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मायावती के आरोपों पर Akhilesh Yadav का पलटवार, कहा- SP कभी गठबंधन नहीं तोड़ती

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को 1995 की लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस घटना के बारे में बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती की टिप्पणियों पर बात की। उन्होंने कहा कि SP ने कभी गठबंधन नहीं तोड़ा और हमेशा अपने सहयोगियों का साथ दिया है। मायावती ने समाजवादी पार्टी पर अपने फायदे के लिए गठबंधन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। उन्होंने 1995 की उस घटना का ज़िक्र किया जब BSP ने उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और आरोप लगाया था कि SP कार्यकर्ताओं ने स्टेट गेस्ट हाउस में उन पर हमला किया था।
 

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती; हम हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़े रहते हैं। जो कोई भी सवाल उठाना चाहता है, उसे बीजेपी से सवाल पूछना चाहिए। अभी चीनी महंगी हो गई है; वे पेट्रोल में इथेनॉल मिला रहे हैं और मुनाफ़े के लिए चीनी ऊँची कीमतों पर बेच रहे हैं। यादव ने गरीबी और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना की। उन्होंने 15 करोड़ लोगों को राशन देने के सरकार के दावे पर सवाल उठाए और सरकार से लाभार्थियों की आय का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अगर जापान के उस बच्चे ने थोड़ी रिसर्च की होती, तो वह मुख्यमंत्री के साथ फ़ोटो खिंचवाने की हिम्मत नहीं करता। उन्हें 15 करोड़ लोगों को राशन बांटना पड़ रहा है; सरकार को इन 15 करोड़ गरीब लोगों की आय का ब्योरा देना चाहिए। वे गरीबों को कमजोर कर रहे हैं; सरकार खुद मानती है कि देश में 15 करोड़ गरीब लोग हैं। समाजवादी पार्टी अपनी सभी सीटों के लिए तैयारी कर रही है और दोगुनी रफ़्तार से ऐसा कर रही है।
 

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शिक्षा और स्कूल के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए, यादव ने वादा किया कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो वह प्राइमरी स्कूलों को बेहतर बनाने पर ध्यान देगी। उन्होंने बीजेपी सरकार पर उन स्कूलों को बंद करने का आरोप लगाया जिन्हें पहले प्राइवेट-स्टाइल के संस्थानों के तौर पर विकसित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि एक बार जब समाजवादी पार्टी सरकार बना लेगी, तो हम प्राइमरी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान, हमने लखनऊ में 'अभिनव स्कूल' बनाने का प्रस्ताव रखा था। बीजेपी सरकार उन स्कूलों को बंद कर रही है जिन्हें कभी 'प्राइवेट-स्टाइल' स्कूल कहा जाता था, ताकि बच्चे शिक्षा न पा सकें। हमने लखनऊ में बच्चों को सेंट्रल किचन से गर्म खाना उपलब्ध कराने का एक प्रोग्राम शुरू किया था। हमारी भविष्य की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी कि बच्चों को बेहतर और पौष्टिक भोजन मिले। समाजवादी पार्टी की सरकार में, हम बच्चों को मशीनों से बनी और घी लगी रोटियां उपलब्ध कराएंगे।

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पुणे में Rahul Gandhi के कार्यक्रम में 'पैसे की गूंज'? BJP ने लगाया Influencers को ₹35,000 देने का आरोप

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे में छात्रों से जुड़े राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘‘पैसे की गूंज’’ करार देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए। भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दावा किया कि राहुल के प्रति ‘जेन जी’ का बढ़ता समर्थन देखकर भाजपा घबरा गई है। भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 35,000 रुपये तक दिए और इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि युवाओं के बीच गांधी का बढ़ता प्रभाव देखकर भाजपा नेता डरे हुए हैं।

गांधी का शनिवार को पुणे में खास तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने का कार्यक्रम हैं। बन ने भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मुंबई स्थित मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को कार्यक्रम में आने और सोशल मीडिया पर इसका प्रचार करने के लिए पैसे देकर कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लोगों का स्वत: समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने दावा किया कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पुणे के कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए 30,000 से 35,000 रुपये देने की पेशकश की जा रही है जिसमें उनकी यात्रा का खर्च और सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का प्रचार करने का खर्च शामिल है। बन ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘पैसे की गूंज’ है। कांग्रेस पैसे देकर भीड़ जुटा रही है।’’

