गोविंदा-सुनीता के रिश्ते पर भांजी आरती सिंह बोलीं:परिवार से बात करूंगी, दुनिया को बताने की जरूरत नहीं; फुटेज लेने वालों पर कसा तंज
गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनकी भांजी और एक्ट्रेस आरती सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में एक कार्यक्रम में पैपराजी ने उनसे मामा गोविंदा और मामी सुनीता के रिश्ते को लेकर सवाल किया। आरती ने कहा कि वह अपने से बड़ों के मामले में नहीं बोलतीं और यह परिवार का निजी मामला है। उन्होंने कहा कि जो महसूस करती हैं, वह परिवार के लोगों से साझा करेंगी, दुनिया को बताने की जरूरत नहीं है। इस दौरान उन्होंने विवाद से फुटेज लेने की कोशिश करने वालों पर भी तंज कसा। परिवार के मामले में बोलने से आरती ने किया इनकार गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार खबरें आ रही हैं। इसी बीच आरती सिंह से इस मामले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आरती ने कहा कि वह अपने से बड़ों के बीच नहीं बोलतीं। उन्होंने इसे गोविंदा और सुनीता का मामला बताते हुए कहा कि वह परिवार के निजी मसले पर सार्वजनिक राय नहीं रखना चाहतीं। उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले में बीच में नहीं पड़ेंगी, क्योंकि वह परिवार का हिस्सा हैं। बोलीं- मामी और परिवार से बात करूंगी आरती ने बताया कि वह जो महसूस कर रही हैं, उसे परिवार के लोगों के साथ साझा करेंगी। उन्होंने कहा कि वह कृष्णा अभिषेक को फोन करके बात करेंगी। इसके अलावा टीना आहूजा, यशवर्धन आहूजा, सुनीता आहूजा और अपनी मां से भी भावनाएं साझा करेंगी। आरती का कहना था कि उनकी जो भी फीलिंग है, उसे परिवार तक पहुंचाना जरूरी है, लेकिन पूरी दुनिया को बताने की जरूरत वह नहीं समझतीं। यानी उन्होंने इस मामले पर सार्वजनिक बयान देने के बजाय परिवार के भीतर बातचीत को प्राथमिकता दी। 'जो लोग फुटेज लेना चाहते हैं, वो अच्छा वाला ले रहे हैं' आरती ने उन लोगों पर भी तंज कसा, जो गोविंदा और सुनीता के विवाद पर लगातार प्रतिक्रियाएं लेने की कोशिश कर रहे हैं। पैपराजी से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैंने जैसा कहा पहले भी, मैं अपने से बड़ों के बीच में नहीं बोलती हूं। ये उनका मामला है और जो लोग फुटेज लेना चाहते हैं, वो बहुत अच्छे से ले रहे हैं। मैं उनमें से नहीं हूं, क्योंकि मैं परिवार का हिस्सा हूं।” आरती के इस बयान से साफ है कि वह इस पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाने से बचना चाहती हैं। करीब डेढ़-दो साल से चर्चा में है गोविंदा-सुनीता का विवाद गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते में तनाव की खबरें पिछले करीब डेढ़ से दो साल से आती रही हैं। इस दौरान दोनों के रिश्ते को लेकर कई चर्चाएं हुईं। हालिया घटनाक्रम में सुनीता ने गोविंदा के खिलाफ दायर तलाक की याचिका वापस ले ली। तलाक की याचिका वापस लेने के बाद सुनीता को बेटे यशवर्धन आहूजा और वकील के साथ फैमिली कोर्ट के बाहर देखा गया था। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने भी याचिका वापस लिए जाने की पुष्टि की थी। सुनीता ने गोविंदा के अफेयर को लेकर लगाए थे आरोप इस विवाद के दौरान सुनीता आहूजा ने गोविंदा के कथित अफेयर को लेकर कई बार सार्वजनिक तौर पर बातें कीं। हाल में गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखे जाने पर भी सुनीता ने प्रतिक्रिया दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनीता ने गोविंदा और कोमल रानी के रिश्ते को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने गोविंदा को कोमल का 'शुगर डैडी' तक कहा था। हालांकि, गोविंदा के मैनेजर ने दूसरी शादी की चर्चाओं और इन दावों का खंडन किया है। गोविंदा भी दे चुके हैं प्रतिक्रिया सुनीता के बयानों के बाद गोविंदा की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई थी। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सुनीता के बयानों और भाषा पर आपत्ति जताई थी। इस विवाद के बीच गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने भी मामले के सार्वजनिक होने पर सवाल उठाए और कहा था कि परिवार की बातें घर के भीतर बैठकर सुलझाई जा सकती थीं। फिलहाल सुनीता द्वारा तलाक की याचिका वापस लेने के बाद गोविंदा और सुनीता के रिश्ते की वास्तविक स्थिति को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वहीं, आरती सिंह ने सार्वजनिक राय देने से दूरी बनाकर साफ कर दिया है कि वह अपनी भावनाएं परिवार के लोगों से साझा करना चाहती हैं, न कि मीडिया या सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने रखना। _________________________ यह खबर भी पढ़ें.. पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी करने वाले थे गोविंदा:सुनीता बोलीं- इसलिए तलाक का केस लिया वापस, सोचो बीवी होकर मुझे कैसा लगता है गोविंदा से अनबन के बीच पत्नी सुनीता ने 19 अगस्त को बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचकर तलाक का केस वापस ले लिया है। अब सुनीता की मानें तो गोविंदा, गर्लफ्रेंड कोमल से दूसरी शादी का प्लान बना रहे थे, यही वजह है कि सुनीता ने विरोध करते हुए तलाक का केस वापस ले लिया है।पूरी खबर पढ़ें..
