात करें तो SUV में एम्बिएंट लाइटिंग, वायरलेस चार्जिंग, इलेक्ट्रिक सनरूफ, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, 10.7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 8-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले शामिल हैं।
इंजन और गियरबॉक्स
स्कोडा काइलाक स्पोर्टलाइन में कंपनी का 1.0-लीटर TSI टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 114 bhp की पावर और 178 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है।
इन वेरिएंट्स में भी जुड़े नए फीचर्स
स्पोर्टलाइन की लॉन्चिंग के साथ स्कोडा ने काइलाक के एंट्री-लेवल वेरिएंट्स में भी कुछ अपडेट किए हैं। Classic, Classic+ और Signature ट्रिम्स में अब ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और रियर डिफॉगर जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं।
फिलहाल भारत में Skoda Kylaq की एक्स-शोरूम कीमत 7.59 लाख रुपये से 12.99 लाख रुपये के बीच है। नए स्पोर्टलाइन वेरिएंट के साथ कंपनी ने इस सब-कॉम्पैक्ट SUV के लाइन-अप में स्पोर्टी स्टाइल और अतिरिक्त फीचर्स का विकल्प भी जोड़ दिया है।
(मंजू कुमारी)
Himachal Assembly हंगामे के बाद सोमवार तक स्थगित, राष्ट्रगान पर सत्तापक्ष और विपक्ष भिड़े
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में लगातार दूसरे दिन वंदे मातरम् के मुद्दे पर हंगामा हुआ। इस दौरान सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, जो बाद में सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दोहराया कि भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया।
इस पर नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से शुक्रवार को सदन में राष्ट्रगान गाए जाने का वीडियो चलाने का आग्रह किया, ताकि यह पता चल सके कि भाजपा विधायकों ने वास्तव में राष्ट्रगान का अपमान किया था या नहीं। ठाकुर ने शुक्रवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाए जाने का मुद्दा भी उठाया। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस ने ही देश का निर्माण किया और इसके लिए बलिदान दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सदस्य नाटकबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही भाजपा विधायकों ने अपने हाथ उठा दिए थे, जो राष्ट्रगान का अपमान है।
उन्होंने पिछले साल मानसून के दौरान आई आपदा की एक घटना को याद करते हुए कहा कि सिराज में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के वाहन पर जूते और कपड़े फेंके थे, जिस पर तिरंगा लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि यह तिरंगे का घोर अपमान था। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
दोनों पक्षों के सदस्य नारे लगाते रहे, जिसके बाद आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। ठाकुर ने कहा कि अगर वीडियो से यह साबित होता है कि किसी भी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया था, तो मुख्यमंत्री को सदन के अंदर और बाहर झूठे आरोप लगाने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असली अपमान कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत का हुआ था।
ठाकुर ने कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान वंदे मातरम् को छोटा किया गया था। उन्होंने कहा कि देश का शासन संविधान के अनुसार चलेगा, न कि सीडब्ल्यूसी के एजेंडे के अनुसार। सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस की देन हैं और ये किसी खास धर्म या राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि देश के हैं।
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि पाकिस्तान भी कांग्रेस की देन है।
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