उन्होंने दावा किया कि अगर करीब 3,000 लोगों को प्रति व्यक्ति 30,000 से 35,000 रुपये दिए गए हों तो कुल खर्च नौ से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। बन ने कहा, ‘‘यह पैसा कहां से आया? इसे कौन दे रहा है और यह किसके जरिए बांटा जा रहा है? इस पैसे का आधिकारिक हिसाब क्या है?’’ भाजपा प्रवक्ता ने इस धन के स्रोत की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका कोई संबंध विदेशी वित्त पोषण या कांग्रेस शासित राज्यों में ठेकों, कमीशन अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए कथित तौर पर जुटाए गए धन से है। उन्होंने पैसा बांटने में कथित तौर पर शामिल संगठनों और लोगों को लेकर भी जांच की मांग की।

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्याय ने आरोप लगाया कि गांधी का पुणे कार्यक्रम छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर एक राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश है। उपाध्याय ने कहा, ‘‘कार्यक्रम का नाम भले ही ‘छात्रों की गूंज’ है, लेकिन वास्तव में यह राहुल गांधी की राजनीतिक लड़ाई है।’’ उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी 100 चुनाव हार चुके हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक अपनी राजनीति की स्पष्ट दिशा तय नहीं कर पाए हैं। उपाध्याय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं तलाश पाए हैं।

झूठे विमर्श गढ़ने के लिए आरोप-प्रत्यारोप लगाने और तरह-तरह के राजनीतिक प्रयोगों के बावजूद लोग उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।’’ कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ के बीच गांधी को मिल रहे बढ़ते समर्थन से सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘घबरा गई’’ है। उन्होंने भाजपा पर पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सावंत ने कहा कि भाजपा के नेता गांधी से उसी तरह भयभीत नजर आ रहे हैं, जैसे मुगल सेना मराठा योद्धाओं संताजी घोरपडे और धनाजी जाधव से होती थी।

सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा राहुल गांधी से इतनी घबरा गई है कि उसके नेताओं को शायद वह सपने में भी दिखाई देते हैं, जैसे मुगल सेना को संताजी और धनाजी दिखाई देते थे।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में गांधी के कार्यक्रम स्थल के पास प्रशासन ने मलजल छोड़ दिया ताकि युवाओं को वहां आने से रोका जा सके। सावंत ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के कार्यक्रम पर कई पाबंदियां लगाई हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने शुक्रवार को ‘‘मनमानी’’ की।

उन्होंने कहा, ‘‘वे चाहे जितना विरोध करें या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, जेन जी देश को बता देगा कि भाजपा को नकार दिया गया है।’’ सावंत ने कहा कि गांधी अपनी राजनीतिक राह पर आगे बढ़ते रहेंगे। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता महेश तपासे ने एबीवीपी पर पुणे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि कार्यक्रम पर सवाल उठाकर भाजपा अपने ‘‘बौद्धिक दिवालियापन’’ का परिचय दे रही है।

तपासे ने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे हैं तो भाजपा इससे क्यों डर रही है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के तहत नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि वे किन विचारों को सुनना, स्वीकार करना या खारिज करना चाहते हैं। देश के युवाओं ने अब भाजपा की विचारधारा को खारिज करने का फैसला कर लिया है और इसीलिए भाजपा घबराई हुई है।

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  Sports

शुभमन गिल ने किया वो कारनामा जो कोई भारतीय कप्तान नहीं कर पाया, WTC में रचा इतिहास

shubman gill wtc runs: शुभमन गिल ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के एक एडिशन में 1000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं. कोलंबो टेस्ट से पहले वह इस मुकाम से 26 रन दूर थे. मैच की पहली पारी में गिल ने फिफ्टी बनाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. गिल ने 50 रन बनाए. Sun, 23 Aug 2026 15:38:28 +0530

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