BCCI को टाइटल स्पॉन्सर के लिए नहीं मिली बोली:गूगल जेमिनी और SBI लाइफ से बातचीत; बेस प्राइस 4.85 करोड़ प्रति मैच
भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सर के अधिकारों के लिए बोली प्रक्रिया अभी खुली हुई है। अब तक इन्हें खरीदने में किसी कंपनी की खास दिलचस्पी सामने नहीं आई है। BCCI ने बोली जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त तय की थी। Cricbuzz के मुताबिक, या तो कोई बोली नहीं मिली या मिली बोलियां बोर्ड की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। इस रेस में गूगल का एआई ब्रांड 'Gemini' सबसे आगे नजर आ रहा है, जो हाल ही में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स से जुड़ा है। इसके अलावा, सरकारी क्षेत्र की बड़ी बीमा कंपनी 'SBI Life' से भी BCCI की चर्चा चल रही है। BCCI ने बेस प्राइस में 15.5% की बढ़ोतरी की अब तक डील फाइनल ना होने की वजह बेस प्राइस को माना जा रहा है। BCCI ने इसे 4.85 करोड़ रुपए प्रति मैच रखा है, जो मौजूदा 4.2 करोड़ रुपए से करीब 15.5% ज्यादा है। मौजूदा स्पॉन्सर IDFC First Bank, बोर्ड को हर घरेलू मैच के लिए 4.2 करोड़ रुपए देता है। बैंक ने 3 साल पहले ये अधिकार जीते थे। इस बार BCCI केवल दो साल के लिए अधिकार बेच रहा है, जो 31 मार्च 2028 तक रहेगा। इसमें करीब 35 होम इंटरनेशनल मैच शामिल होंगे। इनमें 10 टेस्ट, 12 वनडे और 13 टी20 इंटरनेशनल मैच होंगे। पिछली डील में 55 इंटरनेशनल मैच थे पिछली अवधि में 55 इंटरनेशनल मैच हुए थे। इसके लिए IDFC First Bank को करीब 231 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे। अगर नया स्पॉन्सर बेस प्राइस पर अधिकार हासिल करता है, तो BCCI को दो साल में टाइटल स्पॉन्सरशिप से कम से कम 171 करोड़ रुपए मिलेंगे। अगर बोली बेस प्राइस से ज्यादा रही, तो BCCI की कमाई भी इससे ज्यादा होगी। इस अधिकार के लिए कई पार्टियों ने 'इंवीटेशन टू टेंडर' यानी ITT खरीदा है। टेंडर 20 जुलाई को 1 लाख रुपए की बिना फीस की शर्त पर बिक्री के लिए रखा गया था। GroupM, ITW और Sporty Solutions जैसी पार्टियों और एजेंसियों ने ITT दस्तावेज खरीदा है। इसे खरीदने की आखिरी तारीख 5 अगस्त थी। पहला घरेलू इंटरनेशनल 27 सितंबर को BCCI के पास सौदे पर बातचीत के लिए समय है, क्योंकि सीजन का पहला घरेलू इंटरनेशनल मैच 27 सितंबर को होगा। वेस्टइंडीज टीम भारत दौरे पर आएगी। सितंबर के बीच में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी। हालांकि, ये अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के घरेलू मैच होंगे। एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए भी RFQ पिछली प्रक्रियाओं से अलग इस बार BCCI ने अपने आयोजनों के एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए भी रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (RFQ) जारी किया है। इसके लिए बोली जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है। एसोसिएट पार्टनर का सिलेक्शन टाइटल स्पॉन्सर तय होने के बाद ही किया जा सकता है। टाइटल स्पॉन्सर और एसोसिएट पार्टनर एक ही सेक्टर से नहीं हो सकते। BCCI ने इस कैटेगरी के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए हैं। इसमें पेय पदार्थों के ब्रांड्स को ज्यादा रकम देनी होगी। BCCI ने कहा, “अधिकार अवधि के दौरान हर चार्जेबल मैच के अधिकारों के लिए रिजर्व प्राइस 95 लाख रुपए प्रति चार्जेबल मैच है।” बोर्ड ने आगे कहा, “अगर एसोसिएट पार्टनर का ब्रांड या प्रोडक्ट कैटेगरी ठंडे पेय पदार्थों की है, तो रिजर्व प्राइस 1.15 करोड़ रुपए प्रति चार्जेबल मैच होगा।”
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 








