नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने उन आरोपों का संज्ञान लिया है जिनमें कहा गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगे थे। ये आरोप NHRC में दर्ज कराई गई एक शिकायत में बताए गए थे, जिसमें कहा गया था कि ये आरोप पंजाब के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह ने लगाए थे। प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों से कहा गया है कि वे दो हफ़्ते के अंदर आयोग को 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) सौंपें। NHRC ने यह मामला भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग को भी भेजा है। आयोग ने कहा है कि 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' मिलने के बाद वह आगे की कार्रवाई पर फ़ैसला करेगा। NHRC ने एक बयान में कहा कि लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में चिंता जताई गई है कि इस तरह के दखल से पीड़ित के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसमें आरोपों की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और जांच को कमजोर करने या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
NHRC ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने इस बात पर जोर दिया था कि किसी भी तरह के प्रभाव से पीड़ित के न्याय पाने के अधिकार से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा की शिकायतकर्ता इस बात पर ज़ोर देता है कि रेप पीड़िता के न्याय पाने के अधिकार को किसी भी तरह के प्रभाव, रुतबे या पद से ऊपर रखा जाना चाहिए। मानवाधिकार संस्था के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों से पहली नज़र में ऐसा लगता है कि पीड़िता के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। इसलिए, आयोग ने पंजाब के संबंधित अधिकारियों को इन आरोपों की जांच करने और अपने निर्देशों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया।
भाजपा ने मांगा इस्तीफा
बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के नोटिस के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर से जुड़े आरोपों पर जवाब दें। कालिया ने सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वह पूरी तरह ईमानदार से पूरी तरह बेईमान हो गई है। उन्होंने मंत्रियों और अहम विधायकों पर लगे भ्रष्टाचार के कई आरोपों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब इस मामले में मुख्यमंत्री का परिवार भी शामिल हो गया है।
कालिया ने कहा कि असल बात यह है कि NHRC ने पंजाब के DGP से रिपोर्ट मांगी है। यह पूरा मामला पूर्व जस्टिस सरदार रंजीत सिंह ने उठाया है। इसका मतलब है कि पूर्व जस्टिस ने कोई बेबुनियाद दावा नहीं किया होगा; बल्कि, ये आरोप तथ्यों पर आधारित हो सकते हैं। उन्होंने पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल से मान के इस्तीफे की मांग करने को भी कहा और कहा कि इसे देखते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सफाई देनी चाहिए और पार्टी प्रमुख श्री केजरीवाल को भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।
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अमेठी (उप्र) 22 अगस्त केंद्र सरकार ने अमेठी के फुर्सतगंज में स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत विश्वविद्यालय अपनी एयरोस्पेस गतिविधियों का विस्तार अतिरिक्त 500 एकड़ ज़मीन पर करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया है कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को इसके लिए ज़मीन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।
आरजीएनएयू के कुलपति प्रो. बीएन सिंह ने पत्रकारों को बताया, ‘‘ यह देश का एक मात्र विमानन विश्वविद्यालय है और ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य में इसकी अहम भूमिका होने वाली है। उन्होंने कहा कि इसके एयरोस्पेस के विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था जिसे केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति देते हुए 500 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है।’’
कुलपति ने बताया कि राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध होते ही ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ विकसित करने का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि भूमि के सर्वेक्षण का काम चल रहा है।
सिंह ने कहा कि गत दिनों उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और उन्होंने कहा था कि शीघ्र भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि 500 एकड़ की प्रस्तावित भूमि पर अत्याधुनिक लैब, रिसर्च सेंटर और आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। कुलपति के अनुसार, संस्थान ने 2033 तक छात्रों की संख्या बढ़ाकर 17,000 करने के लिए एक ‘डेवलपमेंट मॉडल’ तैयार किया है।
अभी यहां 595 छात्र हैं। राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, फुर्सतगंज 2013 में नागर विमानन मंत्रालय के तहत स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय है और यह विमानन एवं एयरोस्पेस शिक्षा के लिए देश का एकमात्र संस्थान है।
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