केके की आवाज में बसता था हर दिल का अफसाना, कभी अपने प्यार को पाने के लिए की थी सेल्समैन की नौकरी
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। "कोई कहे, कहता रहे कितना भी हमको दीवाना, हम लोगों की ठोकर में है ये जमाना, जब साज है, आवाज है, फिर किसलिए हिचकिचाना।" यह वो आवाज थी जो बस दिल में उतर जाती थी। यह आवाज कॉलेज के गलियारों में गूंजती थी। यह आवाज कानों में ईयरफोन लगाकर सुनी गई पहली मोहब्बत की भी थी। बात हो रही है कि दिवंगत गायक केके की।
केके की आवाज में बसता था हर दिल का अफसाना, कभी अपने प्यार को पाने के लिए की थी सेल्समैन की नौकरी
केके की आवाज में बसता था हर दिल का अफसाना, कभी अपने प्यार को पाने के लिए की थी सेल्समैन की नौकरी
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